यूपी में 17 फरवरी से एक्टिव होगा पश्चिमी विक्षोभ:2-3 डिग्री बढ़ा तापमान, अयोध्या रहा सबसे ठंडा शहर

उत्तर प्रदेश में कड़ाके की ठंड और शीतलहर के लंबे दौर के बाद अब मौसम के तेवर बदलते नजर आ रहे हैं। सुबह-शाम की सिहरन अभी भी लोगों को गर्म कपड़ों का सहारा लेने पर मजबूर कर रही है, लेकिन दिन में खिल रही धूप ने ठंड की विदाई के संकेत देने शुरू कर दिए हैं। ऐसे में प्रदेशवासियों के मन में सवाल है कि क्या सर्दी का दौर अब समाप्ति की ओर है या फिर मौसम कोई नया मोड़ लेने वाला है। लखनऊ स्थित मौसम केंद्र ने प्रदेश के ताजा मौसम को लेकर महत्वपूर्ण पूर्वानुमान जारी किया है। वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार फिलहाल राज्य में किसी बड़े मौसमी सिस्टम या पश्चिमी विक्षोभ का असर देखने को नहीं मिल रहा है। उन्होंने बताया कि आगामी दो दिनों के दौरान अधिकतम और न्यूनतम तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस तक की क्रमिक बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। 2 तस्वीरें देखिए.. अतुल कुमार सिंह ने कहा-17 तारीख को पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ अलग-थलग (आइसोलेटेड) इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। हालांकि यह प्रभाव सीमित क्षेत्रों तक ही रहने की संभावना है और व्यापक वर्षा के संकेत नहीं हैं। तापमान की बात करें तो अगले तीन दिनों तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव (नो लार्ज चेंज) नहीं होगा। इसके बाद तापमान में धीरे-धीरे 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। कुल मिलाकर प्रदेश में मौसम फिलहाल सामान्य और स्थिर बना रहेगा, जबकि 17 तारीख को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश की संभावना बनी हुई है। सरसों, आलू, मटर की फसलों को नुकसान का खतरा
कड़ाके की ठंड के बीच ओले और बरसात का असर रबी की फसलों पर दिखाई दे रहा है। गेहूं की फसल के लिए यह मौसम अच्छा है। सरसों, आलू, मटर की फसलों पर बीमारियों का खतरा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि कीट और रोग का प्रकोप होने पर तुरंत इलाज करें। दवा का छिड़काव तभी करें, जब मौसम साफ हो। फरवरी के अंत तक ठंड का असर खत्म होगा
फरवरी महीने में तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगा है। वसंत आने के साथ ठंड का असर भी कम होने लगता है। मौसम वैज्ञानिक महेश पलावत के मुताबिक, फरवरी में तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। लेकिन, यह राहत ज्यादा समय तक टिकने वाली नहीं। बीच-बीच में पश्चिमी विक्षोभ की वजह से तापमान में कुछ समय के लिए गिरावट भी देखने को मिल सकती है। इसके बावजूद फरवरी के अंत तक यूपी से ठंड पूरी तरह विदा हो जाएगी। खेती-किसानी के लिए कैसा रहेगा फरवरी
बीएचयू के कृषि विभाग के वैज्ञानिक प्रो. पीके सिंह के मुताबिक, गेहूं की फसल के लिए फरवरी का मौसम सामान्य रूप से अनुकूल माना जा रहा। हालांकि, दलहनी फसलों के लिए मौसम अनुकूल नहीं है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बारिश और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। पीके सिंह कहते हैं- बारिश और ओलावृष्टि होने पर गेहूं की बढ़वार प्रभावित हो सकती है। जबकि, दलहनी और अन्य फसलों को नुकसान पहुंचने का खतरा रहेगा। वहीं, बारिश के बाद अगर पाला पड़ता है, तो इसका असर खासतौर पर आलू और मटर की फसलों पर पड़ सकता है। इससे किसानों को नुकसान झेलना पड़ सकता है। —————————-