गाजियाबाद में किसानों पर पुलिस ने बरसाईं लाठियां:खेतों में दौड़ाकर पीटा, गुस्साई भीड़ ने भी पत्थर मारे; डंपिंग ग्राउंड का विरोध कर रहे थे

गाजियाबाद में डंपिंग ग्राउंड को लेकर रविवार को बवाल हो गया। ट्रॉनिका सिटी में बन रहे डंपिंग ग्राउंड का किसान विरोध कर रहे थे। इसी बीच प्रदर्शन कर रहे किसानों और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। पुलिस उनको जबरिया हटाने लगी और गाड़ियों में भरना शुरू किया, तो किसान उग्र हो गए। इस पर गुस्साई भीड़ ने पथराव शुरू कर दिया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसमें कई महिलाएं और बुजुर्ग घायल हो गए। एक बुजुर्ग महिला तो बेहोश हो गई। गांववालों का दावा है कि करीब 25 लोग घायल हुए हैं। एक महिला के सिर में गंभीर चोट लगी है, वहीं एक ग्रामीण का कूल्हा टूट गया। किसानों का कहना है कि हम सिर्फ अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठे थे। यहां डंपिंग ग्राउंड बनने से पूरे इलाके में बदबू फैलती है। लोग बीमार होते हैं। इस जमीन पर स्कूल या अस्पताल बनाया जाना चाहिए, न कि कूड़ाघर। मामला ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र का है। तस्वीरें देखिए… किसान डंपिंग ग्राउंड का कर रहे विरोध
मीरपुर हिंदू गांव में डंपिंग ग्राउंड बना है। इसके विरोध में किसान और ग्रामीण धरना दे रहे थे। इसी बीच वहां पहुंची पुलिस से उनकी नोकझोंक हो गई। स्थिति उस समय बिगड़ गई, जब पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को हटाने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। इसमें कई किसान, महिलाएं और बुजुर्ग घायल हो गए। गांववालों का कहना है कि वे शांतिपूर्वक धरना दे रहे थे। अचानक पुलिस ने लोगों को जबरन गाड़ियों में बैठाना शुरू कर दिया। जब महिलाओं ने इसका विरोध किया, तो उन पर भी लाठियां चलाई गईं। वहीं, ACP लोनी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि पुलिस की तरफ से लाठीचार्ज नहीं हुआ है। केवल हल्का बल प्रयोग किया गया है। गाजियाबाद में बवाल का अपडेट जानने के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए