अखिलेश बोले- मुख्यमंत्री 2017 के पहले उपद्रवी थे:झगड़ा, हिंदू-मुसलमान, आगजनी कराना उनका काम है; समाजवादियों ने उन्हें बचाया

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सीएम योगी के आरोपों पर पलटवार किया है। अखिलेश ने कहा, मुख्यमंत्री खुद उपद्रवी थे। उनके ऊपर जो मुकदमे लगे हैं, वह 2017 से पहले के हैं। ये मुकदमे समाजवादियों ने नहीं लगाया है। समाजवादियों ने तो बचाया है। ये हम स्वीकार करते हैं, गलती है समाजवादियों की कि वे सहानभूति रखते हैं कभी-कभी। लेकिन सच्चाई ये है कि उपद्रव, लोगों में झगड़ा कराना, हिंदू मुसलमान करना, आगजनी कराना, नफरत फैलाना ये मुख्यमंत्री का काम रहा है। ये मुख्यमंत्री पर धाराएं थीं। ये मैं नहीं कह रहा हूं, हमारे देश के पूजनीय शंकराचार्य जी कह रहे हैं। शंकराचार्य जी यहां तक कह रहे हैं कि लोकतंत्र के मंदिर में गुंडई भाषा अगर कोई इस्तेमाल कर रहा है तो ये हमारे चीफ मिनिस्टर बिष्ट साहब हैं। दरअसल, सीएम योगी ने सोमवार को विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर बोलते हुए सपा पर निशाना साधा। कहा, 2017 से पहले प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब थी और ‘गुंडे व माफिया समानांतर सरकार’ चला रहे थे। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि उस समय ‘वन डिस्ट्रिक्ट, वन माफिया’ जैसी स्थिति थी और प्रदेश की छवि अराजकता से जुड़ी हुई थी। अखिलेश बोले- हथियार तैयार हैं, फील्डिंग सेट कर रखी है सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर वोट कटवाने की साजिश का आरोप लगाया। उन्होंने लखनऊ में सोमवार को कहा- भाजपा की सीक्रेट बैठक में तय हुआ था कि हर लोकसभा में वोट कटवाया जाएगा, जहां-जहां सपा जीती है। हमारे नगर अध्यक्ष के नकली दस्तखत से हमारे ही वोटर का वोट कटवा दिया। यह सब सुनियोजित तरीके से हो रहा। यूपी का चुनाव वो जीत नहीं रहे, इसलिए वोट कटवाने के माध्यम से वो हम सबको उलझाए हैं। अखिलेश ने कहा- ‘दबदबा’ गाना आ चुका है। पंचायत चुनाव हो या न हो, लेकिन गाना तो सुनिए। कल को दिल्ली वाले आकर कह दें कि समाजवादियों ने गाना बनवाया है। इसलिए हमने वेपन तैयार रखे हैं। एकदम फील्डिंग लगाकर रखी है। बीजेपी को हक छीनने में खुशी मिलती है। अखिलेश ने ‘दबदबा बना रहेगा’ गाना भी चलवाया। गाना खत्म होने के बाद कहा- लखनऊ वाले दिल्ली वालों के लिए गाना बना रहे हैं। गोरखपुर में लोगों की आंखें खराब हो रही हैं। गोरखपुर की देखभाल कौन कर रहा? अखिलेश की बड़ी बातें पढ़िए- 1- सपा विधायक की पत्नी का वोट कटवा दिया
अखिलेश यादव ने कहा- सपा कार्यकर्ता नंदलाल के नाम से फार्म-7 भरकर 16 मतदाताओं के नाम कटवा दिए गए। नगर अध्यक्ष के फर्जी हस्ताक्षर कर वोट कटवाए गए। जब इसकी शिकायत जिलाधिकारी से की गई, तो उन्होंने बताया कि ऐसे कोई फार्म जमा ही नहीं हुए। सपा विधायक जियाउद्दीन रिजवी की पत्नी का वोट कटवा दिया गया। उनसे कहा गया कि नाम तभी जुड़ेगा, जब “आप खाना खिलवाएंगे।” सपा ने 47 फॉर्म- 7 भरे, भाजपा ने 1789 फॉर्म- 7 भरे हैं। अज्ञात ने 1 लाख 28 हजार 659 फॉर्म- 7 भरे हैं। ये जो अज्ञात हैं, ये सब भाजपा वाले है, जो PDA समाज का वोट काट रहे। 2- पीडीए वोटर्स की टार्गेटेड डकैती हो रही
सपा प्रमुख ने कहा- अयोध्या का डेटा निकाला गया तो 181 नोटिस मिले, जिनमें 76% PDA समाज से जुड़े लोग हैं। डेटा गलत नहीं बोल सकता। यह पीडीए के वोट की टार्गेटेड डकैती है। जब SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) हो चुका है, तो फार्म-7 भरने की जरूरत क्यों पड़ रही? 3- भाजपा को हक छीनने में खुशी मिलती है
भाजपा मुद्दों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही। इन्हें हक और अधिकार छीनने में खुशी मिलती है। हमारी मांग है कि किस बूथ पर कितने फार्म जमा हुए, किसने और किस आधार पर किए। यह जानकारी सार्वजनिक की जाए। जनता को महंगाई, बेरोजगारी, किसान, कानून-व्यवस्था और गिरती अर्थव्यवस्था जैसे मुद्दों से भटकाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में गरीब के पास सिर्फ उसका वोट होता है और उसी अधिकार को छीना जा रहा। 4- लड़ाई सिर्फ पार्टी की नहीं, लोकतंत्र बचाने की है
अखिलेश ने कहा- सपा विधायक चुनाव आयोग से मिलकर ज्ञापन सौंपेंगे। जरूरत पड़ी, तो कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाया जाएगा। यह लड़ाई केवल पार्टी की नहीं, लोकतंत्र और संविधान में दिए गए बराबरी के अधिकार की है।
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पश्चिम यूपी में मुस्लिमों के कद्दावर नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने सपा का दामन थाम लिया है। रविवार को अखिलेश यादव उन्हें साथ लेकर लखनऊ में सपा कार्यालय पहुंचे। वहां पार्टी की सदस्यता दिलाई। नसीमुद्दीन के साथ 15,758 लोगों ने भी सपा जॉइन की। इसमें ज्यादातर बसपा कार्यकर्ता रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर