‘KGMU कुलपति-डीन ने मजार तोड़ी’:चौक थाने में शिकायत, यूनिवर्सिटी प्रवक्ता बोले- भ्रम फैलाया जा रहा; जान को खतरा

KGMU कैंपस से मजार हटाने का विवाद थमता नहीं दिख रहा। एक तरफ विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से मजारों को अवैध बताकर हटाने के लिए नोटिस दी जा रही हैं। वहीं, दूसरा पक्ष भी अब विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलता दिख रहा है। इस बीच KGMU कुलपति डॉ.सोनिया नित्यानंद और शिक्षक संघ के अध्यक्ष व डीन पैरामेडिक्स डॉ. केके सिंह के खिलाफ चौक थाना में तहरीर देकर FIR दर्ज करने की मांग की गई है। ये तहरीर नासिर अली मिनाई के पीरजादा बाबर इस्लाम की तरफ से दी गई है। सोमवार को तहरीर की कॉपी सोशल मीडिया ग्रुपों पर वायरल हो गई।
भ्रम फैलाया जा रहा, दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करेंगे KGMU प्रवक्ता और शिक्षक संघ अध्यक्ष डॉ.केके सिंह ने बताया- अप्रैल 2025 में विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। हाई कोर्ट के आदेश के बाद बुलडोजर चला था। अब इतने दिनों बाद फिर अनाधिकृत व्यक्ति के द्वारा ये भ्रम फैलाया जा रहा हैं। पहले 29 जनवरी को नोटिस दी गईं और इसके बाद 14 फरवरी को दूसरी नोटिस दी गई। इसके जवाब में जब विश्वविद्यालय के लीगल सेल ने नोटिस दिया तो ये तहरीर सामने आई है। अब सिर्फ विधिक कार्रवाई का विकल्प बचा है। शासन को भी इस मामले से अवगत कराया जाएगा। वो ये भी कहते हैं कि इस तरह के बेबुनियाद अफवाह से मेरे और कुलपति की जान का खतरा हैं। अब जानिए तहरीर में क्या लिखा है… लखनऊ के नक्खास निवासी सैयद बाबर इस्लाम की तरफ से दी गई तहरीर में लिखा गया है कि KGMU परिसर में हजरत शाह कृवामुद्दीन अब्बासी उर्फ हाजी हरमैन शाह वक्फ अधिनियम, 1995 के अंतर्गत संरक्षित धार्मिक संपत्ति है और मुस्लिम समुदाय की आस्था का केंद्र है। पिछले कई सौ वर्षों से स्थापित है। 26 अप्रैल 2025 को डॉ. केके सिंह, नोडल अधिकारी और प्रोफेसर सोनिया नित्यानन्द (वाइस चांसलर) अपने अधीनस्थ अधिकारियों, कर्मचारियों समेत अज्ञात व्यक्तियों के साथ लगभग 15-20 लोगों के समूह में दरगाह परिसर में पहुंचे। बिना किसी न्यायालय के आदेश, बिना वक्फ बोर्ड की अनुमति या किसी वैधानिक अधिकार के दरगाह परिसर में बलपूर्वक प्रवेश किया। धार्मिक संरचनाओं, चबूतरे, दीवारों और स्थायी निर्माणों को क्षतिग्रस्त ध्वस्त करना प्रारंभ कर दिया। श्रद्धालुओं ने विरोध किया इस दौरान जब उपस्थित श्रद्धालुओं और स्थानीय व्यक्तियों द्वारा इसका विरोध किया गया, तब आरोपितु व्यक्तियों द्वारा उन्हें धमकाया गया कि पुलिस बल उपस्थित है। विरोध करने पर तत्काल गिरफ्तार कर लिया जाएगा। यह भी कहा गया कि यदि कोई बीच में आया तो बुलडोजर मंगावकर मजार के साथ-साथ उस पर भी चढ़ा दिया जाएगा।
डर के चलते हटे लोग इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों में गंभीर भय व्याप्त हो गया और उन्हें बलपूर्वक धक्का देकर पीछे हटने पर विवश किया गया। प्रार्थी की तरफ से दावा किया गया कि ये स्थल पंजीकृत वक्फ दरगाह और धार्मिक जगह है, इसके बावजूद विधि-विरुद्ध, दुर्भावनापूर्ण और अधिकार क्षेत्र से परे जाकर यह कृत्य किया गया, जिससे श्रद्धालुओं में अत्याधिक आक्रोश उत्पन्न हुआ है और धार्मिक आस्था को गहरा आघात पहुंचा है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग तहरीर में ये भी लिखा गया हैं कि अवैध विध्वंस के उपरांत आरोपित व्यक्तियों द्वारा दरगाह की भूमि, विशेष रूप से वजूखाना और इबादत की जगह पर अवैध रूप से कब्जा कर वाहनों को खड़ा कर दिया गया है। जिससे धार्मिक अनुष्ठान और इबादत की प्रक्रिया बाधित हो रही है। साथ ही ये भी दावा किया गया कि दरगाह की संरचना स्थायी प्रकृति की थी और प्रारंभिक अनुमान के अनुसार सम्पत्ति को एक लाख से अधिक की क्षति भी हुई। ऐसे में आरोपियों के खिलाफ प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत प्रथम सूचना रिपोर्ट पंजीकृत कर विधि अनुसार कठोर करने की मांग की गईं है। ……………………….. संबंधित खबर पढ़िए लखनऊ KGMU में डॉक्टरों को दौड़ाकर पीटा:मजार के पास अतिक्रमण हटाने पर बवाल, दो बुलडोजर से गिराए कब्जे; फोर्स तैनात रही लखनऊ के KGMU में बनी मजार के आसपास शनिवार को अतिक्रमण हटाने को लेकर बवाल हो गया। दुकानदारों ने पुलिस के सामने ही प्रोफेसरों और रेजिडेंट डॉक्टरों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इसमें 2 प्रोफेसर, 1 असिस्टेंट प्रोफेसर और 1 रेजिडेंट डॉक्टर घायल हो गए। यहां पढ़ें पूरी खबर