रेजिडेंट डॉक्टर से छेड़छाड़- आज सौंपी जाएगी रिपोर्ट:KGMU के एडिशनल प्रोफेसर पर लगा आरोप, सस्पेंशन का आदेश हुआ था जारी

KGMU में रेजिडेंट डॉक्टर से एडिशनल प्रोफेसर के छेड़छाड़ मामले में विशाखा कमेटी फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को आज सौंप सकती है। पीडियाट्रिक विभाग के इस सनसनीखेज मामले में विशाखा कमेटी ने जांच लगभग पूरी कर ली है। इस दौरान विभाग के फैकल्टी मेंबर्स सहित स्टॉफ और कई रेजिडेंट डॉक्टर्स के भी बयान दर्ज किए गए हैं। फैक्ट फाइंडिंग रिपोर्ट के आधार पर ही विश्वविद्यालय प्रशासन आगे की कार्रवाई करेगा। बीते सप्ताह अचानक इस नए मामले के सामने आने के बाद कैंपस का माहौल गर्मा गया था। 12 फरवरी को विशाखा कमेटी की करीब 4 घंटे तक बैठक चली थी। इस दौरान विशाखा कमेटी के 7 सदस्य मौजूद रहे। इसके बाद भी कई दिन कमेटी के सदस्यों ने बैठक कर रिपोर्ट के फाइनल रिकमेंडेशन तैयार किए हैं। कहा जा रहा हैं कि जांच के दौरान घटना के चश्मदीद लोगों तक भी विशाखा कमेटी ने पहुंचने का प्रयास किया। हालांकि, सूत्रों की माने तो चैंबर के अंदर की घटना होने के कारण कोई चश्मदीद नहीं मिला हैं पर इससे जुड़े साक्ष्य पीड़ित रेजिडेंट डॉक्टर के पक्ष जाते दिखाई दे रहे हैं। पढ़िए पूरा घटनाक्रम…कैसे सामने आया था मामला.. 11 फरवरी को शिकायत, 12 को एक्शन
पीड़ित डॉक्टर (एमडी छात्रा) ने 11 फरवरी को परिवारवालों के साथ पहुंचकर KGMU प्रशासन से शिकायत की थी। डॉक्टर ने आरोप लगाया था कि प्रोफेसर उससे अभद्रता करते हैं। साथ ही मोबाइल पर मैसेज भेजते हैं। इसके बाद कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद के आदेश पर विशाखा कमेटी ने पीड़ित डॉक्टर के बयान दर्ज किए। एडिशनल प्रोफेसर से पूछताछ की। कमेटी की शुरुआती जांच में आरोप सही पाए गए। इसकी रिपोर्ट के आधार पर आरोपी एडिशनल प्रोफेसर डॉ. संजीव कुमार वर्मा को सस्पेंड कर दिया गया। सस्पेंड रहने के दौरान उन्हें डीन मेडिसिन कार्यालय से अटैच कर दिया गया। चैंबर में बुलाकर हाथ पकड़ा, छेड़खानी की
KGMU के प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया- घटना के दिन एडिशनल प्रोफेसर डॉ. संजीव कुमार वर्मा ने रेजिडेंट डॉक्टर को किसी काम के बहाने चैंबर में बुलाया। पहले उसका हाथ पकड़ा और फिर छेड़छाड़ की। इससे रेजिडेंट डॉक्टर हैरान-परेशान हो गई। वो तुरंत चैंबर से बाहर निकली। फिर विभाग की महिला फैकल्टी मेंबर को पूरी बात बताई। पीड़ित डॉक्टर की शिकायत पर तत्काल विशाखा कमेटी बनाई गई। शुरुआती जांच के बाद आरोपी को सस्पेंड कर दिया गया। साथ ही जांच पूरी होने तक डीन ऑफिस से अटैच किया गया है।
डॉ. रमीज को 18 दिन ढूंढती रही थी पुलिस
23 दिसंबर, 2025 को एमडी पैथोलॉजी की छात्रा ने चौक थाने में शिकायत देकर आरोप लगाया था कि उसके सीनियर डॉ. रमीज ने शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। अबॉर्शन कराया। साथ ही धर्म परिवर्तन का दबाव डाला। पुलिस रमीज को शिकायत के 18 दिन बाद गिरफ्तार कर पाई थी। उस पर 50 हजार का इनाम घोषित कर चुकी थी। वह ठाकुरगंज में रह रहा था। जबकि पुलिस टीमें उसकी तलाश 4 राज्यों यूपी, उत्तराखंड, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश में कर रही थी। पुलिस ने लखनऊ, पीलीभीत और खटीमा वाले घरों पर 7 जनवरी को कुर्की का नोटिस चिपकाया था। 5 जनवरी को उसके पिता सलीमुद्दीन और मां खतीजा को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 9 जनवरी की रात रमीज पकड़ा गया था। दूसरा मामला- इंटर्न डॉक्टर ने किया यौन शोषण
29 दिसंबर 2025 को इंटर्न डॉक्टर मोहम्मद अदील पर नर्सिंग छात्रा ने यौन शोषण का आरोप लगाया था। उसे पुलिस ने 15 जनवरी, 2026 को कैसरबाग स्थित आगा साहब की कोठी के एक फ्लैट से गिरफ्तार किया गया था। पीड़ित नर्सिंग छात्रा की शिकायत पर 29 दिसंबर को मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद से ही अदील गिरफ्तारी से बचने के लिए फरार हो गया था। छात्रा का आरोप था कि आरोपी इंटर्न डॉक्टर ने दोस्ती की। शादी का वादा कर उसे अपने फ्लैट पर बुलाता रहा। इसी दौरान उसने कई बार शारीरिक संबंध बनाए। जब छात्रा शादी की बात करती, तो आरोपी उसे टाल देता था। ————————- ये खबर भी पढ़िए… ग्राउंड रिपोर्ट – KGMU से नवाब के जमाने की 5 मजारें हटेंगी : सेवादार बोले- मरीजों के लिए दुआ मांगते हैं, विधायक की धमकी- बुलडोजर मेरे ऊपर से गुजरेगा KGMU परिसर से 5 मजारें हटाई जाएंगी, इसका नोटिस भी चस्पा हो चुका है। इनमें 3 बड़ी मजारें ऐसी हैं, जिनकी वजह से एम्बुलेंस और मरीजों को आने-जाने में दिक्कत होती है। ये मजारें 3400 वर्गफीट में एरिया में हैं। KGMU की नोटिस के बाद से माहौल गर्म हो गया है। मौलानाओं ने प्रशासन को हटाने की चुनौती दी है। (पूरी खबर पढ़िए)