हत्या से पहले मानवेंद्र ने अक्षत को जड़ा था थप्पड़:50 लाख के लिए बाप-बेटे में बहस हुई थी; फूफा बोले- वजह कुछ और

लखनऊ की जानी-मानी पैथोलॉजी के मालिक की हत्या के मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। विश्वसनीय सूत्रों ने बताया कि हत्या से एक दिन पहले यानी 19 फरवरी को वर्धमान पैथोलॉजी के मालिक मानवेंद्र सिंह और उनके बेटे की बीच पैसों को लेकर बहस हुई थी। देखते ही देखते बात हाथापाई तक पहुंच गई थी। गुस्से में मानवेंद्र ने 21 साल के आरोपी बेटे अक्षत प्रताप सिंह उर्फ राजा को थप्पड़ जड़ दिया था। उस पर लाइसेंसी राइफल तान दी थी। बताया जा रहा है कि विवाद की वजह 50 लाख रुपए थे। इस बीच अक्षत के फूफा ने पुलिस का दावों को खारिज कर दिया है। उनका कहना है कि असली वजह कुछ और ही थी। भास्कर टीम ने मानवेंद्र के परिजनों, रिश्तेदारों और पड़ोसियों से बातचीत की। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… शराब के ठेकों के नवीनीकरण के लिए रखे पैसे कम मिले सूत्रों के मुताबिक, मानवेंद्र के शराब के ठेकों के नवीनीकरण के लिए घर में 50 लाख रुपए रखे थे। 19 फरवरी को उन्होंने रुपए गिने तो कुछ रुपए कम मिले। उन्होंने अक्षत से सवाल किए। पैसों के बारे में पूछा। दरअसल, कुछ महीने पहले घर से चोरी हुआ ब्रेसलेट, अंगूठी आदि उसी के पास से मिली थी। इस वजह से शक उस पर ही गया। इस बात को लेकर बाप-बेटे में तीखी नोकझोंक हुई। इसके बाद गुस्से में घर से बाहर चले गए। रात में वह वापस लौटे। थर्ड फ्लोर पर जिस कमरे में अक्षत और बेटी कृति सोई थी, उसी में सो गए। 20 फरवरी की सुबह 4:30 बजे बेटे ने बाप की हत्या कर दी। हाथ-पैर को काटकर नादरगंज के पास नहर किनारे झाड़ियों में फेंक दिया था। शरीर के बाकी हिस्से को नीले ड्रम में भरकर घर में छिपा दिया। ‘थप्पड़ का बदला लेने के लिए मार दी गोली’ लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि दिन के झगड़े से अक्षत काफी नाराज था। हो सकता है कि रातभर जागकर उसने मानवेंद्र की हत्या करने की योजना बनाई हो। फिर तड़के पिता की लाइसेंसी राइफल से ही गोली मार दी। लोगों ने कहा कि बातें हो रही हैं कि अक्षत के पकड़े जाने के बाद बाद कृति ने परिजनों को पूरी बात बताई थी। उसने बताया था कि गोली की आवाज सुनकर उसकी नींद खुल गई। पिता को खून से लथपथ देखकर रोने लगी। अक्षत ने सरेंडर करने की बात की, तो उसने कहा- मां पहले से ही नहीं है। आप ने पापा को भी मार दिया। जेल चले जाओगे तो मेरा क्या होगा? दोस्त को भी कॉल करके घटना की जानकारी दी लोगों ने बताया कि कृति की बात सुनकर अक्षत ने पिता के शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। उसने अपने एक खास दोस्त को कॉल करके इसकी जानकारी दी, लेकिन वह किसी भी तरह की मदद के लिए तैयार नहीं हुआ। इसके बाद उसने अकेले ही शव को ठिकाने लगाने का फैसला किया। योजना के तहत दो चाकू, दो आरी और नीला ड्रम खरीदकर लाया। दोनों हाथ-पैर काअकर पॉलिथीन में भरकर उसे करीब 21 किलोमीटर दूर नादरगंज के पास नहर किनारे झाड़ियों में फेंक दिया। शेष शरीर को नीले ड्रम में भरकर घर में ही छिपा दिया। उसे ले जाने में दिक्कत हुई। इस पर शेष शरीर को जलाने की योजना बनाई। इसके लिए 20 लीटर तारपिन का तेल खरीदकर लाया। 3 दिन तक घर में रखा रहा शव, सामान्य दिखे भाई-बहन पुलिस की जांच में भी सामने आया था कि अक्षत ने पिता के शव के शेष हिस्से को ड्रम में भरकर ग्राउंड फ्लोर के कमरे में रख दिया था। उसके बाद भाई-बहन रूटीन की तरह रह रहे थे। बहन पेपर देने जाती रही। अक्षत ने आशियाना थाने जाकर पिता की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। घटना के बाद 20 फरवरी को अक्षत और उसकी बहन कृति ने अपने-अपने इंस्टाग्राम अकाउंट लॉक कर दिए। बहन ने दो अलग-अलग नाम से आईडी बना रखी थी। महिला से नजदीकियां तो हत्या की वजह नहीं परिजनों का कहना है कि हत्या की वजह कुछ और भी हो सकती है। पड़ोसी और रिश्तेदार इशारा कर रहे हैं कि किसी महिला से मानवेंद्र की नजदीकियां थीं। उनकी पत्नी ने भी सुसाइड किया था। हो सकता है कि इन सभी वजहों को लेकर परिवार में विवाद चल रहा हो। पुलिस को इस एंगल पर भी जांच करनी चाहिए। मानवेंद्र, अक्षत और बेटी कृति का कॉल डिटेल खंगालने चाहिए। पढ़ाई का दबाव अक्षत पर कभी नहीं बनाया गया मानवेंद्र सिंह के बहनोई (अक्षत के फूफा) एसके भदौरिया ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि हत्या की वजह नीट परीक्षा और डॉक्टर बनाए जाने का दबाव बताया जा रहा है। उन्हें इस बात पर भरोसा नहीं है। उनका कहना है कि घटना के समय अक्षत की बहन भी घर में मौजूद थी। जब अक्षत ने गोली चलाई तो बहन ने घबराकर कहा, ‘यह क्या कर दिया?’ इस पर अक्षत ने उसे चुप करा दिया और धमकी भी दी कि अगर किसी को बताया तो ठीक नहीं होगा। मानसिक या पारिवारिक दबाव नहीं था एसके भदौरिया ने कहा कि अक्षत पर किसी तरह का मानसिक या पारिवारिक दबाव नहीं बनाया गया था। आखिर अक्षत ने अपने पिता की हत्या क्यों की, इसकी सच्चाई वही बता सकता है, क्योंकि गोली उसी ने चलाई और अपनी बहन को भी धमकाया। मानवेंद्र की हत्या के पीछे कोई और कहानी है… पड़ोसी और रिश्ते में अक्षत के चाचा राघवेंद्र सिंह ने भी दैनिक भास्कर से बातचीत की। उन्होंने कहा कि अक्षत परिवार का इकलौता बेटा है। उसकी हर मांग पूरी की जाती थी। अगर कभी उसका पढ़ाई में मन नहीं लगता था, तब भी उस पर कोई दबाव नहीं बनाया जाता था। अब जो बातें सामने आ रही हैं कि नीट परीक्षा की वजह से उसने यह कदम उठाया, यह समझ में नहीं आ रहा है। बाहर से सब सामान्य लगता था पड़ोसी अल्पना सिंह ने बताया कि दोनों बच्चों का स्वभाव बेहद शांत और अच्छा है। उन्होंने कभी किसी के साथ अभद्र व्यवहार नहीं किया। जिस तरह से अक्षत ने यह घटना को अंजाम दिया, उस पर विश्वास नहीं हो रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि अक्षत ने खुद स्वीकार किया है कि उसने अपने पिता को गोली मारी। घर पर किसी अन्य महिला के आने-जाने को लेकर उन्हें कोई जानकारी नहीं है। पुलिस की कहानी विश्वास करने लायक नहीं है… पड़ोसी आशुतोष दुबे ने बताया कि जब मोहल्ले में यह खबर फैली कि मानवेंद्र कई दिनों से दिखाई नहीं दे रहे हैं, तो लोग उनकी तलाश में जुटे। बाद में जानकारी मिली कि उनके बेटे ने ही उनकी हत्या कर दी है। यह बात किसी के लिए भी विश्वास करने लायक नहीं है। आखिर ऐसी क्या परिस्थिति बनी कि अक्षत ने अपने ही पिता की जान ले ली। यह सवाल पूरे मोहल्ले को परेशान कर रहा है। पत्नी ने दर्ज कराया था मानवेंद्र के खिलाफ मुकदमा लोगों ने बताया कि मानवेंद्र और उनकी पत्नी में विवाद हो गया था। वर्ष 2009 में उनकी पत्नी ने मानवेंद्र पर मारपीट का मुकदमा भी दर्ज कराया था। हालांकि, बाद में परिवार के लोगों ने दोनों को समझाकर मामला शांत करा दिया था। साल- 2018 में उनकी पत्नी ने आत्महत्या कर ली थी। अब पढ़िए क्या है पूरा मामला ————— संबंधित खबर भी पढ़िए… बाप की हत्या का आरोपी बोला- सॉरी गलती हो गई:लखनऊ पुलिस का खुलासा- खून से सनी चादर जलाई, हाथ-पैर काटकर जंगल में फेंका लखनऊ में पैथोलॉजी मालिक मानवेंद्र सिंह की हत्या का पुलिस ने आज शाम खुलासा कर दिया। नीट परीक्षा के विवाद में बेटे अक्षत प्रताप सिंह उर्फ राजा ने 20 फरवरी की सुबह 4:30 बजे उनकी राइफल से गोली मारकर हत्या की थी। हाथ-पैर को काटकर नादरगंज के पास नहर किनारे झाड़ियों में फेंक दिया था। पूरी खबर पढ़ें