महाश्मशान में चिता भस्म से खेली जा रही होली:350 साल से चली आ रही परंपरा, 6 महीने पहले से शुरू हो जाती है तैयारी

धधकती चिताओं के बीच रोते-बिलखते लोग। वहीं पर चिता की राख से होली खेलते शिव के गण…। काशी में​​​​​​ मसाने यानी श्मशान की होली कुछ ऐसी ही नजर आ रही है। मणिकर्णिका घाट पर नरमुंड की माला पहने शिव के गण नाचते दिख रहे हैं। चिता की भस्म से होली खेली जा रही है। कहीं लोगों के चेहरे पर क्रीम-पाउडर की तरह राख थोपी दिख रही है, तो किसी के गले में नरमुंड का माला, रुद्राक्ष की मानिंद हिलोरे ले रही हैं। कोई जिंदा सांप मुंह में रस्सी की तरह दबाकर नाच रहा होगा। आम इंसान जो चिता की राख से दूर भागता है, वो भी आज के दिन इसे प्रसाद मानकर एक चुटकी राख के लिए घंटों इंतजार करता नजर आएगा। महाश्मशान के इस खास उत्सव को देखने के लिए लाखों टूरिस्ट काशी पहुंचे हैं। मान्यता है कि चिता की राख से होली खेलने पर भगवान शिव प्रसन्न होते हैं। मसाने की होली से जुड़ी अपडेट के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…