शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गाय को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर धर्म युद्ध नाम से आंदोलन की शुरुआत कर दी है। शनिवार सुबह उन्होंने काशी में गाय की पूजा की। मठ से पालकी में सवार होकर चिंतामणि गणेश मंदिर पहुंचे। यहां पूजा की। अब संकटमोचन मंदिर में हनुमान चालीसा का पाठ कर लखनऊ के लिए रवाना होंगे। शंकराचार्य ने कहा- बहुत दुर्भाग्य की बात है कि धर्म युद्ध के लिए निकलना पड़ रहा है। अपने ही देश में, अपने ही वोट से चुनी सरकार के सामने अपनी ही गौमाता को बचाने के लिए हम लोगों को धर्मयुद्ध के लिए निकलना पड़ रहा है। 11 मार्च को लखनऊ में “गो प्रतिष्ठा धर्मयुद्ध” सभा करेंगे। इससे पहले शुक्रवार को शंकराचार्य ने कहा- सीएम योगी के पास 5 दिन का समय बचा है। वह गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित कर दें। अभी तक उनकी तरफ से कोई बयान नहीं आया है। उनके ही पार्टी के अन्य लोग समर्थन कर रहे हैं, लेकिन कोई खुलकर सामने नहीं आ रहा है। 11 मार्च को लखनऊ में हम सभी साधु संतों के सामने अपने फैसले सुनाएंगे। उन लोगों का चेहरा भी सामने लाएंगे, जो लोग हमारे इस अभियान में साथ हैं। रास्ते में हमें जहां रोका जाएगा, हम कानून का पूरा साथ देंगे। उम्मीद है कि ये धर्म की यात्रा है, इसमें कोई बाधा नहीं आएगी। अपने निर्धारित मार्ग और कार्यक्रम के अनुसार ही लखनऊ के लिए बढ़ेंगे। हम अपने मार्ग पर निकलेंगे और जो भी निर्णय लेना होगा, वह अपने धर्म और परंपरा के अनुसार लेंगे। प्रशासन को जो करना है वह करे, लेकिन अपने तय कार्यक्रम से पीछे नहीं हटेंगे। शंकराचार्य के जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…