बॉलीवुड एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित पति श्रीराम नेने के साथ गुरुवार दोपहर काशी पहुंचीं। दोनों नमो घाट पर अलकनंदा क्रूज में बैठे। यहां गंगा घाट का दिव्य नजारा देखा। इस दौरान कपल ने अपनी खींची गई तस्वीरें भी साझा की। क्रूज से घूमने के दौरान माधुरी दीक्षित ने कुल्हड़ वाली चाय का स्वाद लिया। दशाश्वमेध घाट के सामने गंगा आरती की और दीपदान किया। माधुरी दीक्षित एक ज्वेलरी शॉप के उद्घाटन के लिए काशी पहुंचीं। इस दौरान उनके साथ पति के अलावा महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री कृपाशंकर सिंह भी मौजूद रहे। 2 तस्वीरें देखिए…
माधुरी बोलीं- काशी की खूबसूरती देखने के लिए उत्साहित हूं माधुरी दीक्षित ने कहा कि काशी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक नगरी है। यहां की खूबसूरती देखने के लिए वह काफी उत्साहित हैं। एयरपोर्ट पर माधुरी दीक्षित के फैंस मौजूद रहे। इस दौरान सभी उनके साथ सेल्फी लेते नजर आए। माधुरी एयर इंडिया के विमान एआई- 696 से दोपहर 12:40 बजे लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचीं थीं। अब पढ़िए, धक-धक गर्ल माधुरी के बारे में
माधुरी दीक्षित ने भारतीय हिंदी सिनेमा में अपनी प्रतिभा, खूबसूरती और बेहतरीन नृत्य के दम पर एक ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिसे आज भी नई पीढ़ी की अभिनेत्रियां आदर्श मानती हैं। 80 और 90 के दशक में उन्होंने खुद को फिल्म इंडस्ट्री की शीर्ष अभिनेत्रियों में स्थापित किया। अपने शानदार अभिनय व लाजवाब डांस से दर्शकों के दिलों पर राज किया। कथक नृत्य में माधुरी को खास दिलचस्पी
15 मई 1967 को मुंबई में एक मराठी परिवार में जन्मी माधुरी के पिता शंकर दीक्षित और माता स्नेहलता दीक्षित हैं। बचपन में उनका सपना डॉक्टर बनने का था, और यही वजह रही कि उन्होंने अपने जीवनसाथी के रूप में श्रीराम नेने को चुना, जो पेशे से एक चिकित्सक हैं। उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की और बचपन से ही कथक नृत्य में गहरी रुचि रखी, जिसके लिए उन्होंने कई वर्षों तक प्रशिक्षण लिया। माधुरी दीक्षित ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 1984 में फिल्म अबोध से की, लेकिन उन्हें असली पहचान 1988 में आई सुपरहिट फिल्म तेजाब से मिली। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक के बाद एक कई हिट फिल्में दीं, जिनमें राम लखन, परिंदा, त्रिदेव, किशन कन्हैया और प्रहार शामिल हैं। वर्ष 1990 में आई फिल्म दिल में उनके शानदार अभिनय के लिए उन्हें फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला। इसके अलावा माधुरी दीक्षित को वर्ष 2008 में भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया गया। ——————- ये खबर भी पढ़िए- बच्ची की लाश कनस्तर में ठूंसी, आटे की बोरी रखी, आगरा में गला काटकर हत्या, किराएदार के कमरे में मिला शव आगरा में जूता कारोबारी की 8 साल की बच्ची की गला काटकर हत्या कर दी गई। बुधवार रात करीब 8 बजे किराएदार के कमरे में रखे एक कनस्तर से बच्ची की लाश मिली। ऊपर आटे की बोरी रखी हुई थी। वारदात के बाद से किराएदार फरार है। पुलिस को शक है कि उसी ने हत्या की है। बच्ची मंगलवार दोपहर 2 बजे घर के बाहर खेलते समय लापता हो गई थी। 30 घंटे बाद पुलिस ने उसका शव बरामद किया। पढ़ें पूरी खबर…
माधुरी बोलीं- काशी की खूबसूरती देखने के लिए उत्साहित हूं माधुरी दीक्षित ने कहा कि काशी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक नगरी है। यहां की खूबसूरती देखने के लिए वह काफी उत्साहित हैं। एयरपोर्ट पर माधुरी दीक्षित के फैंस मौजूद रहे। इस दौरान सभी उनके साथ सेल्फी लेते नजर आए। माधुरी एयर इंडिया के विमान एआई- 696 से दोपहर 12:40 बजे लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पहुंचीं थीं। अब पढ़िए, धक-धक गर्ल माधुरी के बारे में
माधुरी दीक्षित ने भारतीय हिंदी सिनेमा में अपनी प्रतिभा, खूबसूरती और बेहतरीन नृत्य के दम पर एक ऐसा मुकाम हासिल किया है, जिसे आज भी नई पीढ़ी की अभिनेत्रियां आदर्श मानती हैं। 80 और 90 के दशक में उन्होंने खुद को फिल्म इंडस्ट्री की शीर्ष अभिनेत्रियों में स्थापित किया। अपने शानदार अभिनय व लाजवाब डांस से दर्शकों के दिलों पर राज किया। कथक नृत्य में माधुरी को खास दिलचस्पी
15 मई 1967 को मुंबई में एक मराठी परिवार में जन्मी माधुरी के पिता शंकर दीक्षित और माता स्नेहलता दीक्षित हैं। बचपन में उनका सपना डॉक्टर बनने का था, और यही वजह रही कि उन्होंने अपने जीवनसाथी के रूप में श्रीराम नेने को चुना, जो पेशे से एक चिकित्सक हैं। उन्होंने मुंबई विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की और बचपन से ही कथक नृत्य में गहरी रुचि रखी, जिसके लिए उन्होंने कई वर्षों तक प्रशिक्षण लिया। माधुरी दीक्षित ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत 1984 में फिल्म अबोध से की, लेकिन उन्हें असली पहचान 1988 में आई सुपरहिट फिल्म तेजाब से मिली। इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और एक के बाद एक कई हिट फिल्में दीं, जिनमें राम लखन, परिंदा, त्रिदेव, किशन कन्हैया और प्रहार शामिल हैं। वर्ष 1990 में आई फिल्म दिल में उनके शानदार अभिनय के लिए उन्हें फिल्मफेयर सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का पुरस्कार मिला। इसके अलावा माधुरी दीक्षित को वर्ष 2008 में भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया गया। ——————- ये खबर भी पढ़िए- बच्ची की लाश कनस्तर में ठूंसी, आटे की बोरी रखी, आगरा में गला काटकर हत्या, किराएदार के कमरे में मिला शव आगरा में जूता कारोबारी की 8 साल की बच्ची की गला काटकर हत्या कर दी गई। बुधवार रात करीब 8 बजे किराएदार के कमरे में रखे एक कनस्तर से बच्ची की लाश मिली। ऊपर आटे की बोरी रखी हुई थी। वारदात के बाद से किराएदार फरार है। पुलिस को शक है कि उसी ने हत्या की है। बच्ची मंगलवार दोपहर 2 बजे घर के बाहर खेलते समय लापता हो गई थी। 30 घंटे बाद पुलिस ने उसका शव बरामद किया। पढ़ें पूरी खबर…