वाराणसी में गोतस्करों की मुखबिरी करने पर युवक की हत्या:घर से खींचकर ले गए दबंग, लात-घूंसों से पीटकर मार डाला

वाराणसी में गौतस्करी की मुखबिर करने पर दबंगों ने युवक की हत्या कर दी। आधी रात घर में घुसे हमलावर सानू अली को कमरे से खींचकर ले गए, फिर गांव के बाहर ले जाकर पिटाई की। हमलावर उसे अचेत होने तक लात घूसों से पीटते रहे। हमलावरों का पीछा करते हुए परिजन मौके पर पहुंचे। उसे गंभीर हालत में हेरिटेज अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान सुबह युवक ने दम तोड़ दिया। घटना के बाद आरोपी भाग गए। रात में भी पुलिस को सूचना दी गई, लेकिन पुलिस कार्रवाई में लापरवाही करती रही। सानू अली के ताऊ अख्तर अली का कहना है- सानू ने पुलिस को गौतस्करी में शामिल बबलू और उसके साथियों का नाम और पता बताया था। गौतस्करों ने पहले धमकाया फिर घर से ले जाकर उसकी हत्या कर दी। आक्रोशित परिजनों ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया और गिरफ्तारी की मांग की। पूरा मामला रोहनिया पंडितपुर गांव का है। तस्वीरें देखिए… चौकी ले जाने की बात कहकर घर से ले गए रोहनिया पंडितपुर का रहने वाला सानू अली राजमिस्त्री का काम करता था। 3 भाई-बहनों में सानू सबसे बड़ा था। उसके पिता की कुछ साल पहले मौत हो गई। पिता की मौत के बाद से सानू ही पूरे घर का खर्च उठाता था। सानू अली के ताऊ अख्तर अली ने कहा- शनिवार रात नौ बजे के आसपास कई युवक घर पहुंचे और सानू अली पर मोबाइल चोरी का आरोप लगाया। बबलू ने कहा- तुमने मेरा मोबाइल चोरी किया है, उसे वापस दो। सानू ने इनकार किया तो आरोपियों ने घर में हंगामा किया। इसके बाद उसे पुलिस चौकी ले जाने की बात कहकर जबरन अपने साथ ले गए। लेकिन चौकी ले जाने के बजाय पंडितपुर गांव के बाहर पेट्रोल पंप के सामने पुलिया पर ले जाकर उसे बांधकर बेरहमी से पीटा। जब तक वे मौके पर पहुंचे, सानू की मौत हो चुकी थी। ताऊ ने बताया- पुलिस को पहले ही गौतस्करी में शामिल बबलू और उसके साथियों के नाम बताए गए थे, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आरोपियों ने पहले धमकाया और फिर खुलेआम दबंगई दिखाई। जब तक पुलिस पहुंची, हमारा भतीजा मर चुका था अख्तर अली ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा- घटना की जानकारी देने के बाद भी पुलिस समय पर नहीं पहुंची। हमने चौकी इंचार्ज को फोन कर बुलाया, लेकिन वे देर से आए। जब तक पुलिस पहुंची, हमारा भतीजा मर चुका था। पुलिस मौके पर मौजूद थी, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। उल्टा आरोपियों से ही कहा कि इसे को मेडिकल के लिए ले जाओ, पुलिस का कोई भी कर्मी साथ नहीं गया। अख्तर अली का आरोप है कि चौकी के कर्मचारी भी इस पूरे मामले में शामिल हैं और अवैध रूप से पैसे लेते हैं। उनका कहना है कि सानू को झूठे मोबाइल चोरी के आरोप में फंसाया गया। करीब डेढ़ महीने पहले उसे इसी आरोप में जेल भेजा गया था। अब बबलू कह रहा है कि उसका मोबाइल 20 दिन पहले खोया और सानू ने चोरी की, जबकि उसने कोई शिकायत तक दर्ज नहीं कराई थी। अगर ऐसा था तो पहले क्यों नहीं बताया? परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। ————————— यह खबर भी पढ़ें यूपी में दहेज उत्पीड़न की सीधे FIR नहीं होगी:हाईकोर्ट की सख्ती के बाद डीजीपी का आदेश, 31 मामलों में रिपोर्ट दर्ज करने पर रोक यूपी में अब दहेज उत्पीड़न और चेक बाउंस समेत 31 मामलों में पुलिस सीधे रिपोर्ट दर्ज नहीं करेगी। इसके लिए पहले मजिस्ट्रेट के यहां मुकदमा दायर करना होगा। एक मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की तीखी टिप्पणी के बाद डीजीपी राजीव कृष्ण ने यह आदेश जारी किया है। डीजीपी ने प्रदेश के सभी पुलिस अफसरों को इसका सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। पढ़ें पूरी खबर…