यूपी भाजपा अपनी टीम में बड़े बदलाव की तैयारी में है। पार्टी नई लीडरशिप तैयार करने के लिए लंबे समय से जमे नेताओं को हटाने की तैयारी कर रही है। तैयारी यह भी है कि प्रदेश पदाधिकारी रहते हुए राज्यसभा और विधान परिषद पहुंचे नेताओं की जगह भी नए विकल्प तलाशे जाएं। 30 अप्रैल तक प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की टीम में कई नए चेहरे दिखने वाले हैं। यही वजह है कि टीम में जगह पाने के लिए कई नेता दिल्ली तक दौड़ लगा रहे हैं। अध्यक्ष पंकज चौधरी की संगठनात्मक टीम में कितने सदस्य हैं? कौन से ऐसे चेहरे हैं, जो बदल सकते हैं? इसे लेकर BJP पदाधिकारियों से भास्कर रिपोर्टर ने बात की। पढ़िए रिपोर्ट… 3 साल में नए सदस्य चुने जाते हैं… यूपी भाजपा की मौजूदा संगठनात्मक टीम का गठन भूपेंद्र चौधरी ने 25 मार्च, 2023 में किया था। उस वक्त वह प्रदेश अध्यक्ष थे। नियम तो ऐसे हैं कि हर 3 साल पर नए सिरे से सदस्यों को चुनना चाहिए। इसलिए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी को अपनी टीम नए सिरे से बनानी है। सबसे अहम है कि यह चुनावी साल है। विधानसभा-2027 चुनाव के चलते प्रदेश टीम में जातिगत और क्षेत्रीय संतुलन बैठाना किसी चुनौती से कम नहीं। CM से लेकर पूर्व पदाधिकारियों से भी राय मांगी यही वजह है कि प्रदेश टीम बनाने के लिए सीएम योगी, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक और महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह से राय मांगी गई है। कोई समीकरण चूक न जाए, इसलिए RSS के पश्चिम और पूर्वी प्रांत के पदाधिकारियों से भी बातचीत की जा रही है। इतना ही नहीं, पंकज चौधरी पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्षों और पूर्व पदाधिकारियों से भी सलाह ले रहे हैं। उनका मानना है कि प्रदेश टीम में ऐसे कार्यकर्ताओं को शामिल किया जाए, जो विधानसभा चुनाव के चलते चुनाव मैनेजमेंट, बूथ मैनेजमेंट और कार्यकर्ताओं से कोऑर्डिनेशन कर सकें। जिला कमेटियों से लेंगे सबक
BJP के एक पदाधिकारी कहते हैं- पिछले दिनों जिला और महानगर की कमेटियां बनाई गईं। इसमें भाजपा के फैसलों पर जगह-जगह सवाल खड़े किए गए। ऐसा भी देखने में आया कि पार्टी लाइन से अलग काम करने वाले और आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों को भी संगठन में तवज्जो मिल गई। इससे सबक लेते हुए प्रदेश टीम में ऐसे चेहरे को जगह नहीं दी जाएगी, जिससे पार्टी की साख पर सवाल खड़े हों। BJP पदाधिकारियों को एडजेस्ट करने के 2 सुझाव प्रदेश टीम बनाने में कोर कमेटी पदाधिकारियों के दो मत सामने आए हैं- 1. प्रदेश टीम में पिछले 10 साल या उससे ज्यादा समय से लगातार पदाधिकारी रहने वालों को हटाकर नए चेहरों को मौका दिया जाए। 2. प्रदेश टीम के जो सदस्य MLC और राज्यसभा सदस्य बन गए हैं, उन्हें प्रदेश टीम से हटाकर सरकार या नितिन नबीन की टीम में एडजस्ट किया जाएगा। पद के लिए दिल्ली तक सिफारिश लगा रहे नेता पदाधिकारी बता रहे, हमें बदला तो नुकसान होगा
इस बदलाव को लेकर भाजपा के मौजूदा पदाधिकारियों ने प्रदेश नेतृत्व पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। प्रदेश महामंत्री, प्रदेश उपाध्यक्ष और प्रदेश मंत्री अपनी कुर्सी बचाने के लिए लखनऊ से दिल्ली तक भाजपा और संघ के पदाधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं। उनका तर्क है कि इतने सालों का अनुभव होने के कारण उन्हें मंडल से लेकर क्षेत्र तक की गहरी जानकारी है। अगर उन्हें हटाया गया तो चुनावी साल में पार्टी को नुकसान हो सकता है। वो जिस जाति से आते हैं, उससे अगर किसी नए चेहरे को मौका दिया भी गया, तब भी पार्टी को उतना फायदा नहीं होगा। संगठन में पद के लिए खींचतान लाजिमी, क्योंकि फायदे कई
प्रदेश संगठन में पद को लेकर इतनी खींचतान क्यों हैं? इसे ऐसे समझ सकते हैं कि विधानसभा चुनाव 2027 करीब हैं। पंचायत चुनाव भी होने हैं। इनमें कैंडिडेट के सिलेक्शन में प्रदेश पदाधिकारियों की अहम भूमिका होती है। अपने करीबी कार्यकर्ता को टिकट दिलाने पर पदाधिकारियों को लंबे समय तक पॉलिटिकल फायदे मिलते हैं। इतना ही नहीं, प्रदेश उपाध्यक्ष या महामंत्री बनने से विधान परिषद या राज्यसभा जाने का रास्ता भी साफ हो जाता है। इसलिए इस वक्त 2 तरह की मशक्कत दिख रही है। पहला- मौजूदा प्रदेश पदाधिकारी पद बचाने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरा- नए चेहरे पद पाने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं। पार्टी में नए क्षेत्रीय अध्यक्ष दिखेंगे
भाजपा ने यूपी को 6 संगठनात्मक क्षेत्रों में बांटा है। अवध, कानपुर, गोरखपुर, काशी, ब्रज और पश्चिम। हर क्षेत्र में एक क्षेत्रीय टीम भी बनी है। सभी 6 अध्यक्ष बदले जा सकते हैं। उनकी जगह पार्टी में नए चेहरों को मौका मिलेगा। मौजूदा क्षेत्रीय अध्यक्षों को अग्रिम मोर्चों में एडजस्ट किया जा सकता है। अब BJP की पूरी यूपी टीम को भी जानिए प्रदेश अध्यक्ष प्रदेश महामंत्री संगठन प्रदेश महामंत्री प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदेश मंत्री कोषाध्यक्ष सह-कोषाध्यक्ष ————————– यह खबर भी पढ़ें – योगी सरकार पुलिस में 81 हजार पदों पर भर्ती निकालेगी, CM बोले- सभी भर्ती टाइम पर होंगी यूपी पुलिस में 81 हजार से अधिक पदों पर भर्ती निकाली जाएगी। इसका ऐलान खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। वे गुरुवार देर रात पुलिस विभाग के कामकाज की समीक्षा कर रहे थे। सीएम ने कहा- उत्तर प्रदेश पुलिस में शामिल होने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए 2026-27 बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस एक वर्ष में यूपी पुलिस में 81 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की तैयारी की जा रही है। पढ़िए पूरी खबर…
BJP के एक पदाधिकारी कहते हैं- पिछले दिनों जिला और महानगर की कमेटियां बनाई गईं। इसमें भाजपा के फैसलों पर जगह-जगह सवाल खड़े किए गए। ऐसा भी देखने में आया कि पार्टी लाइन से अलग काम करने वाले और आपराधिक गतिविधियों में शामिल लोगों को भी संगठन में तवज्जो मिल गई। इससे सबक लेते हुए प्रदेश टीम में ऐसे चेहरे को जगह नहीं दी जाएगी, जिससे पार्टी की साख पर सवाल खड़े हों। BJP पदाधिकारियों को एडजेस्ट करने के 2 सुझाव प्रदेश टीम बनाने में कोर कमेटी पदाधिकारियों के दो मत सामने आए हैं- 1. प्रदेश टीम में पिछले 10 साल या उससे ज्यादा समय से लगातार पदाधिकारी रहने वालों को हटाकर नए चेहरों को मौका दिया जाए। 2. प्रदेश टीम के जो सदस्य MLC और राज्यसभा सदस्य बन गए हैं, उन्हें प्रदेश टीम से हटाकर सरकार या नितिन नबीन की टीम में एडजस्ट किया जाएगा। पद के लिए दिल्ली तक सिफारिश लगा रहे नेता पदाधिकारी बता रहे, हमें बदला तो नुकसान होगा
इस बदलाव को लेकर भाजपा के मौजूदा पदाधिकारियों ने प्रदेश नेतृत्व पर दबाव बनाना शुरू कर दिया है। प्रदेश महामंत्री, प्रदेश उपाध्यक्ष और प्रदेश मंत्री अपनी कुर्सी बचाने के लिए लखनऊ से दिल्ली तक भाजपा और संघ के पदाधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं। उनका तर्क है कि इतने सालों का अनुभव होने के कारण उन्हें मंडल से लेकर क्षेत्र तक की गहरी जानकारी है। अगर उन्हें हटाया गया तो चुनावी साल में पार्टी को नुकसान हो सकता है। वो जिस जाति से आते हैं, उससे अगर किसी नए चेहरे को मौका दिया भी गया, तब भी पार्टी को उतना फायदा नहीं होगा। संगठन में पद के लिए खींचतान लाजिमी, क्योंकि फायदे कई
प्रदेश संगठन में पद को लेकर इतनी खींचतान क्यों हैं? इसे ऐसे समझ सकते हैं कि विधानसभा चुनाव 2027 करीब हैं। पंचायत चुनाव भी होने हैं। इनमें कैंडिडेट के सिलेक्शन में प्रदेश पदाधिकारियों की अहम भूमिका होती है। अपने करीबी कार्यकर्ता को टिकट दिलाने पर पदाधिकारियों को लंबे समय तक पॉलिटिकल फायदे मिलते हैं। इतना ही नहीं, प्रदेश उपाध्यक्ष या महामंत्री बनने से विधान परिषद या राज्यसभा जाने का रास्ता भी साफ हो जाता है। इसलिए इस वक्त 2 तरह की मशक्कत दिख रही है। पहला- मौजूदा प्रदेश पदाधिकारी पद बचाने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरा- नए चेहरे पद पाने के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं। पार्टी में नए क्षेत्रीय अध्यक्ष दिखेंगे
भाजपा ने यूपी को 6 संगठनात्मक क्षेत्रों में बांटा है। अवध, कानपुर, गोरखपुर, काशी, ब्रज और पश्चिम। हर क्षेत्र में एक क्षेत्रीय टीम भी बनी है। सभी 6 अध्यक्ष बदले जा सकते हैं। उनकी जगह पार्टी में नए चेहरों को मौका मिलेगा। मौजूदा क्षेत्रीय अध्यक्षों को अग्रिम मोर्चों में एडजस्ट किया जा सकता है। अब BJP की पूरी यूपी टीम को भी जानिए प्रदेश अध्यक्ष प्रदेश महामंत्री संगठन प्रदेश महामंत्री प्रदेश उपाध्यक्ष प्रदेश मंत्री कोषाध्यक्ष सह-कोषाध्यक्ष ————————– यह खबर भी पढ़ें – योगी सरकार पुलिस में 81 हजार पदों पर भर्ती निकालेगी, CM बोले- सभी भर्ती टाइम पर होंगी यूपी पुलिस में 81 हजार से अधिक पदों पर भर्ती निकाली जाएगी। इसका ऐलान खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया। वे गुरुवार देर रात पुलिस विभाग के कामकाज की समीक्षा कर रहे थे। सीएम ने कहा- उत्तर प्रदेश पुलिस में शामिल होने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए 2026-27 बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है। इस एक वर्ष में यूपी पुलिस में 81 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की तैयारी की जा रही है। पढ़िए पूरी खबर…