आम आदमी पार्टी (AAP) सांसद राघव चड्ढा को अपनी पार्टी द्वारा राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद विवाद गहराया हुआ है। इस मामले में अब स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की एंट्री हो गई। उन्होंने एक पाडकास्ट में कहा कि राघव हमारे देश का एसेट है। यह तो आम आदमी पार्टी अपना नुकसान कर रही है। राजनीतिक गणित अलग होता है। कई लोग तो कह रहे हैं कि उनका राजनीतिक कद बढ़ने लग गया था, जो आगे चलकर लीडर के लिए दिक्कत कर देता। अब जो कुछ भी हो, वह उनका अपना मसला है। लेकिन उनके प्रति जो देश की धारणा है, वह अच्छी है। वह उन्नति करेंगे। वहीं, पाडकास्ट का कुछ अंश राघव चड्ढा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर शेयर किया है। आइए 4 प्वाइंटों में जानते हैं कि शंकराचार्य ने राघव चड्ढा को लेकर क्या कहा है- 1. संसद में आम लोगों की आवाज उठाई राघव चड्ढा के जब बेटा हुआ तो उनका फोन हमारे पास आशीर्वाद के लिए आया था। हमने उन्हें कहा था कि बहुत अच्छा है, बहुत बधाई। उन्होंने संसद में खड़े होकर आम आदमी के लिए जो आवाज उठाई, पूरे देश की जनता ने उनकी प्रशंसा की। अब उनकी पार्टी यह कह रही है कि जो मुद्दे थे, उन्हें हमारे ढंग से उठाना चाहिए था। आपने अपने ढंग से मुद्दे आम लोगों के मुद्दे उठा दिए, इसलिए हम आपको यहां पर अपना प्रवक्ता रखना नहीं चाहते हैं। देखिए, तकनीकी दृष्टि से अगर देखें तो वह पार्टी है। वह अपने तरीके से पक्ष रखवाएगी। इस पर तो कोई कुछ नहीं कह सकता है। राघव चड्ढा कुछ नहीं कह सकते हैं। हम भी नहीं कर सकते हैं। पार्टी है। पार्टी में जो व्यवस्था है, वह जिससे अपना पक्ष रखवाना चाहती है, रखवाए। 2. अब वह स्वंय व्यक्ति हो गया है राघव चड्ढा जिस तरह से आम लोगों के प्रश्न संसद में रखे हैं और जिस तरह उनकी सुनवाई हुई , कई मुद्दों पर कार्रवाई हुई है। उससे यह बहुत बड़ी आशा राघव चड्ढा के प्रति लोगों की बन गई है। अब उस आशा को कहां से खत्म कर देंगे। वह जिस पार्टी में जाएंगे, अब व्यक्ति पार्टी के आधार पर नहीं रहेगा। अब वह स्वयं एक व्यक्ति हो गया है। इसलिए अब वह किसी पार्टी में रहें, चाहे बिना पार्टी के रहें, लोग उससे हृदय से जुड़े रहेंगे। उनसे अपेक्षा करेंगे कि वह जहां भी रहें, हमारी बात उठाएं। अगर संसद में आप नहीं उठाने देंगे तो जनता फिर किसी दूसरी जगह और दरवाजे से भेज देगी कि जाओ हमारी आवाज उठाओ। 3. वह तो हमारे देश का एसेट है आम आदमी पार्टी द्वारा राघव चड्ढा को छोड़ देने के सवाल पर शंकराचार्य ने कहा कि यह उनका विषय है। हम सलाहकार तो उनके नहीं हैं। हम न उनको सलाह देंगे कि यह करो या न करो। न उन्होंने हमसे सलाह मांगी है और न हम बिना मांगे सलाह देंगे। उनका भविष्य उज्ज्वल है, क्योंकि जो व्यक्ति जनता की बात करेगा, उसका भविष्य कभी खराब नहीं हो सकता। मेरा पूरा आशीर्वाद है। वह बहुत शिष्ट व्यक्ति हैं और तथ्य के साथ बात रखते हैं। ऐसे नेता कहां अपने देश में , गिने-चुने ही नेता हैं। सौम्य व मृदुभाषी हैं। हमारे देश का एसेट हैं। 4. पार्टी अपना नुकसान कर रही है यह तो आम आदमी पार्टी अपना नुकसान कर रही है। अब उसके राजनीतिक गणित अलग होता है। कई लोग कह रहे हैं कि उनका कद बढ़ने लग गया था, आगे चलकर लीडर के लिए दिक्कत कर देता। अब जो भी हो, उनका अपना मसला है। लेकिन उनके प्रति जो देश की धारणा है, हमने कई लोगों से सुना है, वह अच्छी है। आगे वह अभी उन्नति करेंगे।
राघव ने किया था रेड कारपेट वेलकम शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अक्टूबर 2024 में दिल्ली स्थित राघव चड्ढा और परिणीति चोपड़ा के निवास पर विशेष आमंत्रण पर पहुंचे, जहां उन्होंने रेड कार्पेट स्वागत के बीच पादुका पूजन और आशीर्वाद कार्यक्रम में भाग लिया। यह एक दुर्लभ मुलाकात थी, जिसे राघव चड्ढा ने अपने जीवन का यादगार पल बताते हुए सोशल मीडिया पर साझा किया था। यह विजिट उस समय हुई थी, जब राघव की नई नई शादी हुई थी। ऐसे शुरू हुआ था यह विवाद आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में ‘डिप्टी लीडर’ के पद से हटा दिया है। पार्टी ने उन पर भाजपा के प्रति नरम रुख अपनाने और पंजाब के मुद्दों को प्रभावी ढंग से न उठाने का आरोप लगाया है, जबकि चड्ढा ने इसे एक “साजिश” करार दिया है। वहीं, पंजाब के आप नेता उनके खिलाफ बोल रहे है। हालांकि राघव सोशल मीडिया अकाउंट पर अपनी बात विस्तार से रख चुके है।
राघव ने किया था रेड कारपेट वेलकम शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद अक्टूबर 2024 में दिल्ली स्थित राघव चड्ढा और परिणीति चोपड़ा के निवास पर विशेष आमंत्रण पर पहुंचे, जहां उन्होंने रेड कार्पेट स्वागत के बीच पादुका पूजन और आशीर्वाद कार्यक्रम में भाग लिया। यह एक दुर्लभ मुलाकात थी, जिसे राघव चड्ढा ने अपने जीवन का यादगार पल बताते हुए सोशल मीडिया पर साझा किया था। यह विजिट उस समय हुई थी, जब राघव की नई नई शादी हुई थी। ऐसे शुरू हुआ था यह विवाद आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में ‘डिप्टी लीडर’ के पद से हटा दिया है। पार्टी ने उन पर भाजपा के प्रति नरम रुख अपनाने और पंजाब के मुद्दों को प्रभावी ढंग से न उठाने का आरोप लगाया है, जबकि चड्ढा ने इसे एक “साजिश” करार दिया है। वहीं, पंजाब के आप नेता उनके खिलाफ बोल रहे है। हालांकि राघव सोशल मीडिया अकाउंट पर अपनी बात विस्तार से रख चुके है।