टीचर बेटी की लाश के साथ 5 महीने रहा पिता:मेरठ में परफ्यूम डालकर बदबू मिटाता था; पैर छोड़कर बाकी बॉडी कंकाल बन चुकी थी

मेरठ में एक पिता अपनी टीचर बेटी की लाश के साथ 5 महीने तक घर में रहा। लाश बुरी तरह से सड़ चुकी थी। मगर बेटी के साथ रहने की जिद में पिता उससे अलग नहीं होना चाहता था। वह लाश की बदबू छिपाने के उस पर परफ्यूम स्प्रे करता रहा। लड़की की पूरी बॉडी कंकाल बन चुकी थी। सिर्फ पैर ही बचा था। घटना का पता उस समय चला जब घर पर रिश्तेदार पहुंचे। इसके बाद कॉल करके पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने घर के एक कमरे से लाश बरामद की। बॉडी की हालत इतनी बद से बदतर हो चुकी थी कि रिश्तेदार से लेकर पुलिस वाले और पड़ोसी इसे देख नहीं पा रहे थे। पूरा मामला सदर बाजार के तेली मोहल्ले का है। मौके की 3 तस्वीरें देखिए… अब पूरा मामला विस्तार से
मूलरूप से बंगाल के रहने वाले उदय भानु बिस्वास सदर के तेली मोहल्ले में रहते हैं। शुक्रवार देर शाम कुछ रिश्तेदार उदय भानु के घर पहुंचे। रिश्तेदारों ने घर में जैसे ही एंट्री की तो वहां उठ रही दुर्गंध ने सभी दूर भाग खड़े हुए। अंदर जाकर देखा तो एक कमरे में सड़ा हुआ युवती का शव मिला। कम्प्यूटर टीचर थी प्रियंका
रिश्तेदारों ने घर में रहने वाले उदय भानु बिस्वास को पकड़ लिया। उनसे सख्ती से पूछताछ की। इस दौरान पता चला कि लाश किसी और का नहीं बल्कि उदय भानु की बेटी प्रियंका बिस्वास की थी, जिसकी करीब 5 महीने पहले मौत हो चुकी थी। प्रियंका बिस्वास प्राइवेट टीचर थी। वह कम्प्यूटर सब्जेक्ट पढ़ाती थी। पिता उदय भानु बिस्वास लोगों से बताता था कि वह देहरादून में काम करता है। बेटी भी वही रहती थी। 5 महीने पहले मर चुकी थी प्रियंका
रिश्तेदारों ने पुलिस को बताया कि प्रियंका की मौत करीब पांच महीने पहले हो चुकी थी। उसके पिता उदय भानु ने किसी को पता नहीं चलने दिया। बेटी के शव को घर के अंदर ही रखा। रिश्तेदार जब अंदर पहुंचे तो देखा कि युवती का शव कंकाल में बदला हुआ है। केवल पैर ही दिखाई दे रहा है। 2013 में पत्नी ने किया था सुसाइड
इस पूरी घटना के पीछे की वजह प्रियंका की मां शर्मिष्ठा की मौत भी सामने आ रही है। 2013 में भानु बिस्वास बनारस में यूपी बोर्ड ऑफिस में तैनात थे। वह घर नहीं आ पाते थे, जिसको लेकर पत्नी शर्मिष्ठा नाराज रहती थी। उसी दौरान शर्मिष्ठा ने मेरठ के घर में फांसी लगा ली। इसके बाद प्रियंका सदमे में आ गई। वह एकदम शांत रहने लगी थी। 5 दिसंबर को आखिरी बार देखा गया
प्रियंका के चचेरे भाई बिस्वजीत कुमार विश्वास ने बताया- उन्होंने अपने चाचा उदय भानु विश्वास को 5 दिसंबर को आखिरी बार देखा था। उसके बाद न तो प्रियंका दिखी और न ही चाचा। एक दिन फोन कर पूछताछ करने का प्रयास किया तो फोन कट गया। थोड़ी देर बाद चाचा ने खुद नए नंबर से फोन मिलाया। उन्होंने बताया कि वह देहरादून में है। प्रियंका के बारे में पूछने पर बताया कि वह बीमार है। देहरादून के अस्पताल में भर्ती है, जहां उसका इलाज चल रहा है। बिस्वजीत ने बताया- वह काफी समय से इस परिवार को ढूंढ रहे थे। शुक्रवार शाम किसी ने उन्हें फोन करके बताया कि उदय भानु को बेगमबाग के कॉर्नर पर बनी चाय की दुकान पर देखा गया है। इसके बाद बिस्वजीत अपने कुछ रिश्तेदारों को लेकर दुकान पर पहुंचे और चाचा को पकड़ लिया। घर के भीतर लगा कूड़े का ढेर
बिस्वजीत विश्वास ने बताया- उन्हें चाचा उदय भानु की बातों पर शक हुआ। इसके बाद उन्होंने अपने कुछ रिश्तेदारों को वहां बुला लिया। इसके बाद सभी उदय भानु को पकड़कर उनके घर पर ले आए। यहां सख्ती करने के बाद उन्होंने सच कबूल दिया। उन्होंने जैसे ही बताया कि बेटी की लाश घर के अंदर है तो सब हैरान रह गए। रिश्तेदारों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने उदय भानु को लेकर घर में एंट्री की तो हैरान रह गई। घर के अंदर कूड़े का ढेर लगा हुआ था। बेड पर प्रियंका का शव तो पड़ा था, लेकिन वह कंकाल बन चुका था। इस बात की खबर मिलते ही पूरा मोहल्ला इकट्ठा हो गया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्च्युरी भिजवाया। पीलिया से हुई प्रियंका की मौत
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि भानु बिस्वास घर के अंदर ही रह रहा था। वह दुर्गंध को छिपाए रखने के लिए परफ्यूम का यूज करता था। उसके घर से परफ्यूम की काफी बोतले भी मिली हैं। पुलिस ने उदय भानु से पूछताछ के बाद उसे हिरासत में लेकर सदर बाजार थाने भेज दिया। उदय भानु ने पुलिस को बताया कि प्रियंका को काला पीलिया हो गया था। वह उसकी झाड़-फूंक कराते थे। लेकिन सेहत नहीं सुधरी और उसकी मौत हो गई। 2 महीने तक वह उसके साथ रहे। इसके बाद वह देहरादून चले गए। देहरादून से कुछ समय पहले ही वापस आए थे। उस वक्त भी प्रियंका के शव आधे से ज्यादा सड़ चुका था। ————————- ये खबर भी पढ़ें… वृंदावन में यमुना में नाव डूबी, 10 पर्यटकों की मौत:लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी, मदद के लिए सेना पहुंची; सभी पंजाब के रहने वाले मथुरा के वृंदावन में 30 पर्यटकों से भरी प्राइवेट नाव यमुना नदी में पलट गई। हादसे में 10 पर्यटकों की डूबने से मौत हो गई। इनमें 7 महिलाएं और 3 पुरुष हैं। मृतकों में पति-पत्नी और पिता-बेटी शामिल हैं। नाव में सवार सभी पर्यटक बांके बिहारी क्लब के सदस्य थे और पंजाब से घूमने आए थे। पढ़ें पूरी खबर…