यूपी में किसकी हवा है? कौन सी पार्टी जनता की पहली पसंद बनती दिख रही है। भाजपा के विधायकों से लोग खुश हैं या नाराज? सपा विधायकों को लेकर लोग क्या सोचते हैं? NDA के सहयोगी दल जनता की उम्मीदों पर कितने खरे उतरे? क्या बसपा की वापसी होगी? दैनिक भास्कर एप पर 25 मार्च से सर्वे शुरू हुआ, 10 अप्रैल तक चला। इसमें 6 लाख से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। यूपी के किस क्षेत्र में किस पार्टी का दबदबा है। भाजपा, सपा और बसपा के कौन-कौन से चौंकाने वाले नाम सामने आए हैं? इन सवालों का जवाब आज से लगातार 10 दिनों तक दैनिक भास्कर एप पर पढ़िए। पारदर्शिता और निष्पक्षता का पूरा ध्यान रखा
ये सर्वे सिर्फ दैनिक भास्कर एप पर किया गया। सर्वे की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए हमने ये सुनिश्चित किया कि एक व्यक्ति एक ही बार हिस्सा ले सके। ये भी देखा गया कि कोई व्यक्ति गलत तरीके से अपने पक्ष में या किसी के विरोध में सर्वे न भरवा सके। इस सर्वे में संभावित उम्मीदवारों के नाम जुटाने के लिए भास्कर के 7 हजार से ज्यादा रिपोर्टर 75 जिलों के 800 ब्लॉक और 58 हजार पंचायतों में पहुंचे। क्षेत्र में सक्रियता, राजनीतिक बैकग्राउंड जैसे मानकों पर हमने संभावित उम्मीदवारों के नाम शामिल किए। इसके बावजूद सर्वे में आम लोगों को यह विकल्प भी दिया कि वो इनके अलावा अपनी पसंद के उम्मीदवारों के नाम दे सकते हैं। कैसे दिखेगा सर्वे का रिजल्ट
पहले 2 दिन रिजल्ट का ओवरऑल सीन बताएंगे। यानी कितने विधायकों और किस पार्टी को कितना पसंद किया गया। तीसरे दिन सीटवार नतीजे बताएंगे कि कहां किस विधायक को पसंद किया, किसको नापसंद किया। कौन सी पार्टी उस सीट पर नंबर-1 है। सीटवार रिजल्ट देखने के लिए आपको अपने जिले और विधानसभा सीट को सिलेक्ट करना होगा (अगर आप सर्वे में शामिल नहीं हुए हैं)। चौथे दिन से दसवें दिन तक सर्वे के चौंकाने वाले नतीजों की खबरें प्रकाशित होंगी। हमने सर्वे में क्या-क्या पूछा था
आपके मौजूदा विधायक को क्या टिकट मिलना चाहिए? हां, तो क्यों? क्या वो आपकी जाति के हैं? उनका व्यवहार अच्छा है? या उन्होंने विकास के काम कराए हैं। नहीं पसंद हैं, तो कौन आपकी पसंद है? ये भी पूछा गया। इसमें हमने संभावित उम्मीदवारों के नाम दिए थे और खुद की पसंद से नाम भरने का विकल्प भी दिया था।
ये सर्वे सिर्फ दैनिक भास्कर एप पर किया गया। सर्वे की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए हमने ये सुनिश्चित किया कि एक व्यक्ति एक ही बार हिस्सा ले सके। ये भी देखा गया कि कोई व्यक्ति गलत तरीके से अपने पक्ष में या किसी के विरोध में सर्वे न भरवा सके। इस सर्वे में संभावित उम्मीदवारों के नाम जुटाने के लिए भास्कर के 7 हजार से ज्यादा रिपोर्टर 75 जिलों के 800 ब्लॉक और 58 हजार पंचायतों में पहुंचे। क्षेत्र में सक्रियता, राजनीतिक बैकग्राउंड जैसे मानकों पर हमने संभावित उम्मीदवारों के नाम शामिल किए। इसके बावजूद सर्वे में आम लोगों को यह विकल्प भी दिया कि वो इनके अलावा अपनी पसंद के उम्मीदवारों के नाम दे सकते हैं। कैसे दिखेगा सर्वे का रिजल्ट
पहले 2 दिन रिजल्ट का ओवरऑल सीन बताएंगे। यानी कितने विधायकों और किस पार्टी को कितना पसंद किया गया। तीसरे दिन सीटवार नतीजे बताएंगे कि कहां किस विधायक को पसंद किया, किसको नापसंद किया। कौन सी पार्टी उस सीट पर नंबर-1 है। सीटवार रिजल्ट देखने के लिए आपको अपने जिले और विधानसभा सीट को सिलेक्ट करना होगा (अगर आप सर्वे में शामिल नहीं हुए हैं)। चौथे दिन से दसवें दिन तक सर्वे के चौंकाने वाले नतीजों की खबरें प्रकाशित होंगी। हमने सर्वे में क्या-क्या पूछा था
आपके मौजूदा विधायक को क्या टिकट मिलना चाहिए? हां, तो क्यों? क्या वो आपकी जाति के हैं? उनका व्यवहार अच्छा है? या उन्होंने विकास के काम कराए हैं। नहीं पसंद हैं, तो कौन आपकी पसंद है? ये भी पूछा गया। इसमें हमने संभावित उम्मीदवारों के नाम दिए थे और खुद की पसंद से नाम भरने का विकल्प भी दिया था।