योगी सरकार में आज 6 नए मंत्री शामिल होंगे:इनमें एक ब्राह्मण, 3 ओबीसी और 2 दलित; 3 मंत्रियों का प्रमोशन भी हो सकता है

योगी कैबिनेट का आज रविवार को दूसरी बार विस्तार होगा। दोपहर साढ़े 3 बजे 6 नए मंत्री शपथ लेंगे। सपा से बगावत करने वाले विधायक मनोज पांडेय को मंत्री बनाया जाएगा। इनके अलावा, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी, सुरेंद्र दिलेर, कृष्णा पासवान, हंसराज विश्वकर्मा और कैलाश राजपूत का नाम भी फाइनल है। नए बनने वाले मंत्रियों में 1 ब्राह्मण, 3 ओबीसी और 2 दलित वर्ग से हैं। 3 मंत्रियों का प्रमोशन भी हो सकता है। इनमें राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेंद्र कश्यप, राज्यमंत्री अजीत पाल और राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम है। जिन विधायकों को मंत्री बनाया जाना है, उनको फोन करके लखनऊ बुलाया गया है। सपा की बागी पूजा पाल को भी मंत्री बनाए जाने की चर्चा थी। बाद में उनका नाम हट गया। पाल समाज को साधने के लिए अजीत पाल को प्रमोशन देने की बात कही जा रही है। भूपेंद्र चौधरी को पीडब्ल्यूडी विभाग दिया जा सकता है। जितिन प्रसाद के केंद्र में मंत्री बनने के बाद से यह मंत्रालय योगी के पास ही है। इससे पहले, शनिवार शाम करीब साढ़े 6 बजे सीएम योगी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से मिलने पहुंचे। करीब 45 मिनट तक बात कर योगी ने राज्यपाल को नए बनने वाले मंत्रियों की लिस्ट सौंपी। अभी यूपी सरकार में योगी को मिलाकर कुल 54 मंत्री हैं। यानी, 6 की जगह खाली हैं। योगी मंत्रिमंडल का पहला विस्तार 2024 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले 5 मार्च, 2024 को हुआ था। ये बनेंगे मंत्री… 1- भूपेंद्र सिंह चौधरी: यूपी भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पश्चिमी यूपी के प्रमुख जाट चेहरों में शामिल हैं। मुरादाबाद के रहने वाले हैं। संघ और भाजपा संगठन में लंबे समय तक सक्रिय रहे। 2016 में पहली बार विधान परिषद सदस्य (MLC) बने। अभी भी एमएलसी हैं। 2017 में भाजपा सरकार बनने के बाद पंचायती राज राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 2019 में कैबिनेट मंत्री, पंचायती राज बने। 2- मनोज पांडेय: रायबरेली की ऊंचाहार विधानसभा सीट से विधायक हैं। 2012-17 में सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे। 2022 में सपा के टिकट पर विधायक चुने गए। विधानसभा में सपा के मुख्य सचेतक भी रहे। मनोज पांडेय अवध और पूर्वांचल में बड़े ब्राह्मण नेता हैं। 3- कृष्णा पासवान: फतेहपुर जिले की खागा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के रूप में संघर्ष भरे जीवन की शुरुआत करने वाली कृष्णा पासवान जिले की प्रमुख दलित नेताओं में गिनी जाती हैं। वह 4 बार विधायक और दो बार जिला पंचायत सदस्य रह चुकी हैं। यूपी भाजपा का विश्वसनीय महिला चेहरा मानी जाती हैं। 4- हंसराज विश्वकर्मा: भाजपा से विधान परिषद सदस्य (MLC) हैं। पिछड़ा वर्ग की राजनीति में मजबूत पकड़ रखने वाले हंसराज विश्वकर्मा पिछले 34 वर्षों से सक्रिय राजनीति में हैं। 1989 में बूथ स्तर से राजनीतिक सफर शुरू किया। राम मंदिर आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई। 2019 लोकसभा और 2022 विधानसभा चुनाव में वाराणसी में भाजपा की बड़ी जीत में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। 5- सुरेंद्र दिलेर: अलीगढ़ जिले की खैर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक हैं। भाजपा के प्रमुख दलित युवा नेताओं में शामिल हैं। वह हाथरस के पूर्व भाजपा सांसद राजवीर सिंह दिलेर के पुत्र हैं। उनके बाबा किशन लाल दिलेर 6 बार विधायक और 4 बार सांसद रहे हैं। उनके पिता राजवीर सिंह दिलेर एक बार सांसद और एक बार विधायक रह चुके हैं। 6- कैलाश सिंह राजपूत: 1996 में कन्नौज के तिर्वा विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी। इसके बाद 2007 में बसपा के टिकट पर चुनाव लड़ा और जीते। 2017 के विधानसभा चुनाव में फिर से भाजपा के साथ जुड़े और चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। 2022 में भी उन्होंने कन्नौज जिले की तिर्वा विधानसभा सीट से जीत दर्ज की। योगी कैबिनेट के विस्तार से जुड़े पल-पल के अपडेट के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए-