लखनऊ में भाजपा युवा मोर्चा नेता चेतन तिवारी को मारी गई गोली उनकी रीढ़ की हड्डी में फंसी है। उनकी हालत बेहद नाजुक है। कमर के नीचे का हिस्सा सुन्न है। इस मामले में पुलिस उपायुक्त पश्चिमी ने टिकैतगंज चौकी प्रभारी दीपांकर शर्मा को हटा दिया है। उन्हें तत्काल प्रभाव से पश्चिमी जोन कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। उपनिरीक्षक के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई के संबंध में जांच सहायक पुलिस आयुक्त काकोरी को सौंपी गई है। भाजपा नेता के भाई ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि डॉक्टर ने कहा है गोली अंदर ही रहेगी। अगर अभी ऑपरेशन करने की कोशिश की गई तो हालत और खराब हो सकती है। चेतन को गोली मारने वाले वैभव बाजपेई का मंगलवार को एक वीडियो सामने आया है। जिसमें वह थाने के अंदर सरेंडर करने जाता दिख रहा है। वीडियो 9 मई की रात का वीडियो है, जो उसने खुद बनवाया था। आरोपी वैभव ने चेतन के घर जाकर उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। वैभव ने पुलिस को बताया कि चेतन ने अपने नाम में ‘महाराज’ जोड़ा था, इससे वह चिढ़ा हुआ था। जानिए पूरा मामला… हाथ में पिस्टल लेकर पैदल पहुंचा
मेहंदीगंज निवासी सुरेश चंद्र तिवारी के बेटे चेतन तिवारी भाजपा युवा मोर्चा की लखनऊ महानगर कार्यसमिति के सदस्य हैं। चेतन शनिवार रात 9 से 10 बजे के बीच घर के सामने पार्किंग बनवा रहे थे। उसी समय मोहल्ले में रहने वाला वैभव बाजपेई उर्फ कौस्तुभ बाजपेई वहां पिस्टल लेकर पैदल पहुंचा। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता कि वैभव ने पिस्टल से चेतन पर फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से चेतन सड़क पर गिर पड़े। बचाने आए उनके कर्मी उदयराज रावत पर भी फायरिंग की। हालांकि, उदय को गोली नहीं लगी। शोर-शराबा सुनकर भीड़ आई तो आरोपी वैभव भाग गया। चेतन की हालात में कोई सुधार नहीं
बड़े भाई रजनीश तिवारी ने बताया कि चेतन की स्थिति अभी भी क्रिटिकल बनी है। बहुत हल्का सुधार है। हालांकि उनकी रीढ़ में गोली फंसी हुई है। जिसके चलते समस्या बनी हुई है और जल्दी रिकवरी नहीं हो पाएगी। ट्रॉमा सेंटर के CMS डॉ. प्रेमराज सिंह ने बताया- मरीज की हालत स्थिर है। अभी ऑपरेशन की कोई प्लानिंग नहीं है। टाइम के साथ रिकवरी होगी। बुलेट निकालना मुश्किल है। ऑपरेट करने से हालत और खराब हो सकती है। दबंगई से जमीन पर कब्जा कर बस्ती बसवा दी
चेतन तिवारी के बड़े भाई रजनीश तिवारी ने बताया कि आरोपी काफी दबंग किस्म के लोग हैं। अवैध कब्जे और दूसरी की जमीन हड़पना उनकी पुरानी आदत है। अगर किसी घर में बुजुर्ग महिला अकेले रह रही है, तो उससे संपर्क करते हैं। फिर उसकी हत्या करके या किसी अन्य तरीके से कब्जा जमा लेते हैं। इसके अलावा मेहंदीगंज में जिस जमीन पर जयपुरिया स्कूल बना है, उसमें भी कब्जा कर रखा है। वहां पर बग्लादेशी-रोहिंग्या को बसा रखा है। इस तरह का काम उनका चलता रहता है। इसके अलावा ई-रिक्शा वालों की बैटरी अवैध रूप से चार्ज करते हैं। इन लोगों के ऊपर कई बड़े राजनेताओं का हाथ है। इसी के चलते कभी कोई एक्शन नहीं हुआ। चेतन के घर में मार्च में मनाई गई थीं खुशियां
2 महीने पहले यानी मार्च में चेतन के घर में बेटी होने की खुशियां मनाई गई थीं। पत्नी मानसी बेटी को लेकर हॉस्पिटल से जब घर गईं तो जबरदस्त स्वागत हुआ था। सबकुछ घर में अच्छा चल रहा था। मानसी के अनुसार, चेतन 2-3 दिन बाद चारपहिया गाड़ी लाने वाले थे। आज पूरा परिवार ट्रॉमा सेंटर में मौजूद है। नवजात बेटी को गोद में लेकर मानसी भी मौन बैठी थीं। तीन साल पहले तक आरोपी-पीड़ित दोस्त थे
वैभव ने पुलिस को बताया है कि 2023 तक उसकी और चेतन की गहरी दोस्ती थी। वैभव ने बताया कि उसके बाबा पुत्तन बाजपेई को लोगों ने महाराज की उपाधि दी थी। दो साल से चेतन तिवारी ने अपने नाम के आगे महाराज लिखना शुरू कर दिया था। इस पर उनके बीच विवाद शुरू हो गया। दोस्ती धीरे-धीरे दुश्मनी में बदल गई। दिसंबर-2024 में चेतन ने वैभव और उसके घरवालों के खिलाफ थाने में शिकायत दी थी। इस पर 2 FIR भी दर्ज करवाई थीं। भाजयुमो महामंत्री ने आंदोलन की चेतावनी दी
भाजपा युवा मोर्चा महामंत्री लखनऊ अमित त्रिपाठी ने अपनी इंस्टाग्राम आईडी पर वीडियो पोस्ट कर लिखा- लखनऊ में थाना बाजारखाला पुलिस जो चेतन तिवारी पर हुए जानलेवा हमले में अपनी पीठ थपथपा रही है कि उसने आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह वीडियो उसी आरोपी का है, जिसने गोली चलाने के तुरंत बाद थाने पहुंचा। समर्पण करने जाते समय आरोपी के हावभाव ऐसे हैं कि जैसे पहले से ही थाने में संरक्षण प्राप्त है। उसके बाद भी न ही SHO और न ही चौकी प्रभारी पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अगर 48 घंटे के अंदर जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो हम भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। —————————— संबंधित खबर भी पढ़िए- नाम के आगे महाराज लिखने पर BJP-नेता को मारी गोली : सालभर पहले लखनऊ में चाकू से किया था हमला, दोनों अच्छे दोस्त थे लखनऊ में भाजपा नेता चेतन तिवारी गोलीकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि मुख्य आरोपी वैभव बाजपेई 3 साल पहले तक चेतन का अच्छा दोस्त था। 3 साल पहले चेतन ने अपने नाम के आगे महाराज लिखना शुरू कर दिया। वैभव ने इसका विरोध किया। वैभव का कहना था कि उसके बाबा पुत्तन बाजपेई को लोगों ने सम्मानपूर्वक महाराज की उपाधि दी थी। वैभव के मना करने के बाद भी चेतन ने अपने नाम के आगे से महाराज लिखना नहीं बंद किया। इससे दोनों की दोस्ती दुश्मनी में बदल गई। (पूरी खबर पढ़िए)
मेहंदीगंज निवासी सुरेश चंद्र तिवारी के बेटे चेतन तिवारी भाजपा युवा मोर्चा की लखनऊ महानगर कार्यसमिति के सदस्य हैं। चेतन शनिवार रात 9 से 10 बजे के बीच घर के सामने पार्किंग बनवा रहे थे। उसी समय मोहल्ले में रहने वाला वैभव बाजपेई उर्फ कौस्तुभ बाजपेई वहां पिस्टल लेकर पैदल पहुंचा। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता कि वैभव ने पिस्टल से चेतन पर फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से चेतन सड़क पर गिर पड़े। बचाने आए उनके कर्मी उदयराज रावत पर भी फायरिंग की। हालांकि, उदय को गोली नहीं लगी। शोर-शराबा सुनकर भीड़ आई तो आरोपी वैभव भाग गया। चेतन की हालात में कोई सुधार नहीं
बड़े भाई रजनीश तिवारी ने बताया कि चेतन की स्थिति अभी भी क्रिटिकल बनी है। बहुत हल्का सुधार है। हालांकि उनकी रीढ़ में गोली फंसी हुई है। जिसके चलते समस्या बनी हुई है और जल्दी रिकवरी नहीं हो पाएगी। ट्रॉमा सेंटर के CMS डॉ. प्रेमराज सिंह ने बताया- मरीज की हालत स्थिर है। अभी ऑपरेशन की कोई प्लानिंग नहीं है। टाइम के साथ रिकवरी होगी। बुलेट निकालना मुश्किल है। ऑपरेट करने से हालत और खराब हो सकती है। दबंगई से जमीन पर कब्जा कर बस्ती बसवा दी
चेतन तिवारी के बड़े भाई रजनीश तिवारी ने बताया कि आरोपी काफी दबंग किस्म के लोग हैं। अवैध कब्जे और दूसरी की जमीन हड़पना उनकी पुरानी आदत है। अगर किसी घर में बुजुर्ग महिला अकेले रह रही है, तो उससे संपर्क करते हैं। फिर उसकी हत्या करके या किसी अन्य तरीके से कब्जा जमा लेते हैं। इसके अलावा मेहंदीगंज में जिस जमीन पर जयपुरिया स्कूल बना है, उसमें भी कब्जा कर रखा है। वहां पर बग्लादेशी-रोहिंग्या को बसा रखा है। इस तरह का काम उनका चलता रहता है। इसके अलावा ई-रिक्शा वालों की बैटरी अवैध रूप से चार्ज करते हैं। इन लोगों के ऊपर कई बड़े राजनेताओं का हाथ है। इसी के चलते कभी कोई एक्शन नहीं हुआ। चेतन के घर में मार्च में मनाई गई थीं खुशियां
2 महीने पहले यानी मार्च में चेतन के घर में बेटी होने की खुशियां मनाई गई थीं। पत्नी मानसी बेटी को लेकर हॉस्पिटल से जब घर गईं तो जबरदस्त स्वागत हुआ था। सबकुछ घर में अच्छा चल रहा था। मानसी के अनुसार, चेतन 2-3 दिन बाद चारपहिया गाड़ी लाने वाले थे। आज पूरा परिवार ट्रॉमा सेंटर में मौजूद है। नवजात बेटी को गोद में लेकर मानसी भी मौन बैठी थीं। तीन साल पहले तक आरोपी-पीड़ित दोस्त थे
वैभव ने पुलिस को बताया है कि 2023 तक उसकी और चेतन की गहरी दोस्ती थी। वैभव ने बताया कि उसके बाबा पुत्तन बाजपेई को लोगों ने महाराज की उपाधि दी थी। दो साल से चेतन तिवारी ने अपने नाम के आगे महाराज लिखना शुरू कर दिया था। इस पर उनके बीच विवाद शुरू हो गया। दोस्ती धीरे-धीरे दुश्मनी में बदल गई। दिसंबर-2024 में चेतन ने वैभव और उसके घरवालों के खिलाफ थाने में शिकायत दी थी। इस पर 2 FIR भी दर्ज करवाई थीं। भाजयुमो महामंत्री ने आंदोलन की चेतावनी दी
भाजपा युवा मोर्चा महामंत्री लखनऊ अमित त्रिपाठी ने अपनी इंस्टाग्राम आईडी पर वीडियो पोस्ट कर लिखा- लखनऊ में थाना बाजारखाला पुलिस जो चेतन तिवारी पर हुए जानलेवा हमले में अपनी पीठ थपथपा रही है कि उसने आरोपी को गिरफ्तार किया है। यह वीडियो उसी आरोपी का है, जिसने गोली चलाने के तुरंत बाद थाने पहुंचा। समर्पण करने जाते समय आरोपी के हावभाव ऐसे हैं कि जैसे पहले से ही थाने में संरक्षण प्राप्त है। उसके बाद भी न ही SHO और न ही चौकी प्रभारी पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अगर 48 घंटे के अंदर जिम्मेदार अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई तो हम भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। —————————— संबंधित खबर भी पढ़िए- नाम के आगे महाराज लिखने पर BJP-नेता को मारी गोली : सालभर पहले लखनऊ में चाकू से किया था हमला, दोनों अच्छे दोस्त थे लखनऊ में भाजपा नेता चेतन तिवारी गोलीकांड में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस की पूछताछ में पता चला है कि मुख्य आरोपी वैभव बाजपेई 3 साल पहले तक चेतन का अच्छा दोस्त था। 3 साल पहले चेतन ने अपने नाम के आगे महाराज लिखना शुरू कर दिया। वैभव ने इसका विरोध किया। वैभव का कहना था कि उसके बाबा पुत्तन बाजपेई को लोगों ने सम्मानपूर्वक महाराज की उपाधि दी थी। वैभव के मना करने के बाद भी चेतन ने अपने नाम के आगे से महाराज लिखना नहीं बंद किया। इससे दोनों की दोस्ती दुश्मनी में बदल गई। (पूरी खबर पढ़िए)