कानपुर के एक प्राइवेट अस्पताल में बॉलीवुड फिल्म ‘विवाह’ जैसा सीन दिखा। अस्पताल का पूरा वार्ड शादी के मंडप की तरह सजा था। आग से बुरी तरह झुलसी दुल्हन बेड पर पड़ी थी। उसे तकिए का सहारा देकर थोड़ा उठाया गया। इस बीच दूल्हा-दुल्हन ने एक-दूसरे को जयमाल पहनाया, तो तालियां बजने लगीं। इसके बाद दूल्हे ने दुल्हन का हाथ पकड़कर केक कटवाया। फिर उसने दुल्हन की मांग भरी। दूल्हे ने कहा- परिस्थितियां कैसी भी हों, हम हर पल एक-दूसरे का साथ निभाएंगे। दरअसल, कानपुर में शादी से एक दिन पहले घर में लगी आग में दुल्हन बुरी तरह झुलस गई थी। इसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शादी 14 मई को होनी थी। सभी को लग रहा था कि शादी टालनी पड़ेगी। लेकिन, अस्पताल के स्टाफ और दूल्हा-दुल्हन पक्ष के लोगों ने ऐसा नहीं होने दिया। सभी ने मिलकर मंडप तैयार किया और फिर 14 मई (गुरुवार) की रात ही शादी हुई। पहले 2 तस्वीरें देखिए- अब मामला विस्तार से पढ़िए… मेहंदी रस्म के दौरान सिलेंडर लीक होने से आग लगी थी जगन्नाथपुर गांव में जगदीश सिंह रहते हैं। उनकी 23 साल की बेटी गरिमा सिंह उर्फ श्वेता (23) की शादी कानपुर के रहने वाले विकास सिंह (27) से तय हुई थी। 14 मई को बारात आनी थी। 13 मई (बुधवार) की देर शाम घर में मेहंदी की रस्म चल रही थी। घर में रिश्तेदारों की भीड़ जुटी थी। इसी बीच गैस सिलेंडर के पाइप से अचानक गैस रिसने लगी। इससे घर में आग लग गई। चीख-पुकार सुनकर गांववाले और परिवार के लोग आग बुझाने दौड़े। इसी बीच चूल्हे पर रखी खौलते तेल से भरी कढ़ाही पलट गई। गर्म तेल उछलकर वहां मौजूद लोगों पर जा गिरा। हादसे में दुल्हन श्वेता के साथ कुल 12 लोग बुरी तरह झुलस गए। घायलों में दुल्हन के पिता जगदीश और फोटोग्राफर शिवा भी शामिल हैं। अस्पताल में मची चीख-पुकार हादसे की सूचना पर लोगों की भीड़ जुट गई। लोगों ने एंबुलेंस और स्थानीय पुलिस को इसकी सूचना दी। 4 एंबुलेंस से सभी घायलों को घाटमपुर सीएचसी ले जाया गया। डॉक्टरों ने घायलों की स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें कानपुर रेफर कर दिया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम भी गांव पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। घाटमपुर इंस्पेक्टर मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि सूचना पर फायर ब्रिगेड टीम मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया था। उधर, हादसे की सूचना दूल्हे विकास और उसके घरवालों को मिली तो सभी कानपुर में मिशिका हॉस्पिटल पहुंच गए। दुल्हन श्वेता की गंभीर स्थिति देखते हुए घरवालों ने दूल्हे को शादी टालने की सलाह दी। लेकिन, दूल्हे ने शादी टालने से साफ इनकार कर दिया। विकास ने गरिमा के माता-पिता और अस्पताल प्रशासन से बात की। इसके बाद शादी की रस्में पूरी करने की इजाजत मांगी। फिर अस्पताल के बर्न वार्ड को फूल-माला से मंडप की तरह सजाया गया। दूल्हा बोला- परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, वादा निभाएंगे दूल्हे विकास सिंह ने कहा- शादी से एक दिन पहले दोनों तरफ मेहंदी की तैयारी हो रही थी। इसी दौरान घर में आग लगने से यह हादसा हुआ। मैंने दुल्हन और उसके परिवारवालों का हौसला बढ़ाया। उनसे साफ कहा कि परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, वह अपना रिश्ता और वादा दोनों निभाएगा। गरिमा घाटमपुर अस्पताल से रेफर होकर कानपुर के उर्सला अस्पताल में आई। वहां से हम लोगों ने आपस में बात करके उसको प्राइवेट अस्पताल मिशिका में भर्ती कराया। फिर मैंने अस्पताल प्रशासन से वहीं शादी करने की इजाजत मांगी। नर्सिंग स्टाफ और घरवालों ने सजावट की दोनों परिवारों और प्रशासन की सहमति के बाद अस्पताल में ही मंडप सजाया गया। दूल्हे ने बर्न वार्ड में ही गरिमा के साथ शादी की रस्में पूरी कीं। उसने गरिमा की मांग भरी। फिलहाल गरिमा और आग में झुलसे अन्य लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। मिशिका हॉस्पिटल के एमडी डॉ. सुरेंद्र पटेल ने बताया कि अस्पताल में शादी का कार्यक्रम एक भावुक पल था। नर्सिंग स्टाफ और परिजनों की मदद से वार्ड को शादी समारोह की तरह सजाया गया था। दुल्हन के स्वास्थ्य में रिकवरी हो रही है। डिस्चार्ज होने में लगभग 8 से 10 दिन लग सकते हैं। ————————— ये खबर भी पढ़िए- प्रतीक की अस्थियां विसर्जित, अपर्णा फूट-फूटकर रोईं, हरिद्वार में बेटी ने कलश माथे से लगाया, ‘I LOVE PAPA’ का कार्ड प्रवाहित किया सपा प्रमुख अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक यादव की अस्थियां शनिवार को हरिद्वार में गंगा में विसर्जित की गईं। शिवपाल यादव के सांसद बेटे आदित्य ने अस्थियों को गंगा में प्रवाहित किया। इस दौरान पत्नी अपर्णा फूट-फूटकर रोईं। परिवार के लोगों ने उन्हें संभाला। छोटी बेटी पद्मजा ने अस्थियों को माथे से लगाया, फिर वह भी फूट-फूटकर रोने लगी। पढ़ें पूरी खबर…