मुरादाबाद में बॉयफ्रेंड के साथ कारोबारी पिता के घर 1.20 करोड़ कैश और 6 तोला सोना का डाका डलवाने वाली अरीबा अब जेल में पछता रही है। उसकी रातें रो-रोकर कट रही हैं। जेल वार्डन के बार-बार कहने पर थोड़ा ही खाना खाती है। महिला बंदी रक्षक और बंदी महिलाएं उसे समझाकर शांत करती हैं, लेकिन कुछ ही देर में वो फिर से सिसकने लगती है। बार-बार कहती है- मम्मी, पापा के पास जाना है। मुझे अपने घर जाना है। जेल में भाई मिलने पहुंचा तो 21 साल की अरीबा उससे लिपटकर रो पड़ी। बोली- भाई गलती हो गई, अब किसी तरह घर ले चलो। मेरा यहां दम घुटता है। मुझे प्लीज घर ले चलो। नादानी में मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई। अब मुझे माफ कर दो। काफी समझाने पर भी अरीबा देर तक रोती रही। किसी तरह उसके भाई ने उसे शांत कराया और वादा किया कि जल्द कोशिश करके उसे बाहर निकाल लेंगे। परिवार ने अरीबा की बेल के लिए कोशिशें भी शुरू कर दी हैं। लेकिन मामला संगीन है। ऐसे में उसे जमानत मिलना आसान नहीं होगा। एक जेल अधिकारी ने बताया कि गुरुवार को अरीबा जब जेल लाई गई थी तो वह बहुत परेशान थी। वो पूरी रात रोती रही। उसकी मानसिक हालत को देखते हुए उसे कड़ी निगरानी में रखा गया था। शुक्रवार और शनिवार रात को भी वह रह रहकर रोती रही। दिन में कुछ देर सोने के बाद वो पूरी-पूरी रात जागती है। जेल में अरीबा के दिन-रात कैसे बीत रहे हैं? बंदी महिलाओं से वह क्या बातचीत करती है। जेल में उसका व्यवहार कैसा है, पढ़िए रिपोर्ट… अरीबा महिला बंदियों से बोली- मेरे घर वाले मुझे नहीं छुड़ाएंगे
जेल अधिकारी ने बताया कि जेल में महिला बैरक में कुल 78 महिला बंदी हैं। अरीबा भी इन्हीं के बीच घुलने मिलने की कोशिश कर रही है। महिला बंदी अरीबा को समझाती हैं कि फिक्र मत करो, तुम्हारी जमानत जल्द हो जाएगी और तुम यहां से छूट जाओगी। लेकिन, अरीबा इस दिलासे पर भी रोने लगती है। वो कहती है- मैंने अपने घर वालों को धोखा दिया। अपने मम्मी-पापा और भाइयों को धोखा दिया है। इसलिए वे शायद मुझे यहां से नहीं छुड़ाएंगे। वे मुझे कभी माफ नहीं करेंगे। हालांकि, जेल में भाई के मुलाकात करने के बाद से अरीबा को उम्मीद जगी है कि उसका परिवार उसकी मदद करेगा। भाई ने अरीबा से कहा कि उसकी जमानत कराने की कोशिशें की जा रही हैं। इसके बाद से अरीबा कुछ सामान्य होने की कोशिश कर रही है। मां-पिता की सबसे लाडली संतान थी अरीबा
अरीबा अपने परिवार में सबसे लाडली संतान थी। उसके पिता पीतल कारोबारी इमरान और मां सीमा अरीबा को बेहद प्यार करते थे। दूसरी बेटी अलीजा को उतनी आजादी नहीं थी, जितना अरीबा को हासिल थी। दोनों भाई अरीब और अरकान भी बहन पर जान छिड़कते थे। फैमिली ने सपने में भी नहीं सोचा था कि उनकी सबसे लाडली बेटी ही इस तरह की घटना को अंजाम दे सकती है। विस्तार से जानिए डकैती की पूरी घटना 8 साल का अफेयर, परिवार शादी को राजी नहीं था
11 मई को तड़के 3.40 बजे नागफनी थाना क्षेत्र में अकबर कंपाउंड इलाके में पीतल कारोबारी के घर में 1.20 करोड़ कैश और 6 तोला सोना की डकैती हुई। इसका खुलासा पुलिस ने 14 मई को किया। डकैती की साजिश कारोबारी की बेटी अरीबा ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर रची थी। 8 साल से उनका अफेयर चल रहा था। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन कारोबारी और उसका परिवार इसके लिए तैयार नहीं था। इसके बाद दोनों ने मिलकर साजिश रची। बॉयफ्रेंड के 7 दोस्तों ने उसका साथ दिया। सभी एक ही कॉलेज से बी फार्मा कर रहे हैं। घर में 6 बदमाश घुसे, कारोबारी और बेटे को गन पॉइंट पर लिया
मुरादाबाद में पीतल कारोबारी इमरान शहर में नागफनी थाना क्षेत्र में अकबर कंपाउंड इलाके में अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनके परिवार में पत्नी सीमा और 4 बच्चे अरीब (26), अरकान (23), अरीबा (21) और अलीजा (19) हैं। 11 मई को तड़के 3.40 बजे इमरान के घर में 1.20 करोड़ कैश और 6 तोला गहनों की लूट हुई थी। घर में 6 बदमाशों ने घुसकर कारोबारी और उनके बेटे अरीब की कनपटी पर तमंचा सटाकर इस वारदात को अंजाम दिया था। कुछ ही मिनटों में कैश और गहने लूटकर बदमाश दो कारों से मौके से फरार हो गए थे। इमरान के घर में डिजिटल लॉक है। बदमाशों ने न ही डिजिटल लॉक तोड़ा और न ही किसी अन्य रास्ते से घर में घुसे थे। उनके घर में घुसने की आहट तक सुनाई नहीं दी। इसके अलावा बदमाशों को घर में रखे 1.2 करोड़ रुपए कैश के बारे में भी सटीक जानकारी थी। उन्होंने आते ही कैश के बारे में पीतल कारोबारी से सवाल किया। ऐसे में शक था कि घर का ही कोई सदस्य बदमाशों के साथ मिला हुआ है। अरीबा की मोबाइल डिटेल्स और CCTV ने खोला राज
पुलिस ने घटना के 2 दिन बाद ही गुरुवार यानी 14 मई को पीतल कारोबारी की बेटी अरीबा, उसके बॉयफ्रेंड अरशद वारसी और उसके 3 अन्य साथियों को गिरफ्तार करके इस वारदात का खुलासा कर दिया। लूटी गई रकम से 47 लाख रुपए, वारदात में इस्तेमाल की गई 2 कारें, 4 तमंचे भी बरामद कर लिए थे। SSP सतपाल अंतिल ने बताया- घटना के बाद से पुलिस मामले की जांच में जुटी थी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से कारोबारी की बेटी अरीबा तक पहुंची और उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने लूट में शामिल सभी बदमाशों के बारे में जानकारी दी। उसने यह भी बताया कि घर में लगे डिजिटल लॉक उसी ने अपने बेडरूम के पास घर के प्रथम तल पर लगे बजर बटन को दबाकर खोले थे। पुलिस ने अरीबा, उसके बॉयफ्रेंड अरशद वारसी और अन्य तीन आरोपियों कुलदीप (26), रवि (26) और निक्की (2) को गिरफ्तार किया। सभी आरोपी इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड एंड मैनेजमेंट (IFTM यूनिवर्सिटी), मुरादाबाद में बी-फार्मा की पढ़ाई करते हैं। वहीं, अरीबा 12वीं तक पढ़ी है। वह घर पर रहती है। परिजनों को नींद की गोली देती थी
अरीबा का अमरोहा के रहने वाले अरशद वारसी के साथ करीब 7-8 साल से अफेयर था। दोनों साथ जीने मरने की कसमें खा चुके थे। लेकिन, अलग-अलग जातियों की वजह से अरीबा की फैमिली इस शादी के लिए तैयार नहीं थी। लेकिन, अरीबा पक्का मन बना चुकी थी कि उसे अरशद वारसी के साथ ही जीना है। अरीबा प्रेमी से लगातार मिलती-जुलती थी। जब उसके मिलने जुलने पर फैमिली ने रोक लगाई तो कई बार उसने परिवार को नींद की गोली देकर गहरी नींद सुला दिया और अरशद से मिली। वह उसे घर पर भी बुलाती थी। पूरी प्लानिंग अरीबा की, मेन गेट की चाबी बॉयफ्रेंड को दी
पुलिस पूछताछ में अरीबा ने बताया- प्लानिंग के मुताबिक, करीब एक महीने पहले मैंने मेन गेट की एक चाबी बनवाई। ये चाबी मैंने अरशद को दे दी। मैंने अरशद को बताया कि इसी चाबी से मेन गेट खोलकर वह घर के अंदर आ जाएगा। इसके बाद घर के दूसरे डिजिटल लॉक को मैं घर के भीतर लगे बटन को प्रेश करके खोल दूंगी। फिर अरशद अपने साथियों के साथ घर में आसानी से घुस जाएगा। जेल जाने से पहले जब अरीबा से पूछा गया कि क्या इस वारदात की पूरी प्लानिंग आपकी ही थी तो उसने हां में सिर हिलाकर जवाब दिया। ———————-
ये खबर भी पढ़िए- इंजीनियर की मां रोईं, बोलीं-काश, मुझे भी साथ ले जाता: राजा बेटा चला गया, कैसे जियूंगी; यूपी में पत्नी से तंग आकर जान दी थी ”साहब मेरा बेटा अब नहीं रहा। तीन महीने पहले देखा था। उससे आखिरी बार भी नहीं मिल पाई। गांव के एक लड़के ने फेसबुक पर उसका वीडियो दिखाया, तबसे मुझे चैन नहीं है। कैसे भूलूंगी उसे… काश वह मुझे भी साथ ले जाता।” ये दर्द कुशीनगर के सुसाइड करने वाले जवान इंजीनियर की मां का है। पढ़ें पूरी खबर…
जेल अधिकारी ने बताया कि जेल में महिला बैरक में कुल 78 महिला बंदी हैं। अरीबा भी इन्हीं के बीच घुलने मिलने की कोशिश कर रही है। महिला बंदी अरीबा को समझाती हैं कि फिक्र मत करो, तुम्हारी जमानत जल्द हो जाएगी और तुम यहां से छूट जाओगी। लेकिन, अरीबा इस दिलासे पर भी रोने लगती है। वो कहती है- मैंने अपने घर वालों को धोखा दिया। अपने मम्मी-पापा और भाइयों को धोखा दिया है। इसलिए वे शायद मुझे यहां से नहीं छुड़ाएंगे। वे मुझे कभी माफ नहीं करेंगे। हालांकि, जेल में भाई के मुलाकात करने के बाद से अरीबा को उम्मीद जगी है कि उसका परिवार उसकी मदद करेगा। भाई ने अरीबा से कहा कि उसकी जमानत कराने की कोशिशें की जा रही हैं। इसके बाद से अरीबा कुछ सामान्य होने की कोशिश कर रही है। मां-पिता की सबसे लाडली संतान थी अरीबा
अरीबा अपने परिवार में सबसे लाडली संतान थी। उसके पिता पीतल कारोबारी इमरान और मां सीमा अरीबा को बेहद प्यार करते थे। दूसरी बेटी अलीजा को उतनी आजादी नहीं थी, जितना अरीबा को हासिल थी। दोनों भाई अरीब और अरकान भी बहन पर जान छिड़कते थे। फैमिली ने सपने में भी नहीं सोचा था कि उनकी सबसे लाडली बेटी ही इस तरह की घटना को अंजाम दे सकती है। विस्तार से जानिए डकैती की पूरी घटना 8 साल का अफेयर, परिवार शादी को राजी नहीं था
11 मई को तड़के 3.40 बजे नागफनी थाना क्षेत्र में अकबर कंपाउंड इलाके में पीतल कारोबारी के घर में 1.20 करोड़ कैश और 6 तोला सोना की डकैती हुई। इसका खुलासा पुलिस ने 14 मई को किया। डकैती की साजिश कारोबारी की बेटी अरीबा ने अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर रची थी। 8 साल से उनका अफेयर चल रहा था। दोनों शादी करना चाहते थे, लेकिन कारोबारी और उसका परिवार इसके लिए तैयार नहीं था। इसके बाद दोनों ने मिलकर साजिश रची। बॉयफ्रेंड के 7 दोस्तों ने उसका साथ दिया। सभी एक ही कॉलेज से बी फार्मा कर रहे हैं। घर में 6 बदमाश घुसे, कारोबारी और बेटे को गन पॉइंट पर लिया
मुरादाबाद में पीतल कारोबारी इमरान शहर में नागफनी थाना क्षेत्र में अकबर कंपाउंड इलाके में अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनके परिवार में पत्नी सीमा और 4 बच्चे अरीब (26), अरकान (23), अरीबा (21) और अलीजा (19) हैं। 11 मई को तड़के 3.40 बजे इमरान के घर में 1.20 करोड़ कैश और 6 तोला गहनों की लूट हुई थी। घर में 6 बदमाशों ने घुसकर कारोबारी और उनके बेटे अरीब की कनपटी पर तमंचा सटाकर इस वारदात को अंजाम दिया था। कुछ ही मिनटों में कैश और गहने लूटकर बदमाश दो कारों से मौके से फरार हो गए थे। इमरान के घर में डिजिटल लॉक है। बदमाशों ने न ही डिजिटल लॉक तोड़ा और न ही किसी अन्य रास्ते से घर में घुसे थे। उनके घर में घुसने की आहट तक सुनाई नहीं दी। इसके अलावा बदमाशों को घर में रखे 1.2 करोड़ रुपए कैश के बारे में भी सटीक जानकारी थी। उन्होंने आते ही कैश के बारे में पीतल कारोबारी से सवाल किया। ऐसे में शक था कि घर का ही कोई सदस्य बदमाशों के साथ मिला हुआ है। अरीबा की मोबाइल डिटेल्स और CCTV ने खोला राज
पुलिस ने घटना के 2 दिन बाद ही गुरुवार यानी 14 मई को पीतल कारोबारी की बेटी अरीबा, उसके बॉयफ्रेंड अरशद वारसी और उसके 3 अन्य साथियों को गिरफ्तार करके इस वारदात का खुलासा कर दिया। लूटी गई रकम से 47 लाख रुपए, वारदात में इस्तेमाल की गई 2 कारें, 4 तमंचे भी बरामद कर लिए थे। SSP सतपाल अंतिल ने बताया- घटना के बाद से पुलिस मामले की जांच में जुटी थी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से कारोबारी की बेटी अरीबा तक पहुंची और उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने लूट में शामिल सभी बदमाशों के बारे में जानकारी दी। उसने यह भी बताया कि घर में लगे डिजिटल लॉक उसी ने अपने बेडरूम के पास घर के प्रथम तल पर लगे बजर बटन को दबाकर खोले थे। पुलिस ने अरीबा, उसके बॉयफ्रेंड अरशद वारसी और अन्य तीन आरोपियों कुलदीप (26), रवि (26) और निक्की (2) को गिरफ्तार किया। सभी आरोपी इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड एंड मैनेजमेंट (IFTM यूनिवर्सिटी), मुरादाबाद में बी-फार्मा की पढ़ाई करते हैं। वहीं, अरीबा 12वीं तक पढ़ी है। वह घर पर रहती है। परिजनों को नींद की गोली देती थी
अरीबा का अमरोहा के रहने वाले अरशद वारसी के साथ करीब 7-8 साल से अफेयर था। दोनों साथ जीने मरने की कसमें खा चुके थे। लेकिन, अलग-अलग जातियों की वजह से अरीबा की फैमिली इस शादी के लिए तैयार नहीं थी। लेकिन, अरीबा पक्का मन बना चुकी थी कि उसे अरशद वारसी के साथ ही जीना है। अरीबा प्रेमी से लगातार मिलती-जुलती थी। जब उसके मिलने जुलने पर फैमिली ने रोक लगाई तो कई बार उसने परिवार को नींद की गोली देकर गहरी नींद सुला दिया और अरशद से मिली। वह उसे घर पर भी बुलाती थी। पूरी प्लानिंग अरीबा की, मेन गेट की चाबी बॉयफ्रेंड को दी
पुलिस पूछताछ में अरीबा ने बताया- प्लानिंग के मुताबिक, करीब एक महीने पहले मैंने मेन गेट की एक चाबी बनवाई। ये चाबी मैंने अरशद को दे दी। मैंने अरशद को बताया कि इसी चाबी से मेन गेट खोलकर वह घर के अंदर आ जाएगा। इसके बाद घर के दूसरे डिजिटल लॉक को मैं घर के भीतर लगे बटन को प्रेश करके खोल दूंगी। फिर अरशद अपने साथियों के साथ घर में आसानी से घुस जाएगा। जेल जाने से पहले जब अरीबा से पूछा गया कि क्या इस वारदात की पूरी प्लानिंग आपकी ही थी तो उसने हां में सिर हिलाकर जवाब दिया। ———————-
ये खबर भी पढ़िए- इंजीनियर की मां रोईं, बोलीं-काश, मुझे भी साथ ले जाता: राजा बेटा चला गया, कैसे जियूंगी; यूपी में पत्नी से तंग आकर जान दी थी ”साहब मेरा बेटा अब नहीं रहा। तीन महीने पहले देखा था। उससे आखिरी बार भी नहीं मिल पाई। गांव के एक लड़के ने फेसबुक पर उसका वीडियो दिखाया, तबसे मुझे चैन नहीं है। कैसे भूलूंगी उसे… काश वह मुझे भी साथ ले जाता।” ये दर्द कुशीनगर के सुसाइड करने वाले जवान इंजीनियर की मां का है। पढ़ें पूरी खबर…