यूपी से सटा नेपाल बॉर्डर 579 किलोमीटर लंबा है। इनमें यूपी के 7 जिले आते हैं। इन जिलों के ज्यादातर पेट्रोल पंप बंद हो गए हैं। जहां पेट्रोल मिल रहा, वहां लंबी कतारे हैं। इसके पीछे की वजह वो लोग हैं, जो नेपाल बॉर्डर को क्रॉस करके भारत आते हैं। यहां से ईंधन का स्टॉक लेकर अपने देश लौट जाते हैं। अब सवाल उठता है कि ऐसा क्यों हो रहा? हाल ही में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दाम करीब 110 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गए। इस दौरान भारत ने एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर कीमतें नियंत्रित कीं (सिर्फ 7 से 7.50 रुपए की बढ़ोतरी होने दी)। जबकि, नेपाल में पेट्रोल की कीमतें 38% और डीजल की करीब 59% तक बढ़ गईं। भारतीय रुपए के हिसाब से समझें, तो भारत में बिकने वाला 100 रुपए लीटर का पेट्रोल नेपाल में 135 रुपए लीटर में बिक रहा। इसी प्रति लीटर 35 से 40 रुपए के मुनाफे के लिए भारत बॉर्डर से तेल नेपाल ले जाया जा रहा है। नेपाल बॉर्डर से सटे 7 जिलों में पेट्रोल-डीजल के ज्यादातर पंप बंद हो गए हैं। इनमें महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत शामिल हैं। महराजगंज, बहराइच और लखीमपुर खीरी में कई पंप ऐसे हैं, जहां कई दिनों से तेल पहुंचा ही नहीं है। महराजगंज के 149 पंपों में से सिर्फ 20 पंप पर ही पेट्रोल मिल रहा है। यूपी का तेल नेपाल पहुंचकर ₹35 महंगा बिक रहा यूपी में इंडियन ऑयल के एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर व यूपी के स्टेट कोऑर्डिनेटर संजय भंडारी कहते हैं, ‘पूर्वांचल के जिलों में नेपाल की वजह से दिक्कत हो सकती है। यूपी में तेल का दाम नेपाल के मुकाबले काफी कम है। ऐसे में संभव है कि नेपाल बॉर्डर से सटे जिलों के लोग यूपी से तेल भरवा रहे हों।’ नेपाल ऑयल निगम के मुताबिक- नेपाल में पेट्रोल 218 नेपाली रुपए लीटर और डीजल 222 नेपाली रुपए लीटर बिक रहा है। इंडियन करेंसी में कन्वर्ट करने पर पेट्रोल के दाम 135 रुपए लीटर और डीजल के 138 रुपए लीटर होते हैं। ये नेपाल बॉर्डर से सटे यूपी के जिलों में तेल की कीमत से करीब 35-40 रुपए ज्यादा हैं। अब नेपाल ऑफिशियल तेल कैसे खरीदता है, ये जानिए नेपाल 100% ईंधन भारत से लेता है…
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के सोर्स कहते हैं- नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन (NOC) अपनी जरूरत का 100% पेट्रोल-डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पाद भारत की IOC से ही खरीदता है। नेपाल एक लैंडलॉक्ड (चारों तरफ से जमीन से घिरा) देश है। इसलिए IOC खाड़ी देशों से क्रूड ऑयल मंगाकर अपनी रिफाइनरियों में प्रोसेस करती है। फिर उसे पाइपलाइन और टैंकरों के जरिए नेपाल को सप्लाई करती है। लखनऊ डिपो से नेपाल जाता है तेल
एक प्रशासनिक अफसर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि लखनऊ के अमौसी में इंडियन ऑयल का डिपो है। यहां से पेट्रोल-डीजल नेपाल भेजा जाता है। हालांकि, ये नेपाल सप्लाई होने वाले कुल ईंधन का एक छोटा हिस्सा है। अमौसी रेलवे स्टेशन और नादरगंज इंडस्ट्रियल एरिया के पास देश की दो सबसे बड़ी तेल कंपनियों के विशाल टर्मिनल मौजूद हैं- 1. इंडियन ऑयल (IOC): ये अमौसी रेलवे स्टेशन के करीब है। ये एक हाईटेक ‘स्मार्ट टर्मिनल’ है। यहां पेट्रोल, डीजल और मिट्टी का तेल बहुत बड़े लेवल पर स्टोर किया जाता है। 2. हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL): नादरगंज इंडस्ट्रियल एरिया में है। यहां पेट्रोल-डीजल और गैस की रिफ्यूलिंग और स्टोरेज होती है। पेट्रोलियम से जुड़े अफसर ने यह भी बताया कि लखनऊ से नेपाल से सटे जिलों तक तेल पहुंचाने के लिए टैंकर गोंडा होकर जाते हैं। वहां इस समय पुल बन रहा है। इस वजह से टैंकरों का रूट बदला गया है। ट्रकों को काफी घूम कर जाना पड़ रहा है। इससे नेपाल से सटे जिलों तक तेल पहुंचने में समय लग रहा है। यूपी में रोजाना 20 लाख लीटर पेट्रोल की खपत यूपी में इंडियन ऑयल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर संजय भंडारी बताते हैं- यूपी में रोजाना 20 लाख लीटर पेट्रोल और 33 लाख लीटर डीजल की खपत है। प्रदेश में भारत पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के कुल 13 हजार 168 पेट्रोल पंप हैं। इसी तरह 4.88 करोड़ गैस कनेक्शन हैं। इसकी सप्लाई के लिए 4143 एजेंसियां हैं। संजय भंडारी कहते हैं- यूपी में गैस की भी किल्लत नहीं है। गैस की कालाबाजारी को रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) के जरिए गैस सप्लाई की जा रही है। फिलहाल नए कनेक्शन पर अभी रोक है। इंडियन ऑयल की एजेंसियों के पास एक से डेढ़ दिन का स्टॉक बना हुआ है। प्लांट्स पर 5 दिन का स्टॉक है। ये स्टॉक लगातार बना हुआ है। समस्या उन लोगों को हो रही, जिनके नाम कनेक्शन नहीं है। जिन घरों में पाइप से गैस पहुंचती है (PNG), वे कस्टमर भी सिलेंडर बुक कर रहे हैं। इससे मांग में बढ़ोतरी हो रही है। यूपी में हर दिन 7 लाख घरेलू सिलेंडर रिफिल किए जा रहे हैं। ————————— ये खबर भी पढ़ें… यूपी में बिजली संकट से आक्रोश, भाजपा विधायक सहमे, ऊर्जा मंत्री को चिट्ठियां लिख रहे, एक्शन में योगी यूपी में एक तरफ पारा रोज नए रिकॉर्ड छू रहा है, वहीं शहर से लेकर गांव तक ‘पावर कट’ से जनता में हाहाकार है। यूपी पावर कॉरपोरेशन (UPPCL) ने 30 हजार मेगावाट से ज्यादा बिजली सप्लाई करके रिकॉर्ड बनाया। लेकिन, लोगों की जरूरत भर की बिजली नहीं दे पा रहा है। पूरी खबर पढ़ें…
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के सोर्स कहते हैं- नेपाल ऑयल कॉर्पोरेशन (NOC) अपनी जरूरत का 100% पेट्रोल-डीजल और अन्य पेट्रोलियम उत्पाद भारत की IOC से ही खरीदता है। नेपाल एक लैंडलॉक्ड (चारों तरफ से जमीन से घिरा) देश है। इसलिए IOC खाड़ी देशों से क्रूड ऑयल मंगाकर अपनी रिफाइनरियों में प्रोसेस करती है। फिर उसे पाइपलाइन और टैंकरों के जरिए नेपाल को सप्लाई करती है। लखनऊ डिपो से नेपाल जाता है तेल
एक प्रशासनिक अफसर ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि लखनऊ के अमौसी में इंडियन ऑयल का डिपो है। यहां से पेट्रोल-डीजल नेपाल भेजा जाता है। हालांकि, ये नेपाल सप्लाई होने वाले कुल ईंधन का एक छोटा हिस्सा है। अमौसी रेलवे स्टेशन और नादरगंज इंडस्ट्रियल एरिया के पास देश की दो सबसे बड़ी तेल कंपनियों के विशाल टर्मिनल मौजूद हैं- 1. इंडियन ऑयल (IOC): ये अमौसी रेलवे स्टेशन के करीब है। ये एक हाईटेक ‘स्मार्ट टर्मिनल’ है। यहां पेट्रोल, डीजल और मिट्टी का तेल बहुत बड़े लेवल पर स्टोर किया जाता है। 2. हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL): नादरगंज इंडस्ट्रियल एरिया में है। यहां पेट्रोल-डीजल और गैस की रिफ्यूलिंग और स्टोरेज होती है। पेट्रोलियम से जुड़े अफसर ने यह भी बताया कि लखनऊ से नेपाल से सटे जिलों तक तेल पहुंचाने के लिए टैंकर गोंडा होकर जाते हैं। वहां इस समय पुल बन रहा है। इस वजह से टैंकरों का रूट बदला गया है। ट्रकों को काफी घूम कर जाना पड़ रहा है। इससे नेपाल से सटे जिलों तक तेल पहुंचने में समय लग रहा है। यूपी में रोजाना 20 लाख लीटर पेट्रोल की खपत यूपी में इंडियन ऑयल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर संजय भंडारी बताते हैं- यूपी में रोजाना 20 लाख लीटर पेट्रोल और 33 लाख लीटर डीजल की खपत है। प्रदेश में भारत पेट्रोलियम, इंडियन ऑयल और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के कुल 13 हजार 168 पेट्रोल पंप हैं। इसी तरह 4.88 करोड़ गैस कनेक्शन हैं। इसकी सप्लाई के लिए 4143 एजेंसियां हैं। संजय भंडारी कहते हैं- यूपी में गैस की भी किल्लत नहीं है। गैस की कालाबाजारी को रोकने के लिए डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) के जरिए गैस सप्लाई की जा रही है। फिलहाल नए कनेक्शन पर अभी रोक है। इंडियन ऑयल की एजेंसियों के पास एक से डेढ़ दिन का स्टॉक बना हुआ है। प्लांट्स पर 5 दिन का स्टॉक है। ये स्टॉक लगातार बना हुआ है। समस्या उन लोगों को हो रही, जिनके नाम कनेक्शन नहीं है। जिन घरों में पाइप से गैस पहुंचती है (PNG), वे कस्टमर भी सिलेंडर बुक कर रहे हैं। इससे मांग में बढ़ोतरी हो रही है। यूपी में हर दिन 7 लाख घरेलू सिलेंडर रिफिल किए जा रहे हैं। ————————— ये खबर भी पढ़ें… यूपी में बिजली संकट से आक्रोश, भाजपा विधायक सहमे, ऊर्जा मंत्री को चिट्ठियां लिख रहे, एक्शन में योगी यूपी में एक तरफ पारा रोज नए रिकॉर्ड छू रहा है, वहीं शहर से लेकर गांव तक ‘पावर कट’ से जनता में हाहाकार है। यूपी पावर कॉरपोरेशन (UPPCL) ने 30 हजार मेगावाट से ज्यादा बिजली सप्लाई करके रिकॉर्ड बनाया। लेकिन, लोगों की जरूरत भर की बिजली नहीं दे पा रहा है। पूरी खबर पढ़ें…