नौतपा की भीषण गर्मी और लू से झुलस रहे उत्तर प्रदेश को 28 मई से राहत मिलने के संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेश के कई जिलों में मौसम बदल सकता है। आंधी, गरज-चमक और बारिश की संभावना जताई गई है। पश्चिमी यूपी के 23 जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी भी जारी की गई है। इससे तापमान में गिरावट आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के मुताबिक 28 और 29 मई को प्रदेश के कई हिस्सों में 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। वहीं बुधवार के लिए बांदा, आगरा, जालौन, हमीरपुर, महोबा और झांसी में लू का रेड अलर्ट जारी किया गया है। मथुरा, हाथरस और फिरोजाबाद में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। तस्वीरें देखिए- बिना पश्चिमी विक्षोभ के बारिश कैसे?
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में पिछले कई दिनों से अत्यधिक गर्मी पड़ रही है। तेज गर्मी के कारण जमीन और ऊपरी हवा के तापमान में बड़ा अंतर बन गया है। इसके साथ ही पूर्वी यूपी से लेकर छत्तीसगढ़ तक एक ट्रफ लाइन सक्रिय है। दक्षिण बिहार के ऊपर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है, जबकि जम्मू-कश्मीर और आसपास के क्षेत्रों में भी एक मौसमी सिस्टम सक्रिय है। इन सभी कारणों से प्रदेश में आंधी, तूफान और बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार हुई हैं। 29-30 को बारिश
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 28 मई को नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। दक्षिण बिहार और आसपास के इलाकों में ऊंचाई पर चक्रवाती हवाओं की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में 29 और 30 मई को प्रदेश में तेज आंधी, बारिश और बिजली कड़कने की संभावना है। हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम ? बिना किसी विक्षोभ और नौतपा के बीच बारिश कैसे?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यूपी में पिछले कुछ दिनों से तापमान बहुत ज्यादा है। तेज गर्मी के कारण जमीन और ऊपरी हवा के तापमान में बड़ा अंतर बन गया है। इसके अलावा पूर्वी यूपी से लेकर छत्तीसगढ़ तक एक ट्रफ लाइन (कम दबाव का क्षेत्र बनाने वाली एक काल्पनिक रेखा) सक्रिय है। दक्षिण बिहार के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना है। एक मौसमी सिस्टम जम्मू-कश्मीर और उसके आसपास के इलाकों के ऊपर भी एक्टिव है। इस वजह से यूपी में मौसम बदल गया है। आंधी-तूफान और बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं। यूपी में मानसून में कम बारिश होगी, वजह जानिए
जून से सितंबर के बीच उत्तर प्रदेश में भी सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा ने बताया कि इस साल प्रशांत महासागर में ला नीना जैसी स्थितियां खत्म होकर अल नीनो की ओर बढ़ने के संकेत हैं। जो कम वर्षा का कारण बनेगी। यानी इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के सामान्य से कमजोर रहने के संकेत हैं। साथ ही इस साल जनवरी-मार्च में उत्तरी गोलार्ध में बनी कम बर्फ भी मानसून को प्रभावित कर सकती है। पिछले साल 10 से 15% ज्यादा बरसा था मानसून
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 2025 के मानसून सीजन (जून से सितंबर) के दौरान औसतन 870 से 900 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। यह सामान्य मानसूनी औसत से करीब 10 से 15 प्रतिशत अधिक रही। लू लगने से बचने के लिए क्या करना चाहिए?
गर्मी में सिर्फ धूप से बचना ही काफी नहीं है, बल्कि सही आदतें अपनाना भी उतना ही जरूरी है। थोड़ी-सी सावधानी लू जैसी गंभीर समस्या से बचा सकती है। बाहर जाने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखिए
तेज गर्मी में घर से निकलने से पहले की गई छोटी-छोटी गलतियां लू का खतरा कई गुना बढ़ा सकती हैं। शरीर को अचानक हीट एक्सपोजर देने या गलत खान-पान के साथ बाहर निकलने से ओवरहीटिंग और डीहाइड्रेशन तेजी से हो सकता है। ———————————-
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में पिछले कई दिनों से अत्यधिक गर्मी पड़ रही है। तेज गर्मी के कारण जमीन और ऊपरी हवा के तापमान में बड़ा अंतर बन गया है। इसके साथ ही पूर्वी यूपी से लेकर छत्तीसगढ़ तक एक ट्रफ लाइन सक्रिय है। दक्षिण बिहार के ऊपर चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है, जबकि जम्मू-कश्मीर और आसपास के क्षेत्रों में भी एक मौसमी सिस्टम सक्रिय है। इन सभी कारणों से प्रदेश में आंधी, तूफान और बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार हुई हैं। 29-30 को बारिश
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 28 मई को नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। दक्षिण बिहार और आसपास के इलाकों में ऊंचाई पर चक्रवाती हवाओं की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में 29 और 30 मई को प्रदेश में तेज आंधी, बारिश और बिजली कड़कने की संभावना है। हवा की रफ्तार 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।
अगले 5 दिन कैसा रहेगा मौसम ? बिना किसी विक्षोभ और नौतपा के बीच बारिश कैसे?
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि यूपी में पिछले कुछ दिनों से तापमान बहुत ज्यादा है। तेज गर्मी के कारण जमीन और ऊपरी हवा के तापमान में बड़ा अंतर बन गया है। इसके अलावा पूर्वी यूपी से लेकर छत्तीसगढ़ तक एक ट्रफ लाइन (कम दबाव का क्षेत्र बनाने वाली एक काल्पनिक रेखा) सक्रिय है। दक्षिण बिहार के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना है। एक मौसमी सिस्टम जम्मू-कश्मीर और उसके आसपास के इलाकों के ऊपर भी एक्टिव है। इस वजह से यूपी में मौसम बदल गया है। आंधी-तूफान और बारिश के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन गई हैं। यूपी में मानसून में कम बारिश होगी, वजह जानिए
जून से सितंबर के बीच उत्तर प्रदेश में भी सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा ने बताया कि इस साल प्रशांत महासागर में ला नीना जैसी स्थितियां खत्म होकर अल नीनो की ओर बढ़ने के संकेत हैं। जो कम वर्षा का कारण बनेगी। यानी इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के सामान्य से कमजोर रहने के संकेत हैं। साथ ही इस साल जनवरी-मार्च में उत्तरी गोलार्ध में बनी कम बर्फ भी मानसून को प्रभावित कर सकती है। पिछले साल 10 से 15% ज्यादा बरसा था मानसून
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 2025 के मानसून सीजन (जून से सितंबर) के दौरान औसतन 870 से 900 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। यह सामान्य मानसूनी औसत से करीब 10 से 15 प्रतिशत अधिक रही। लू लगने से बचने के लिए क्या करना चाहिए?
गर्मी में सिर्फ धूप से बचना ही काफी नहीं है, बल्कि सही आदतें अपनाना भी उतना ही जरूरी है। थोड़ी-सी सावधानी लू जैसी गंभीर समस्या से बचा सकती है। बाहर जाने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखिए
तेज गर्मी में घर से निकलने से पहले की गई छोटी-छोटी गलतियां लू का खतरा कई गुना बढ़ा सकती हैं। शरीर को अचानक हीट एक्सपोजर देने या गलत खान-पान के साथ बाहर निकलने से ओवरहीटिंग और डीहाइड्रेशन तेजी से हो सकता है। ———————————-