‘अब दरी नहीं बिछाई जाएगी, हिस्सेदारी-बराबरी की बात होगी’:बहराइच में ओवैसी बोले- हमें एकजुट होकर अपनी लीडरशिप को मजबूत करना होगा

AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी रविवार शाम 7 बजे बहराइच पहुंचे। यहां एक जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अब दरी नहीं बिछाई जाएगी, बल्कि हिस्सेदारी और बराबरी की बात होगी। बीजेपी सरकार, बुलडोजर कार्रवाई और एनकाउंटर को लेकर भी सवाल उठाए। ओवैसी ने कहा- आप सभी जानते हैं कि बीजेपी की सरकार चाहे उत्तर प्रदेश में हो या देश के किसी अन्य राज्य में, वहां बुलडोजर किसके घरों पर चलता है। हम जानते हैं कि एनकाउंटर का डर किन लोगों के हिस्से आता है। हम यह भी जानते हैं कि किस समुदाय के नौजवानों की जिंदगी जेलों में डालकर बर्बाद की जा रही है। अगर कुछ नौजवान कश्ती पर रोजा खोलते हैं, तो उन्हें 40 दिन तक जेल में रहना पड़ता है। उत्तर प्रदेश में एनकाउंटर के नाम पर कई मासूम लोगों को तकलीफ दी जा रही है। मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार 17 हजार एनकाउंटर हुए हैं, जबकि संविधान किसी भी धर्म और वर्ग के साथ भेदभाव की इजाजत नहीं देता है। डेढ़ साल बाद लखनऊ पहुंचे ओवैसी इससे पहले रविवार सुबह AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी करीब डेढ़ साल बाद लखनऊ पहुंचे। ओवैसी के एयरपोर्ट पहुंचते ही समर्थकों ने नारे लगाए- ‘देखो-देखो कौन आया, शेर आया… शेर आया।’ 2027 यानी अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए ओवैसी का यह दौरा अहम माना जा रहा है। वह यूपी में 200 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान कर सकते हैं। इसका इशारा शुक्रवार को पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने बहराइच पहुंचकर किया था। उन्होंने कहा था कि पार्टी 200 सीटों पर चुनाव लड़ेगी, हालांकि इस पर अंतिम फैसला राष्ट्रीय अध्यक्ष यानी असदुद्दीन ओवैसी करेंगे। ओवैसी का पहला कार्यक्रम सपा के गढ़ बहराइच की मटेरा विधानसभा में था। उन्होंने शंकरपुर चौराहे पर जनसभा को संबोधित किया। जनसभा से पहले हिंदू संगठनों ने किया विरोध, पुतला फूंका मटेरा के शंकरपुर में जनसभा से पहले असदुद्दीन ओवैसी का हिंदू संगठनों ने विरोध किया है। लोगों ने प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली का पुतला फूंका। कुछ लोग काला झंडा लेकर जनसभा स्थल की ओर जाने की जिद पर अड़ गए, जिन्हें मौके पर मौजूद पुलिस बल के रोक दिया। हिंदू रक्षा दल के अध्यक्ष मनीष पांडे ने कहा, हम सभी ओवैसी की जनसभा का विरोध करते हुए उन्हें काला झंडा दिखाने जा रहे थे। लेकिन पुलिस ने हमें रोक लिया। उन्होंने कहा, बीते दिनों पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली ने महराजा सुहेलदेव को काल्पनिक बताया था। इसलिए हम लोगों ने उनका पुतला फूंका है। 2 तस्वीरें देखिए… रैली पर डिप्टी सीएम का तंज- इनकी दाल गलने वाली नहीं
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने ओवैसी के यूपी के दौरे पर तंज कसा है। उन्होंने कहा- ये ध्रुवीकरण की राजनीति करने वाले लोग हैं। धर्म और जाति के आधार पर राजनीति करते हैं। इनकी दाल गलने वाली नहीं है। भाजपा ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ के तहत काम करती है। जन-जन का आशीर्वाद प्रधानमंत्री मोदी के साथ है। ओवैसी ने बहराइच का मटेरा ही क्यों चुना
इसके दो कारण हैं। पहला- मटेरा विधानसभा मुस्लिम बहुल है। इस सीट पर मुस्लिम मतदाताओं की आबादी लगभग 45% है। यहां 3.4 लाख कुल वोटर्स हैं। इसमें 1.5 से 1.55 लाख मुस्लिम वोटर्स हैं। सपा का लगातार तीन चुनाव से इस सीट पर कब्जा है। वर्तमान में सपा की मरिया शाह यहां से विधायक हैं। इससे पहले उनके पति यासर शाह भी दो बार इसी सीट से विधायक रह चुके हैं। दूसरा- बहराइच में 11वीं शताब्दी (1033–1034 ईस्वी के आसपास) में महाराजा सुहेलदेव (श्रावस्ती के राजा) और महमूद गजनवी के भांजे सैयद सालार मसूद गाजी (गाजी मियां) के बीच एक ऐतिहासिक युद्ध हुआ था। इसमें महाराजा सुहेलदेव ने सालार मसूद को मार गिराया था। गाजी मियां की मौत के बाद उनकी मजार बहराइच शहर में बनाई गई। मटेरा इलाके से लगे क्षेत्रों में सालार मसूद गाजी की दरगाह का प्रभाव है। सैयद सालार मसूद गाजी की दरगाह पर लगने वाले जेठ मेले और सालाना उर्स पर रोक लगा दी गई थी। मामला हाईकोर्ट पहुंचा था, जहां से मेले और उर्स पर लगी रोक हटा दी गई थी। इससे पहले यूपी कब आए थे ओवैसी?
ओवैसी इससे पहले 21 जनवरी 2025 को लखनऊ आए थे। लखनऊ में वक्फ संशोधन बिल पर जॉइंट पार्लियामेंट कमेटी की बैठक में शामिल हुए थे। इसमें यूपी सुन्नी वक्फ बोर्ड, शिया वक्फ बोर्ड के साथ-साथ दूसरे स्टेकहोल्डर्स संग बैठक की थी। 2022 में 95 सीटों पर पार्टी ने चुनाव लड़ा था
ओवैसी की पार्टी ने 2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में 95 सीटों पर चुनाव लड़ा था। इसमें अधिकतर सीटें पश्चिमी यूपी की थी। सभी सीटों पर उनकी पार्टी की जमानत जब्त हो गई थी। उनकी पार्टी को पूरे प्रदेश में करीब साढ़े चार लाख वोट मिले थे। कौन हैं असदुद्दीन ओवैसी और क्या है उनकी पार्टी का इतिहास? कहते हैं प्यार अंधा होता है, लेकिन जब डेटिंग एप वाले प्यार में कोई आंख मूंदकर लाखों रुपए लुटाने लगे, तो अंजाम अदालत तक पहुंच जाता है। यूपी के मत्स्य विभाग में सहायक निदेशक पद पर तैनात दीपांशु के साथ कुछ ऐसा ही हुआ। पूरी खबर पढ़ें…