16 साल के लड़के ने भाई-भाभी, भतीजे की हत्या की:रोते हुए पुलिस से बोला- 2 दिन से खाना नहीं दिया था, जेल में खाना तो मिलेगा

यूपी के गोरखपुर में 16 साल के लड़के ने बड़े भाई, भाभी और 3 साल के भतीजे की सोते वक्त हत्या कर दी। 9 साल की भतीजी ने उसे हत्या करते देख लिया और चिल्लाते हुए कमरे से बाहर भागी। चीख सुनकर माता-पिता की नींद खुल गई। पिता बड़े बेटे के कमरे में गए, जहां तीनों की लाश पड़ी हुई थीं। छोटा बेटा खून से सना गड़ासा लेकर कमरे से बाहर निकल रहा था। यह देखकर बीमार पिता कांप गए। आरोपी ऊपर वाली मंजिल पर जाकर चुपचाप बैठ गया। थोड़ी देर बाद पिता ने खुद को संभाला। पड़ोसियों और पुलिस को सूचना दी। एसएसपी और एसपी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पहले लाशें देखीं। पिता ने उन्हें बताया कि छोटे बेटे ने ही हत्या की है। वह ऊपर वाले कमरे में बैठा है। पुलिस ऊपरी मंजिल पर गई तो आरोपी गड़ासा हाथ में लेकर फर्श पर बैठा मिला। कमरा खुला था। पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। हत्या की वजह पूछने पर वह रोने लगा। बोला- भाभी ने दो दिन से खाना नहीं दिया था, इसलिए हत्या कर दी। उसने पुलिसकर्मियों से पूछा कि जेल में तो खाना मिलेगा? जिनकी हत्या हुई, उनमें अमित गुप्ता (35), उनकी पत्नी रंजना (32) और बेटा रेयांश शामिल हैं। वारदात सोमवार तड़के 3 बजे जिला मुख्यालय से 50 किमी दूर बांसगांव थाना क्षेत्र में हुई। एसपी दिनेश पुरी ने बताया- आरोपी कुंठा में रहता था। उसे ढंग से खाना-कपड़ा नहीं मिलता था। वह पढ़ना चाहता था, लेकिन पढ़ने नहीं दिया गया। वह परिवार से लगातार कहता था कि उसके साथ गलत हो रहा है। पिछले दो दिन से उसे खाना नहीं मिला था। वह तनाव में था और इसी तनाव में उसने वारदात को अंजाम दिया। तड़के 3 बजे कमरे में घुसा और ताबड़तोड़ वार किए पुलिस के मुताबिक, बलुआ गांव में हरीलाल (58) का 2000 वर्ग फीट का दो मंजिला मकान है। घर में उनके भाई का परिवार भी रहता है। उनकी छोटी सी बढ़ई की दुकान है। हरीलाल पत्नी के साथ नीचे की मंजिल पर रहते हैं। इसी मंजिल पर अमित और उनकी पत्नी भी रहते थे। ऊपर के कमरे में छोटा भाई रहता था। अमित, पत्नी रंजना, दो बच्चों- 9 साल की बेटी और 3 साल के बेटे रेयांश के साथ सोया था। रात 3 बजे आरोपी भाई उसके कमरे में घुसा। उस वक्त सब गहरी नींद में थे। कमरे में घुसते ही उसने अचानक गड़ासे से बेड पर सो रहे बड़े भाई, भाभी और बेटे पर ताबड़तोड़ वार किए। किसी को बचने का मौका ही नहीं मिला। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। खून से लथपथ बेटे को देखकर पिता डर गए पिता हरीलाल जब कमरे में पहुंचे तो चारों तरफ खून बिखरा था। आरोपी छोटा बेटा गड़ासा हाथ में लेकर कमरे से निकल रहा था। बेटे को देखकर पिता डर गए। उन्होंने उससे कुछ नहीं कहा। बेटा वारदात के बाद सीधे ऊपर अपने कमरे में चला गया। पुलिस ने उसे कमरे से ही हिरासत में लिया। पुलिस को पता चला है कि गुप्ता परिवार की एक किराने की दुकान है। इस दुकान में छोटा बेटा बैठता था। बड़ा भाई बाहर रहकर नौकरी करता था। कुछ महीने पहले ही वह गांव वापस आ गया था। इसके बाद से छोटे भाई को लगता था कि दुकान पर बड़ा भाई कब्जा कर लेगा। इसे लेकर आए दिन घर में विवाद होने लगा था। फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। एसपी दिनेश पुरी ने कहा- अमित, रंजना और रेयांश एक ही कमरे में सोए थे। तीनों की उसी कमरे में हत्या की गई। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवा दिया। आरोपी भाई से पूछताछ की जा रही है। गोद ली बेटी को छोड़ दिया, उसने कहा- पापा के बाद मम्मी की हत्या की
अमित गुप्ता की शादी 15 साल पहले रंजना से हुई थी। शादी के कई साल तक बच्चा नहीं हो रहा था। तब अमित और रंजना ने आपसी रजामंदी से बेटी को गोद लिया था। उसकी उम्र अब 9 साल है। इस बीच तीन साल पहले उसे एक बेटा भी पैदा हो गया। उसका नाम रेयांश रखा। आरोपी ने अमित, उसकी पत्नी और बेटे को तो मार दिया, लेकिन गोद ली हुई भतीजी को नहीं मारा। बेटी ने बताया कि चाचा ने पहले मेरे पापा को मारा, मेरी मम्मी और बाबू का सिर काट दिया, चिल्लाते हुए वहां से भागी, दादी से जाकर सारी बात बताई। मैं बार-बार कह रही थी- मेरे बाबू को मत मारो, एक झटके में ही उसका और मेरी मां का सिर काट दिया। छोटे बेटे ने पिता से लड़ाई की थी, थाने में समझौता हुआ था अमित गुप्ता के पिता हरीलाल ने तहरीर दी है। हरीलाल ने बताया कि घर से थोड़ी दूर कस्बे में दुकान थी। बड़ा बेटा अमित बाहर काम करता था। दो साल से वह आकर वह दुकान पर बैठने लगा। इससे छोटा बेटा नाराज रहने लगा। इसके चलते उसने बेटे और उसकी पत्नी और बेटे को मार दिया। उसने पहले तीनों के सिर पर डंडे से वार किया, इसके बाद बांका-गड़ासे से गर्दन काट दी। वह नौवीं तक पढ़ा है। अमित के पिता हरीलाल हार्ट के पेशेंट हैं। उन्हें यूरिनल भी लगा है। हरीलाल की पत्नी की भी दवा चलती है। दो माह पहले भी पिता और छोटे बेटे के बीच विवाद हुआ था। काम करने के लिए छोटा बेटा पिता से 5 लाख रुपए मांग रहा था। इसके बाद थाने में समझौता हुआ था। आए दिन छोटा बेटा शराब पीकर घर में विवाद करता था। बड़ा भाई पहले बाहर रहकर पेंट पालिश करता था। दो साल पहले वह घर लौटा था। दोबिया घाट पर हुआ अंतिम संस्कार अमित और रंजना का अंतिम संस्कार डोबिया घाट पर किया गया। अमित के पिता ने बेटे और बहू को मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी। वहीं मासूम बच्चे रेयांश के शव का धार्मिक रीति-रिवाज के अनुसार जलप्रवाह किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान घाट पर परिजनों, रिश्तेदारों और ग्रामीणों की भारी भीड़ मौजूद रही। हर किसी की आंखें नम थीं। एक साथ तीन अर्थियां उठने से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। साइकेट्रिस्ट बोले- ऐसी एक्टिविटी को साइकोपैथिक कहा जाता है साइकेट्रिस्ट डॉ. अमित कुमार शाही ने बताया- इस तरह की एक्टिविटी को साइकोपैथिक व्यवहार कहा जाता है। यह कई कारणों से हो सकता है। कई बार सामाजिक तौर पर उतार-चढ़ाव मानसिक रूप से परेशान करता है, जिससे लोग खुद को कम समझने लगते हैं। उनसे संबंधित लोग बातों को गलत तरीके से ही लेते हैं। ————————– ये खबर भी पढ़ें- झांसी में भाजपा MLC ने मंच पर कुर्सी फेंकी:पीछे जाकर बैठे, जिला पंचायत अध्यक्ष भी नाराज, बोले- सम्मान के लिए ऐसे 10 मंच कुर्बान झांसी में भाजपा के 2 नेता नाराज हो गए। विकसित भारत संकल्प सम्मेलन में शिक्षक एमएलसी डॉ. बाबूलाल तिवारी सीटिंग व्यवस्था पर भड़क गए। उन्होंने मंच पर रखी कुर्सी पलट दी और वहां से चले गए। हालांकि कुछ देर बाद लौटे तो मंच पर पीछे जाकर बैठ गए। पढ़ें पूरी खबर