मैनपुरी में मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे रोटावेटर (मशीन) की चपेट में आकर 13 साल के बच्चे की गर्दन कट गई। मांस के टुकड़े खेत में बिखर गए, जिन्हें मां ने हाथ से समेटा। बच्चा पिता के साथ खेत पर गया था और रोटावेटर में चढ़ने की कोशिश कर रहा था। तभी उसका पैर फिसल गया। अपनी आंखों के सामने बच्चे की मौत का सीन देखने के बाद से पिता बदहवास है। घरवालों ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने से मना कर दिया। घटना जिला मुख्यालय से 20 किमी दूर एलाऊ थाना क्षेत्र की है। पहले 2 तस्वीरें देखिए… अब पूरा मामला पढ़िए… बखतपुर गांव में रहने वाले सूरज खेती-किसानी का काम करते हैं। घर में पत्नी के अलावा तीन बेटे और एक बेटी है। अजीत (13) दूसरे नंबर पर था और कक्षा- 5 में पढ़ाई कर रहा था। मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे सूरज मक्का के खेत में जुताई करने के लिए गए थे। उनके घर से खेत 1 किमी की दूरी पर है। बेटे ने ट्रैक्टर पर बैठने की जिद की अजीत अकेले ही खेत पर पिता के पास पहुंच गया और ट्रैक्टर में बैठने की जिद करने लगा। अजीत पीछे से ट्रैक्टर में बैठने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान अजीत का पैर फिसल गया और वह सिर के बल रोटावेटर के ऊपर गिर गया। खेत में बिखर गए मांस के टुकड़े ट्रैक्टर स्टार्ट होने की वजह से अजीत का सिर कटकर अलग गिर गया और खेत में मांस के टुकड़े बिखर गए। पिता जब तक ट्रैक्टर रोककर उतर के नीचे आते, तब तक अजीत का सिर धड़ से अलग हो चुका था। शोर मचाने पर आसपास के लोग और मां के अलावा अन्य घरवाले भी मौके पर पहुंचे। पिता के सामने बेटा कट गया बेटे के शरीर के टुकड़े देखकर मां बदहवास हो गई। वह मांस के टुकड़े हाथ से उठा-उठाकर चादर पर रखने लगी। पिता सूरज ने बताया- मेरे सामने ही बेटे की मौत हो गई। वह ट्रैक्टर में चढ़ने की जिद कर रहा था। पैर फिसला और मेरे सामने उसके टुकड़े हो गए। घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष अवनीश त्यागी पुलिस फोर्स के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। भोगांव के एसडीएम नीरज द्विवेदी ने भी मौके का निरीक्षण कर परिजनों को सांत्वना दी। पुलिस ने पंचनामा भरा, लेकिन घरवालों के आग्रह पर शव का पोस्टमॉर्टम नहीं कराया। शव अंतिम संस्कार के लिए घरवालों को सौंप दिया गया। ————————– यह खबर भी पढ़ें… बाराबंकी में युवक की मौत पर बवाल, पुलिस पर पथराव, SHO बेहोश होकर गिरे, साथियों ने घसीटकर हाईवे से उठाया बाराबंकी में 21 साल के पॉलिटेक्निक छात्र की मौत के बाद मंगलवार दोपहर 2 बजे बवाल हो गया। परिजन शव को लखनऊ-बहराइच हाईवे पर रखकर प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने जाम खुलवाने के लिए परिजनों पर दबाव डाला तो भीड़ ने पथराव कर दिया। अचानक हुए हमले में रामनगर थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह के सिर पर पत्थर लगा और वे बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़े। पढ़ें पूरी खबर…