आप अपने घर का बिजली का बिल ‘शून्य’ कर सकते हैं। यानी बिजली तो उतनी ही इस्तेमाल करेंगे, लेकिन बिल नहीं चुकाना पड़ेगा। इसके लिए आपको अपने घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने होंगे। खर्च भी ज्यादा नहीं आता है, क्योंकि सरकार 1.08 लाख रुपए तक की सब्सिडी देती है। आपको अपने घर के बिजली के लोड के हिसाब से सोलर पैनल लगवाना होगा। जरूरी है कि आप ये सुनिश्चित कर लें कि पैनल क्वॉलिटी अच्छी है या नहीं। सोलर प्लांट लगवाते वक्त किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? कितने वॉट का पैनल लगवाना ठीक रहता है? इस रिपोर्ट में पढ़िए… कैसे बिजली का बिल शून्य हो जाता है, ये समझिए पुराने शहर में रहने वाले आलोक श्रीवास्तव हर महीने 3 से 4 हजार रुपए बिजली का बिल चुका रहे थे। उन्होंने अपने घर की छत पर 4 KW का सोलर पैनल लगवा लिया। वह बताते हैं- धूप अच्छी निकलने पर हर दिन पैनल करीब 25 यूनिट बिजली बनाते हैं। महीने में यह 750 यूनिट होता है। अब अगर वो 750 यूनिट तक बिजली खर्च करते हैं, तो बिल में केवल मीटर चार्ज जुड़ता है। जो 300 रुपए के आसपास होता है। अगर 750 यूनिट से ज्यादा खर्च करते हैं, तब ₹7 यूनिट के हिसाब से बिल चुकाना पड़ता है। लोड के हिसाब से सरकार देती है सब्सिडी सोलर पैनल के लिए बैंक देता है लोन 3 kW का सोलर सिस्टम लगवाने पर अलग-अलग ब्रांड के हिसाब से ₹1.68 लाख से ₹1.93 लाख तक का खर्चा आता है। इसमें सोलर पैनल, इन्वर्टर, स्ट्रक्चर, वायरिंग और इंस्टॉलेशन का खर्च शामिल होता है। अगर आपके पास पूरे पैसे नहीं हैं, तो किसी भी सरकारी या प्राइवेट बैंक से सोलर लोन भी ले सकते हैं। सरकारी बैंक की ब्याज दरें 7% के आसपास होती हैं। वहीं, प्राइवेट बैंक 9% से 12% तक ब्याज लेते हैं। सब्सिडी मिलने पर उसे लोन अकाउंट में जमा कर सकते हैं। इससे महीने की EMI घट जाएगी और आपका कुल खर्च ₹60 हजार से ₹85 हजार के आसपास होगा। सोलर पैनल लगाने से पहले इन बातों का रखें ध्यान घर में सोलर पैनल लगवाने से पहले कुछ जरूरी बातों की जांच करनी जरूरी है। 1 किलोवाट के सिस्टम के लिए करीब 100 वर्गफीट जगह की जरूरत होती है। वहीं, 3 किलोवाट के लिए 300 वर्गफीट जगह जरूरी होती है। सोलर ऐसी जगह लगवाएं, जहां दिनभर अच्छी धूप आए। पेड़ या इमारत की छाया से बिजली उत्पादन 30-40% तक घट सकता है। पैनल काफी वजनी होते हैं, इसलिए छत की मजबूती की जांच भी जरूरी है। समय-समय पर सफाई और मेंटेनेंस भी होती रहना चाहिए, जिससे सिस्टम बेहतर बिजली देता रहे। ऑफ ग्रिड सिस्टम पर सब्सिडी नहीं मिलती सोलर कन्सल्टेंट मनीष मिश्रा बताते हैं- सोलर सिस्टम दो तरीकों से काम करता है। एक- ऑन-ग्रिड और दूसरा- ऑफ-ग्रिड। ऑन-ग्रिड सोलर सिस्टम क्या है यह सिस्टम बिजली विभाग के ग्रिड से जुड़ा होता है। दिन में सोलर से बनी बिजली का इस्तेमाल घर में होता है। बची हुई बिजली नेट मीटर के जरिए ग्रिड में चली जाती है। रात में बिजली ग्रिड से मिलती है। महीने के आखिर में ग्रिड को भेजी गई और ली गई बिजली के हिसाब से बिल बनता है। बिजली कटने पर यह सिस्टम भी बंद हो जाता है। यह सस्ता होता है, क्योंकि इसमें बैट्री का खर्च नहीं होता। पीएम सूर्य घर योजना और यूपी सरकार की सब्सिडी इसी सिस्टम पर मिलती है। ऑफ-ग्रिड सोलर सिस्टम क्या है यह सिस्टम बिजली विभाग के ग्रिड से जुड़ा नहीं होता। इसके लिए बैट्री लगानी जरूरी होती है। यह घर में लगने वाले इन्वर्टर सिस्टम की तरह ही काम करती है। बस फर्क इतना होता है कि यह सरकारी ग्रिड (बिजली विभाग) से आने वाली बिजली के बजाय सोलर से बनने वाली बिजली बैट्री में स्टोर करता है। बिजली कटने पर यह सिस्टम सप्लाई चालू रखता है। बैट्री की वजह से इसकी लागत ऑन-ग्रिड सिस्टम से ज्यादा होती है। नॉर्मल बैट्री को हर 5-7 साल में बदलना पड़ता है। लिथियम-आयन बैट्री 10-12 साल तक चल सकती है। ये और ज्यादा महंगी होती है। इस सिस्टम पर सब्सिडी नहीं मिलती है। यूपी में हर दिन 2 हजार रूफटॉप सोलर लग रहे रूफटॉप सोलर यानी घर की छत पर सोलर प्लांट लगाने के मामले में यूपी देश में पहले नंबर पर है। यहां रोजाना करीब 2 हजार रूफटॉप सोलर लगाए जा रहे हैं। इसके लिए 6 हजार से ज्यादा रजिस्टर्ड वेंडर काम कर रहे हैं। फरवरी, 2024 से जून 2026 तक करीब 5.57 लाख से ज्यादा सोलर लगाए जा चुके हैं। इनमें 9200 सरकारी और 691 निजी कॉमर्शियल बिल्डिंगों और जल जीवन मिशन के तहत बनने वाली पानी की टंकियों और ट्यूबवेल/पंपिंग स्टेशनों की जमीन पर भी सोलर प्लांट इंस्टॉल किए गए हैं। इसके लिए केंद्र सरकार की ओर से 3602 करोड़ रुपए से ज्यादा और राज्य सरकार की ओर से 1200 करोड़ रुपए से ज्यादा की सब्सिडी दी गई है। ———————– ये खबर भी पढ़ें – योगी के ‘जनता दर्शन’ में कैसे पहुंचें, CM से मिलने के लिए क्या करें? कौन से डॉक्यूमेंट जरूरी; ये सामान मत ले जाएं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोगों की समस्याएं सीधे सुनने के लिए ‘जनता दर्शन’ लगाते हैं। लोग इसको जनता दरबार कहते हैं। यहां पहुंचने वाले लोग जमीन के झगड़े, पुलिस से होने वाली परेशानी, पेंशन न मिलना, सरकारी योजनाओं का फायदा न मिलना, इलाज के लिए आर्थिक मदद जैसी बातें मुख्यमंत्री को सीधे बता पाते हैं। पढ़िए पूरी खबर… UP में बिना ब्याज मिल रहा सरकारी लोन, युवाओं को बिजनेस के लिए ₹1 करोड़ तक का फंड यूपी में युवाओं को बिना ब्याज ₹5 लाख तक कर्ज मिल रहा है। वहीं, महिलाओं को 2.5 लाख और किसानों को 5 लाख रुपए तक लोन सिर्फ 4% ब्याज पर मिल रहा। महिलाओं को सस्ते कर्ज के लिए गारंटी देने की जरूरत भी नहीं है। ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना’ में युवाओं को बिजनेस के लिए लोन दिया जाता है। इसमें ब्याज और गारंटी की जरूरत नहीं होती। यहां पढ़ें पूरी खबर