मेरठ जिला जेल में पति की हत्या करने के आरोपमें 5 पत्नियां बंद हैं। किसी ने पति को सांप से डसवाकर मार डाला, तो किसी ने हत्या करके नीले ड्रम में भर दिया। सभी ने प्रेमी के साथ घर बसाने की चाहत में पति की हत्या की। ताजा मामला पति को सांप से डसवाकर मारने वाली दामिनी का है, जो 9 दिन पहले यहां लाई गई थी। दामिनी जेल की बैरक नंबर- 12ए में बंद है। इसके ठीक सामने महिला बंदियों की बैरक नंबर- 12बी में प्रेमी के साथ मिलकर पति की हत्या करने वाली 4 और पत्नियां बंद हैं। ये महिलाएं सालभर के अंदर जेल लाई गई हैं। कोई जेल में घास छील रही, तो कोई झाड़ू-पोछा लगा रही। खाना बनाने का भी काम मिला है। सिलाई की भी जिम्मेदारी दी गई है। पढ़िए, जेल में बंद इन पत्नियों की पूरी कहानी… 1. दामिनी कभी बैरक में उदास बैठी रहती है, कभी रोती है 17-18 जुलाई की रात हस्तिनापुर में प्राइवेट स्कूल की प्रिंसिपल दामिनी ने स्कूल मालिक पति अतुल पवार (32) को सांप से डसवा दिया। स्कूल वैन ड्राइवर प्रेमी तुषार और दो अन्य साथियों के साथ मिलकर पहले अतुल को दूध में नींद की ओवरडोज गोलियां दीं। इसके बाद सांप से डसवा दिया। दामिनी, तुषार और दोनों सपेरे जेल में बंद हैं। दामिनी को जेल की बैरक नंबर- 12ए में रखा गया है। 18 जुलाई, 2026 को दामिनी मेरठ जिला जेल लाई गई थी। जेल में शुरुआती 2 दिन उससे किसी की बात नहीं हुई। महिला बंदी उसे देखते ही आपस में ये चर्चा करती थीं कि दामिनी जेल में किस जुर्म में आई है? दामिनी जेल में बार-बार अपने 6 साल के बेटे मानिक को याद करती है। 9 दिन गुजरने के बाद भी दामिनी से मिलने अब तक जेल में कोई नहीं पहुंचा है। घंटों बैरक के गेट पर बैठकर बाहर जेल के गेट की ओर निहारती रहती है। उसे उम्मीद है, बाहर से आवाज लगेगी कि दामिनी से मिलने उसके घरवाले आए हैं। वह जेल में उदास बैठी रहती है। कभी अपने बिस्तर पर लेटकर रोने लगती है। जब दूसरी महिला बंदी उससे पूछती हैं कि पति को कैसे, क्यों मारा तो वो सिर नीचे झुका लेती है। जेल स्टाफ ने बताया कि शुरू के 2 दिन तो दामिनी ने खाना भी मुश्किल से खाया। जब जेल की कांउसलर ने उसे समझाया, तो वो थोड़ा सहज हुई है। फिर थोड़ा खाना खाने लगी। दामिनी बेटे के लिए रो रही, बोली- जेल में पढ़ाना चाहती हूं दामिनी ने जेल स्टाफ से कहा कि वो महिला बंदियों और उनके बच्चों को पढ़ाना चाहती है। उसे टीचिंग का एक्सपीरियंस है। वो अब तक बच्चों को पढ़ाती थी, स्कूल चलाती थी। इसलिए टीचर बनना चाहती है। जेल प्रशासन ने उसकी बात मानकर उसे जेल में पढ़ाने और लाइब्रेरी मेंटेंन करने का काम दिया है। दामिनी के पास पहनने को कपड़े भी नहीं हैं। उसे जेल की तरफ से कपड़े मिले हैं। एक बार उसने प्रेमी तुषार से मिलने की इच्छा जताई थी। लेकिन जेल नियमावली की वजह से उसकी मुलाकात तुषार से नहीं हो सकती। दामिनी सुबह उठकर अपनी डेली ड्यूटी करती है। लाइब्रेरी में सफाई और मेंटिनेंस करती है। इसके बाद बैरक के गेट पर बैठकर निहारती रहती है। जब महिलाएं उससे बात करती हैं, तो रोने लगती है। फिलहाल दामिनी के केस में अभी जांच चल रही है। केस में चार्जशीट नहीं लगी है, लेकिन दामिनी ने अपना वकील कर केस लड़ने की बात कही है। 2. मुस्कान 17 महीने से जेल में; दिनभर बेटी के साथ खेलती है 3 मार्च, 2025 की रात ब्रह्मपुरी में रहने वाली मुस्कान रस्तोगी ने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की हत्या कर दी थी। शव के टुकड़े कर नीले ड्रम में सीमेंट-मौरंग से जमा दिया था। मुस्कान और साहिल जेल में हैं। मुस्कान को जेल में करीब 17 महीने बीत चुके हैं। वह बैरक नंबर- 12बी में है। अब जेल मुस्कान का घर बन चुका है। इन 17 महीनों में अब तक मुस्कान से मिलने उसका कोई घरवाला या रिश्तेदार नहीं आया। उसके मां-बाप, भाई-बहनों ने उससे नाता तोड़ लिया है। उन्होंने साफ कहा कि मुस्कान उनके लिए मर चुकी है। मुस्कान भी अब अपनों के जेल में आकर मिलने की उम्मीद छोड़ चुकी है। उसने जेल और यहां रहने वाली महिला बंदियों को अपना परिवार मान लिया है। 23 नवंबर, 2025 को मुस्कान ने एक बेटी को मेडिकल अस्पताल में जन्म दिया। बेटी का नाम मन्नत रखा है। जेल में मुस्कान की जिंदगी का पहला और आखिरी सहारा अब बस उसकी बेटी मन्नत ही है। वो दिनभर अपनी बेटी को दुलारती, प्यार करती है। उसे खिलाती है, उसके साथ खेलती और बातें करती है। दूसरी महिला बंदी भी मुस्कान की बेटी से प्यार करती हैं। शराब-गांजा का नशा अब छूट गया, जेल में सेहतमंद हुई जेल आने के बाद मुस्कान की सेहत और खूबसूरती में सुधार आया है। मुस्कान अब पहले से ज्यादा सुंदर और सेहतमंद हो गई है। जेल में उसका 15 किलो वजन बढ़ गया है। जेल में मुस्कान दाल-चावल, रोटी के अलावा गर्भवती महिलाओं वाली एक्स्ट्रा डाइट लेती है। इसमें उसे दूध, फल के साथ आयरन, विटामिन के सप्लीमेंट्स दिए जा रहे हैं। लगातार काउंसलिंग के बाद मुस्कान जेल में मेंटली स्टेबलिश हो चुकी है। मुस्कान का नशा पूरी तरह छूट चुका है। अब वह शराब, गांजा कुछ नहीं लेती। प्रेमी साहिल को भी कम याद करती है। उसका पूरा समय अपनी बेटी की देख-रेख में गुजरता है। मुस्कान की छोटी बच्ची है, इसलिए जेल में उसे कोई काम नहीं दिया गया है। मुस्कान कम पढ़ी-लिखी है। इसलिए वो जेल की महिला बंदियों से रामायण, सुंदरकांड पढ़कर सुनती है। जेल में जो सुंदरकांड चलाया जाता है, उसे सुनती है। वो जेल प्रशासन से कई बार पुरुष बैरक में बंद अपने प्रेमी साहिल से मिलने की इच्छा जता चुकी है, लेकिन नियमानुसार उसकी मुलाकात नहीं हो सकती। अगस्त में मुस्कान केस में फैसला आ जाएगा मुस्कान का केस सरकारी वकील रेखा जैन लड़ रही हैं। पिछले 7 महीनों से केस में जिला जज के यहां सुनवाई चल रही है। 22 लोगों की गवाही पूरी हो चुकी है। फाइनल जिरह हो चुकी है। अब गवाहों का अंतिम क्रॉस हो रहा है, जिसमें अभियोजन अपना पक्ष अदालत के सामने रख चुका है। अब वकील रेखा जैन मुस्कान, साहिल का पक्ष रखते हुए गवाहों से क्रॉस कर रही हैं। 14 गवाहों का क्रॉस हो चुका है। अगस्त में केस में फैसला आ जाएगा। 3. प्रेमी के साथ पति की गला दबाया, फिर सांप छोड़ा बहसूमा के अकबरपुर सादात गांव में रविता ने 17 अप्रैल, 2025 को प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर पति अमित की गला दबाकर हत्या कराई। इसके बाद बेड पर घोड़ापछ़ाड सांप छोड़ दिया। सांप द्वारा पति को डसे जाने का नाटक किया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में गला दबाकर हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने रविता और अमरदीप को पकड़ा। दोनों जेल में बंद हैं। रविता जेल से बाहर आने का इंतजार कर रही है। उसे उम्मीद है कि वो इस हत्याकांड में बच जाएगी और बाहर आ जाएगी। करीब 15 महीने से जेल में बंद रविता को बार-बार घर की याद आती है। उसे जेल में खाना बनाने और सफाई का काम मिला है, जिसे वह रेगुलर करती है। इसके अलावा जेल में योग करती है। रविता गांव की रहने वाली है। इसलिए जेल में उसे छोटी बागवानी जैसे- घास छीलने का काम दिया गया है। रविता से मिलने कभी-कभी उसके परिवारवाले पहुंचते हैं। रविता उनसे मिलती है और अपने किए पर पछतावा जताती है। अपनी काउंसलर से रविता ने कई बार कहा कि वो बाहर आना चाहती है। उसे अपने किए का दुख है, लेकिन कानून सबके लिए समान है। जब तक रविता का केस पूरा नहीं होता, वह बाहर नहीं आ सकती। रविता अब अपने बाहर आने का इंतजार कर रही है। रविता का केस जिला जज के यहां ट्रायल पर चल रहा है। अभी लगातार जिरह हो रही है। 4. जेवर गिरवी रख BSF पति को मरवाया, अब जेल में खाना बना रही इंचौली के धनपुर गांव में 27 मार्च, 2026 की देर रात घर में सोते समय BSF जवान नैन सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने घटना वाले दिन के गांव और आसपास के क्षेत्र में लगे CCTV चेक किए। इसमें नैन सिंह की पत्नी कोमल का प्रेमी गुलशन और मोंटू दिखाई दिए। अपनी शादी के जेवर गिरवी रखकर कोमल ने शूटर हायर किए थे। कोमल 3 अप्रैल, 2026 को जेल में दाखिल हुई थी। बैरक नंबर- 12बी में बंद है। उसे जेल में खाना बनाने का काम मिला है। गांव में खेतों और घर पर सारा दिन काम करने वाली कोमल जेल में सिलाई भी करती है। उसकी जेल में दूसरी बंदी महिलाओं से दोस्ती हो चुकी है। कोमल को भी अपने किए पर पछतावा है। वह दूसरी महिलाओं से कहती है कि प्यार में अंधी होकर मैंने अपना घर बर्बाद कर दिया। जिस घर में शान से रहती थी, अब जेल में समय काट रही हूं। यहां कोई अपना भी नहीं है। कोमल से मिलने जेल में कभी-कभी उसके मायके वाले आ जाते हैं। जेल में जब भी नई महिला बंदी आती है, तो कोमल उससे जरूर पूछती है कि तुमने ये गलत काम क्यों किया? जेल में वह मुस्कान, रविता से भी बात करती है। काम खत्म होने के बाद वह गुमसुम बैठी रहती है। अपनी काउंसलिंग सेशन में कोमल ने कई बार कहा कि उसे अपने किए पर दुख है। उसने अपने हाथों अपना घर उजाड़ दिया है। उससे भूल हुई है। नैनसिंह जैसा भी था, मेरा पति था। कोमल का केस जिला जज के यहां ट्रायल पर चल रहा है, जिसमें लगातार जिरह हो रही हैं। निजी वकील केस लड़ रहा है। 5. प्रेमी से पति के सीने में गोली मरवाई, अब जेल में झाड़ू-पोछा कर रही 1 नवंबर, 2025 की सुबह परीक्षितगढ़ के अगवानपुर गांव के बाहर झाड़ियों में राहुल (28) का शव मिला था। उसके सीने में गोली मारी गई थी। राहुल की हत्या पत्नी अंजली ने प्रेमी अजय से करवाई थी। राहुल और अंजली के 3 बच्चे हैं। रात में अंजली ने फोन कर राहुल को गांव के बाहर मंदिर पर बुलाया। वहां पर प्रेमी अजय भी आ गया। तब अजय ने राहुल की तीन गोली मारकर हत्या कर दी थी। 26 साल की अंजली 6 नवंबर, 2025 को जेल में दाखिल हुई थी। वह बैरक नंबर- 12बी में बंद है। अंजली को जेल में सफाई और झाड़ू-पोछा का काम मिला है। वो जेल में पुरानी-नई महिला बंदियों से बात करती है। इसके साथ कपड़े सिलने का काम भी करती है। अंजली से जेल में मिलने कभी-कभी उसके मायके वाले आते हैं। अंजली अक्सर घरवालों के आने की राह देखती रहती है। खाली समय में अंजली रामायण सुनती है। वो पढ़ना भी सीख रही है। उसे उम्मीद है कि वो जेल से सजा काटकर शायद कभी बाहर निकलेगी। उस दिन अपनी नई जिंदगी की शुरुआत करेगी। लेकिन, वो दिन कब आएगा, इसका उसे इंतजार है। अंजली का केस जिला जज के यहां ट्रायल पर चल रहा है। लगातार जिरह हो रही है। निजी वकील उसका केस लड़ रहे हैं। ————————— ये खबरें भी पढ़िए- पति को सांप डसवाने वाली मेरठ की दामिनी की लवस्टोरी, पहली नजर में प्यार, घरवालों से लड़कर शादी; फिर ड्राइवर के लिए हत्या मेरठ में दामिनी ने जिस पति को सांप से डसवाया, एक समय वह उसे बेइंतहा प्यार करती थी। 7 साल पहले दोनों ने परिवार के खिलाफ जाकर लव मैरिज की। एक बेटा भी हुआ। सब कुछ अच्छा चल रहा था। फिर ऐसा क्या हुआ कि दामिनी को अतुल की हत्या करनी पड़ी? पुलिस, दामिनी-अतुल के घरवालों, पड़ोसियों और रिश्तेदारों से बातचीत में जो कहानी सामने आई। पढ़ें पूरी खबर… पति को सांप डसवाने वाली बोली-ऐसी हत्या करो, नेचुरल लगे: गूगल पर जहरीला सांप खोजा; बॉयफ्रेंड से कहा- फंसने वाला काम मत करना मेरठ में पति को सांप से डसवाने वाली दामिनी की कहानी के पहले पार्ट में आपने उसके और पति अतुल के अफेयर के बारे में पढ़ा। दामिनी की लाइफ में कैसे शादीशुदा बॉयफ्रेंड तुषार की एंट्री होती है? दूसरे और आखिरी पार्ट में पढ़िए…कैसे दामिनी और तुषार ने सपेरों से डील की। हत्या को नेचुरल मौत दिखाने की साजिश रची… पढ़ें पूरी खबर…