बसपा ने 24 प्रभारी घोषित किए, ज्यादातर उम्मीदवार होंगे:मायावती ने इंटरव्यू लिए; भतीजे से कहा- प्रचार संभालो, कितना जातीय संतुलन साधा

बसपा ने सबसे पहले विधानसभा के लिए चुनावी मोर्चा खोल दिया है। पार्टी अब तक 24 विधानसभा प्रभारियों के नाम घोषित कर चुकी है। इनके इंटरव्यू खुद मायावती ने लिए हैं। बसपा की परंपरा रही है कि जिन नेताओं को विधानसभा प्रभारी बनाया जाता है, बाद में वही पार्टी के प्रत्याशी बनते हैं। ऐसे में इन घोषणाओं को पार्टी की उम्मीदवारों की पहली सूची माना जा रहा है। आकाश को भी मैदान में उतारा, हाथरस से करेंगे शुरुआत बसपा सिर्फ नाम घोषित नहीं कर रही, हर विधानसभा में कार्यकर्ता सम्मेलन करके संगठन की ताकत भी परख रही है। 10 अगस्त को हाथरस की सादाबाद विधानसभा में ऐसा ही सम्मेलन होगा। इसमें पहली बार पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद शामिल होंगे। पार्टी इस सभा में बड़ी भीड़ जुटाकर चुनावी संदेश देने की तैयारी में है। 25 अगस्त को आकाश आनंद गौतमबुद्ध नगर की जेवर विधानसभा में कार्यक्रम करेंगे। यहां पार्टी पहले से तय किए जा चुके सतवीर सिंह नागर को विधानसभा प्रभारी घोषित करेगी। बसपा की योजना हर महीने 2-3 बड़ी सभाएं कर इसी तरह से उम्मीदवारों के नाम घोषित करने की है। चंद्रशेखर को उन्हीं के अंदाज में जवाब देंगे आकाश पश्चिमी यूपी में दलित, खासकर जाटव वोटरों की अच्छी संख्या है। यही बसपा का सबसे मजबूत वोटबैंक रहा है। कुछ सालों में आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने पश्चिमी यूपी में जाटव और मुस्लिम वोटरों के बीच अपनी पकड़ मजबूत की है। युवा चेहरा और आक्रामक अंदाज होने की वजह से दलित युवाओं का एक वर्ग उनकी ओर भी आकर्षित हुआ है। ऐसे में मायावती ने आकाश आनंद को मैदान में उतारकर चंद्रशेखर की चुनौती का जवाब देने की कोशिश की है। राजनीतिक जानकार हर्षवर्धन त्रिपाठी के मुताबिक, 2024 के लोकसभा चुनाव में आकाश आनंद की सभाओं में बड़ी संख्या में दलित युवा पहुंचे थे। बसपा अब विधानसभा चुनाव में भी इसी रणनीति को आगे बढ़ाना चाहती है। पश्चिमी यूपी से आकाश के चुनावी आगाज के जरिए पार्टी संगठन मजबूत करने के साथ-साथ राजनीतिक संदेश भी देना चाहती है। सादाबाद में ब्राह्मण, जेवर में गुर्जर चेहरे पर दांव सादाबाद में बसपा ने डॉ. अविन शर्मा को आगे किया है। यह सीट कभी बसपा के कद्दावर नेता रहे रामवीर उपाध्याय का गढ़ मानी जाती थी। वे पार्टी के प्रमुख ब्राह्मण चेहरों में शामिल रहे। उनके भाजपा में जाने के बाद बसपा अब डॉ. अविन शर्मा के जरिए इस सामाजिक समीकरण को फिर साधने की कोशिश कर रही है। उनका नाम कार्यकर्ता सम्मेलन में पहले ही घोषित किया जा चुका है। वहीं, जेवर विधानसभा में बसपा ने गुर्जर नेता सतवीर सिंह नागर पर भरोसा जताया है। सतवीर 2007 और 2012 में दादरी से बसपा विधायक रहे हैं। 2019 में उन्होंने गौतम बुद्ध नगर लोकसभा सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव भी लड़ा था। पश्चिमी यूपी में गुर्जर वोटरों की अहम भूमिका को देखते हुए बसपा का यह दांव महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रभारियों की पहली सूची में दिखा जातीय संतुलन बसपा की घोषित सूची पर नजर डालें, तो पार्टी ने लगभग सभी प्रभावी सामाजिक वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है। पार्टी सिर्फ दलित वोटबैंक पर निर्भर रहने के बजाय ब्राह्मण, मुस्लिम, ओबीसी और सवर्ण समाज के प्रभावशाली चेहरों को भी आगे बढ़ा रही है। बसपा ने कई सीटों पर ब्राह्मण नेताओं को जिम्मेदारी देकर पुराना ‘ब्राह्मण-दलित’ सामाजिक समीकरण दोबारा साधने की कोशिश की है। बसपा के हर प्रत्याशी के चयन में उस विधानसभा क्षेत्र के सामाजिक समीकरण की भी झलक दिखती है। बसपा के घोषित विधानसभा प्रभारियों के बारे में जानिए —————————- यह खबर भी पढ़ें – UP चुनाव में 5 राज्यों की 12 पार्टियां लड़ेंगी, ओवैसी, चंद्रशेखर और पल्लवी बिगाड़ेंगे समीकरण 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में 5 राज्यों की 12 क्षेत्रीय पार्टियां उतरने की तैयारी कर रही हैं। बिहार की JDU, लोजपा और VIP से लेकर महाराष्ट्र की शिवसेना (UBT) और NCP (शरद गुट) तक यूपी में अपनी किस्मत आजमाना चाहती हैं। दिल्ली में कॉकरोच पार्टी के प्रदर्शन के बाद बने माहौल के बीच भाजपा के सामने सिर्फ दूसरे राज्यों के दलों की चुनौती नहीं होगी। पढ़िए पूरी खबर…