गोरखपुर की दो महिला ठगों की कहानी आपको हैरान कर देगी। एक तरफ ठग अंशिका सिंह, जो सुंदर चेहरे और मीठी बातों के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाती थी। उसके हुस्न के जाल में पुलिस अधिकारी भी फंसे और ब्लैकमेलिंग का शिकार बने। दूसरी तरफ अरबपति बनने का सपना देखने वाली गरिमा सिंह, जिसने डॉक्टरों और अधिकारियों से करीब 10 करोड़ रुपए की ठगी की। वह 1 करोड़ रुपए की डिफेंडर खरीदने वाली थी, लेकिन इससे पहले ही उसकी पोल खुल गई। अंशिका सिंह और गरिमा सिंह के नाम अलग हैं, लेकिन दोनों के ठगी करने का तरीका काफी हद तक एक जैसा है। फिलहाल दोनों गोरखपुर जेल में बंद हैं। पढ़े-लिखे और प्रभावशाली लोग इनके जाल में कैसे फंस जाते थे? दोनों का ठगी का तरीका क्या था? पढ़िए पूरी कहानी… पहले अंशिका सिंह की कहानी जानिए वॉट्सएप कॉल पर न्यूड हो जाती थी अंशिका 20 जनवरी 2026, जगह गोरखपुर का सिंघड़िया इलाका। अंशिका सिंह उर्फ अंतिमा अपने दोस्तों के साथ एक मॉडल शॉप के पास जन्मदिन मना रही थी। तभी उसका एक प्राइवेट अस्पताल के मैनेजर से विवाद हो गया। अंशिका ने मैनेजर पर पिस्टल तान दी। दोनों के बीच छीना-झपटी में गोली मैनेजर के दोस्त के पेट में जा लगी। भीड़ ने अंशिका और उसके साथियों को पकड़ लिया। पुलिस ने अंशिका और उसके साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस की जांच में अंशिका सिंह के काले कारनामों का खुलासा हुआ। पुलिस के मुताबिक, वह वॉट्सएप कॉल पर न्यूड हो जाती थी। इस दौरान सामने वाले का वीडियो बना लेती थी। अंशिका के मोबाइल से ऐसे कई अश्लील वीडियो मिले। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उसने बताया- शौक पूरे करने के लिए वह लोगों को फंसाती थी, फिर न्यूड होकर वीडियो कॉल करती और उसे रिकॉर्ड कर लेती थी। इसके बाद उनसे पैसे वसूलती थी। अंशिका ने 5 साल में 150 लोगों से वीडियो कॉल पर फंसाया। इनमें अयोध्या के एक DSP और गीडा थाना प्रभारी समेत 15 से ज्यादा पुलिसवाले भी हैं। अब ठग अंशिका के 4 बड़े कांड पढ़िए 1. देवरिया के युवक पर रेप का केस कराया, लाखों ठगे पुलिस की जांच में पता चला है कि साल 2021 में अंशिका ने सबसे पहले सोपरा देवरिया के रहने वाले राज विश्वकर्मा को फंसाया। उसके खिलाफ दुष्कर्म, धमकी का केस कराया। सुलह के नाम पर उसने लाखों रुपए ऐंठे। साल 2023 में वह संतकबीरनगर के थाना कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र में किराए के मकान में रहने लगी थी। 2. संतकबीरनगर के युवक से 50 हजार वसूले पुलिस के मुताबिक, अंशिका ने संतकबीरनगर के खलीलाबाद के रहने वाले सूरज सिंह को भी इसी तरह फंसाया। पैसे न देने पर उसके खिलाफ रेप का केस दर्ज करा दिया। खलीलाबाद के ही प्रियांशु सिंह से भी फर्जी केस की धमकी देकर 50 हजार रुपए वसूले गए। प्रियांशु ने सीएम पोर्टल पर इसकी शिकायत भी की थी। 3. मकान मालिक से 2 लाख की रंगदारी मांगी एसपी सिटी अभिनव त्यागी के मुताबिक, साल 2021 में अंशिका संतकबीरनगर के कोतवाली इलाके में किराए पर रहती थी। मकान मालकिन गुड़िया पीटर ने एसपी से शिकायत की थी कि अंशिका कमरे में लड़कों को बुलाती है, जिससे मोहल्ले में बदनामी हो रही है। जब उससे कमरा खाली करने को कहा 2 लाख रुपए मांगने लगी और झूठे केस में फंसाने की धमकी दी। डर के कारण मकान मालकिन ने घर में CCTV कैमरे लगवा दिए। कुछ दिन बाद अंशिका ने कमरा खाली कर दिया। उसने संतकबीरनगर कोतवाली के सामने पुलिस जीप के पास भी रील बनाई थी, जिसमें आपत्तिजनक गाना लगाया गया था। 4. किराए की THAR लेकर भागी, फिर अंडरग्राउंड हुई कैंट सीओ योगेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि 12 अक्टूबर, 2025 को अंशिका और उसके 6 साथियों पर थार चोरी और फर्जी नंबर प्लेट लगाने का केस दर्ज हुआ था। जांच में सामने आया कि सितंबर 2025 में अंशिका दोस्तों के साथ दिल्ली घूमने गई थी, जहां से थार किराए पर ली और फरार हो गए। बचने के लिए फर्जी नंबर प्लेट लगाकर शहर में घूमती रही। 13 अक्टूबर को पुलिस ने दो आरोपियों प्रिय प्रवास दुबे उर्फ विक्की और आकाश वर्मा उर्फ बंटी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। यह खबर मिलते ही अंशिका अंडरग्राउंड हो गई। पुलिस को गाड़ी से 4 फर्जी नंबर प्लेट मिली थीं- दो हरियाणा, एक बिहार और एक गोरखपुर की। अब ठग गरिमा सिंह की कहानी जानिए गरिमा ने लोन के नाम पर डॉक्टर-अफसरों को ठगा गोरखपुर में गरिमा सिंह का एक ताजा मामला 13 अगस्त को सामने आया। गरिमा की ठगी का शिकार 45 साल के डॉ. परमात्मा सिंह ने अपार्टमेंट की 8वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। पुलिस को डॉक्टर की जेब से एक पेज का सुसाइड नोट मिला। इसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए महिला ठग गरिमा सिंह को जिम्मेदार बताया। पुलिस के मुताबिक, डॉक्टर से गरिमा सिंह ने 1.40 करोड़ रुपए की ठगी की थी। इसके बाद से वह सदमे में थे। गरिमा सिंह के खिलाफ 10 शिकायतें, 5 FIR डॉक्टरों और अधिकारियों को ठगने के आरोप में रेलवे अधिकारी पिता, PhD कर चुकी बेटी गरिमा सिंह और उसके पति शिक्षक भानू प्रताप सिंह के खिलाफ अब तक 5 FIR दर्ज हो चुकी हैं। 13 जुलाई को गरिमा और उसके गिरोह के खिलाफ 5वीं FIR गोरखनाथ थाने में दर्ज हुई थी। यह FIR एक डॉक्टर के सुसाइड के बाद दर्ज की गई। डॉक्टर के पास मिले सुसाइड नोट में गरिमा और उसके गिरोह को मौत का जिम्मेदार बताया गया था। पुलिस के मुताबिक, बाप-बेटी, दामाद और गिरोह के अन्य सदस्यों पर 10 करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी का आरोप है। इनके खिलाफ पुलिस के पास अब तक 10 शिकायतें पहुंच चुकी हैं। इनमें से 5 मामलों में FIR दर्ज हो चुकी है। इनमें 3 FIR एम्स थाना, एक सहजनवां और एक गोरखनाथ थाने में दर्ज हुई है। वहीं, 6 अन्य पीड़ितों की शिकायतों की जांच CO स्तर पर चल रही है। पुलिस का दावा है कि जांच में सबूत मिलने के बाद इन मामलों में भी जल्द FIR दर्ज की जाएगी। सहजनवा रेलवे स्टेशन के अधीक्षक ध्रुव नारायण सिंह (55) अपने ही विभाग के कर्मचारियों और अफसरों को बेटी गरिमा (29) के ठगी के जाल में फंसाते थे। दोनों दो तरह के लोगों को निशाना बनाते थे। पहला तरीका- जिन्हें लोन की जरूरत होती थी। ऐसे लोगों से गरिमा कहती थी कि आप लोन ले लीजिए, उसकी किस्त मैं भर दूंगी। बैंक से जितना लोन पास होता था, उसका 10 से 20% हिस्सा वह लोन लेने वाले को दे देती थी। बाकी रकम अपने बैंक खाते में ट्रांसफर करा लेती थी। शुरुआत में वह कुछ किस्तें खुद भरती थी, जिससे लोगों का भरोसा कायम हो जाता था। इसके बाद वह उनसे संपर्क तोड़ देती थी। दूसरा तरीका- ऐसे लोगों को गरिमा निशाना बनाती थी, जिन्होंने पहले से लोन ले रखा था। उसकी किस्तें चुकाने में परेशानी हो रही थी। ऐसी ही दिक्कत गोरखपुर जंक्शन के स्टेशन अधीक्षक सत्य प्रकाश सिंह के सामने थी। सत्य प्रकाश के मुताबिक, गरिमा ने उनसे कहा कि आपका लोन चुटकियों में बंद करा दूंगी। इसके लिए आपको नया पर्सनल लोन लेना होगा। उसकी रकम मेरे खाते में डालनी होगी। हर महीने की किस्त मैं भरूंगी। सत्य प्रकाश के मुताबिक, गरिमा ने उनके दस्तावेज लेकर 6 बैंकों ICICI, HDFC, यस बैंक, स्टेट बैंक, SMFG और बंधन बैंक से कुल 1.67 करोड़ रुपए का लोन पास करा लिया। उसने करीब 10 लाख रुपए उनके खाते में भी भेजे और कहा कि यह आपका फायदा है। महिला ठग ने डायरी में लिखा था- मैं अरबपति बनूंगी पुलिस को ठग गरिमा के पास से एक डायरी मिली। इसमें लिखा था- ‘मैं गरिमा सिंह, अप्रैल 2026 तक अरबपति बनूंगी। यह मेरा लक्ष्य है। मेरे सभी लोन अप्रैल से मई तक खत्म हो जाएंगे। अप्रैल से मई तक मेरा लक्ष्य 100 करोड़ रुपए कमाना है। गरिमा सिंह करोड़पति है। धन्यवाद भगवान।’ ————————– ये खबर भी पढ़िए- डॉक्टर के 8वीं मंजिल से कूदकर सुसाइड करने का CCTV: लिखा- मौत की जिम्मेदार ठग गरिमा; गोरखपुर में बेटी बोली- पापा लौट आओ मेरी मौत की जिम्मेदार गरिमा सिंह और उसका गिरोह है…गुरुवार सुबह यह लाइन एक कागज पर लिखकर डॉ. परमात्मा सिंह ने सुसाइड कर लिया। वह सुबह 9:10 बजे अपने फ्लैट से निकले। सुसाइड नोट को पैंट की दाएं जेब में डाला और तेजी से पहले नीचे पार्क में गए। करीब 9:13 बजे पार्क से बेसमेंट की तरफ गए, वहां से लिफ्ट से 8वीं मंजिल पर पहुंचे। फिर सीढ़ियों के सहारे छत पर गए। पढ़ें पूरी खबर…