दामाद बेटी को पैसे नहीं देना चाहता था, तभी मारा:बेटी-पत्नी की हत्या के बाद बोले पिता- मेरी बेटी की आंख में सूजा मारा था, दहेज के लिए परेशान करता था

मुझे अपने दामाद पर पूरा शक है। हम लोग दहेज प्रताड़ना का केस जीत गए थे। दामाद को बेटी को 7 हजार रुपए गुजारा भत्ता देना था। तभी उसने उसको रास्ते से हटा दिया। ये लोग शादी के बाद से बेटी को परेशान कर रहे थे। मेरी बेटी दामाद से अलग अपने मायके में रह रही थी। दामाद को बेटी को पैसे न देने पड़े इसलिए मेरी बेटी को मार दिया। पुलिस सभी पर सख्त कार्रवाई करे। इन लोगों ने बेटी की आंख में सूजा मारकर उसकी आंख फोड़ने की कोशिश की थी। इटावा में एक बेटी और उसकी मां की घर के अंदर हत्या कर दी गई। ये कहना है, उसी बेटी के पिता का। सोमवार सुबह दोनों के शव दूध वाले ने देखे थे। इसके बाद पिता को मामले की जानकारी दी। पिता नोएडा में सिक्योरिटी गार्ड है। शाम को वह इटावा पहुंचे तो दामाद पर गंभीर आरोप लगाए। एक आरोपी गिरफ्तार, दामाद फरार पुलिस ने सोमवार शाम को एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस उसे आरोपी दामाद का दोस्त बता रही है। पुलिस अभी दामाद की तलाश कर रही है। ये मामला भरथना थाना क्षेत्र के चंदेठी गांव का है। मां का नाम पुष्पा यादव (55) और बेटी का नाम मंजू देवी (38) था। आरोप है पहले मां-बेटी को नशीली कोल्ड ड्रिंक पिलाकर बेहोश किया गया, फिर हाथ-पैर बांधकर उनकी हत्या कर दी गई। आरोपी पति का नाम सत्येंद्र है। पढ़िए पिता ने दामाद पर क्या आरोप लगाए हैं- पिता सुरेश चंद्र ने बताया, मेरी बेटी की शादी साल 2021 में हुई थी। मेरा दामाद विकास भवन में सरकारी नौकर है। अलीगढ़ में रहता है। मेरी लड़की 5 महीने अलीगढ़ में अकेले रही है। वो चाहती थी सुलह हो जाए लेकिन ये उसको परेशान करता था। हमेशा हम लोगों से सोना मांगता रहता था। ये लोग उसके साथ मारपीट करते थे, उसकी आंख में सूजा मार दिया था। हमने एफआईआर करवाई लेकिन हम लोग साथ रखने के लिए तैयार हो गए। बेटी फिर एक बार पति के पास रहने चली गई। लेकिन ये लोग नहीं सुधरे। मेरी बेटी की नन्दे सीमा और प्रियांशी बेटी को परेशान करती थीं। उनके पति भी उनका साथ देते थे। बेटी को दहेज के लिए परेशान करते थे। मारपीट करते थे। बहुत झेलने के बाद हम लोगों ने दहेज प्रथा का केस किया था। जिसमें पति के साथ सास, जेठ-जेठानी, दोनों नन्दें और उनके पति का नाम भी दिया था। चिढ़कर दामाद ने की हत्या इस मामले में 4 साल से सुनवाई चल रही थी। 3 अगस्त को मामले में फैसला आया। दामाद को 7 हजार रुपए हर महीने बेटी को देने थे। इस बात से मेरा दामाद चिढ़ गया, तभी उसने बेटी-पत्नी की हत्या कर दी। मुझे पूरा भरोसा है, मेरे दामाद ने ही दोनों को मारा है। वही स्कूटी से आया था। 14 अगस्त को मेरी बेटी से बात हुई थी। उसने बताया था, बड़े बेटे ने ढाई हजार रुपए भेजे हैं। उसके बाद से बेटी से बात नहीं हुई थी। मुझे गुस्सा भी आ रही थी कि पैसे मिलने के बाद ये लोग बात नहीं कर रहे। सोमवार को दूध वाला जब दूध देने गया है तब उसको कुछ शक हुआ है। उसने मुझको फोन करके बताया। मैंने उससे कहा, तू बाउंड्री फांदकर घर के अंदर जा। जब वह अंदर गया तो उसने देखा लाशें पड़ी हुई थीं। मेरा एक बेटा इलाहाबाद में रहता है, दूसरा पूणे में रहता है। एक इटावा आ चुका है और दूसरा रास्ते में है। मेरे दामाद से केस चल रहा था, ये काम उसी का है। दामाद को मेरी बेटी को गुजारा भत्ता देना था। मेरा बेटा दामाद की सैलरी स्लिप भी ले आया था। उसी के हिसाब से उसको बेटी को 7 हजार रुपए देना था। बता दें, सुरेश चंद्र के दो बेटे और एक बेटी है। एक बेटा नोएडा में कैब चलाता है। दूसरा बेटा पूणे में नौकरी करता है। इटावा में मां और बेटी रहती थीं। ……………………………………………………….. यह खबर भी पढ़ें- इटावा में मां-बेटी की गला रेतकर हत्या:आरोपी गिरफ्तार, नशीली कोल्ड-ड्रिंक पिलाकर पहले किया बेहोश; फिर हाथ-पैर बांधकर गला रेता इटावा में मां-बेटी की गला रेतकर हत्या के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, महिला के पति ने अपने दोस्त के साथ मिलकर वारदात की साजिश रची थी। दोनों ने पहले मां-बेटी को नशीली कोल्ड ड्रिंक पिलाकर बेहोश किया, फिर हाथ-पैर बांधकर उनकी हत्या कर दी। मुख्य आरोपी पति सत्येंद्र अभी फरार है। घटना भरथना थाना क्षेत्र के चंदेठी गांव की है। यहां पढ़ें पूरी खबर