मेरठ के भावनपुर के किनानगर निवासी मोहित जाटव से अभद्रता और कथित फर्जी मुकदमे के मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने मेरठ के जिलाधिकारी और एसएसपी को दूसरा नोटिस जारी किया है। आयोग की ओर से 27 अगस्त को जारी नोटिस में दोनों अधिकारियों से 7 दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। इससे पहले 7 अगस्त को जारी नोटिस का जवाब नहीं मिलने के बाद आयोग ने यह दूसरा नोटिस भेजा है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने पर आयोग भारतीय संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत सिविल न्यायालय की शक्तियों का प्रयोग कर सकता है। जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से आयोग के समक्ष पेश होने के लिए समन भी जारी किया जा सकता है। अवैध खनन के विरोध के बाद विवाद भारतीय किसान यूनियन (बीआर अंबेडकर) के जिलाध्यक्ष मोहित कुमार का आरोप है कि उन्होंने अपने क्षेत्र में हो रहे अवैध खनन का विरोध किया था। इसके बाद कुछ खनन माफिया ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। आरोप है कि उनके साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए अभद्रता की गई और हथियार दिखाकर गोली मारने की धमकी दी गई। मोहित ने भावनपुर थाने में शिकायत की थी। इसके बाद खनन माफिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। खनन माफिया पर फर्जी केस दर्ज कराने का आरोप मोहित का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद आरोपियों ने बदला लेने की योजना बनाई। उन्होंने चौकी इंचार्ज संदीप कुमार, थाना अध्यक्ष जोगिंदर सिंह और सीओ सदर देहात सुधीर सिंह से मिलीभगत कर उसके और साथी वंश जाटव के खिलाफ फर्जी मुकदमा दर्ज करा दिया। मोहित के मुताबिक, जिस दिन की घटना का मुकदमे में जिक्र है, उस दिन वह परिवार के साथ दिल्ली में मौजूद थे। वहीं वंश जाटव भी अपने घर पर था। दोनों के पास अपने दावे के समर्थन में साक्ष्य होने की बात कही गई है। पुलिस पर साक्ष्य नहीं लेने का आरोप मोहित का कहना है कि उन्होंने थाना पुलिस को अपने खिलाफ दर्ज मुकदमे को फर्जी बताते हुए साक्ष्य उपलब्ध कराने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने साक्ष्य लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं होने का आरोप लगाया। लगातार धमकियां मिलने का आरोप लगाते हुए मोहित ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग में लिखित शिकायत की थी। पहले नोटिस में 15 दिन का समय मिला था शिकायत का संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने मेरठ के जिलाधिकारी और एसएसपी को पहला नोटिस जारी किया था। इसमें दोनों अधिकारियों से 15 दिन के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा गया था। मोहित का कहना है कि निर्धारित समय में जवाब नहीं मिलने पर आयोग ने अब दूसरा नोटिस जारी किया है। 7 दिन में जवाब नहीं तो समन संभव गुरुवार को जारी दूसरा नोटिस आयोग के अनुभाग अधिकारी भारत भूषण गुप्ता की ओर से जारी किया गया है। इसमें डीएम और एसएसपी मेरठ से मोहित कुमार से जुड़े प्रकरण में 7 दिन के भीतर जवाब मांगा गया है। आयोग ने चेतावनी दी है कि जवाब नहीं मिलने की स्थिति में संविधान के अनुच्छेद 338 के तहत सिविल न्यायालय की शक्तियों का इस्तेमाल किया जा सकता है और संबंधित अधिकारियों को व्यक्तिगत रूप से आयोग के समक्ष उपस्थित होने के लिए समन जारी किया जा सकता है।