दामाद आकाश के लिए ससुर ने राजनीति से संन्यास लिया:कहा- बहनजी के लिए जान दे सकता हूं; मायावती की शर्त थी- राजनीति छोड़ो, तभी भतीजे को वापस लूंगी

आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास ले लिया है। उन्होंने गुरुवार सुबह सोशल मीडिया ‘X’ पर लिखा- मैं अभी इसी वक्त राजनीतिक और सामाजिक जीवन से संन्यास ले रहा हूं। मेरा जीवन बहनजी का ऋणी है। ऐसे में संन्यास तो बहुत छोटी चीज है। आपके लिए अगर मुझे कभी अपनी जान भी देनी पड़े, तो वो भी मेरे लिए फक्र की बात होगी। दरअसल, मायावती ने भतीजे आकाश की बसपा में वापसी के लिए एक बड़ी शर्त रखी थी। उन्होंने कहा था कि पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ अगर अपने दामाद आकाश का भला चाहते हैं तो उन्हें राजनीति से संन्यास ले लेना चाहिए। तभी आकाश को फ्री हैंड मिलेगा। बसपा सुप्रीमो ने बुधवार दोपहर 2:46 बजे ‘X’ पर बयान जारी कर अशोक सिद्धार्थ को जमकर खरी खोटी सुनाई थी। कहा था कि आकाश आनंद अपने ससुर के स्वार्थी व्यवहार का खामियाजा भुगत रहे हैं। मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को 3 सितंबर, 2026 को पद से हटा दिया था। वह पार्टी में एक आम समर्थक की हैसियत से जुड़े हुए हैं। मायावती ने कहा था कि आकाश आनंद को अभी राजनीतिक रूप से और अधिक परिपक्व होने की जरूरत है। पहले पढ़िए आकाश की वापसी के लिए मायावती ने क्या शर्त रखी थी … तो क्या अब बसपा में आकाश आनंद की वापसी तय? कौन हैं अशोक सिद्धार्थ? खबर अपडेट की जा रही है…