यूपी ATS ने अलकायदा से जुड़े एक आतंकी को तमिलनाडु के कोयंबटूर से गिरफ्तार किया है। ATS के मुताबिक, 19 साल का मकसूद अली पाकिस्तान में मौजूद हैंडलरों के संपर्क में था। वह देश विरोधी हिंसक गतिविधियों की साजिश में शामिल था। युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से जोड़ने और उन्हें मुजाहिद बनने के लिए तैयार कर रहा था। मकसूद मूल रूप से सिद्धार्थनगर के मधवापुर गांव का रहने वाला है। गिरफ्तार करने के बाद ATS मकसूद को ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाई। यहां उसे कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सोशल मीडिया से युवाओं को जोड़ता था यूपी ATS का दावा है कि मकसूद ने सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर ग्रुप बना रखे थे। इनसे वह युवाओं को देश विरोधी गतिविधियों के लिए जोड़ रहा था। लोगों को कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित कर मुजाहिद बनाने का काम करता था। इसके लिए धन जुटाने का काम भी कर रहा था। जिससे आधुनिक हथियारों का प्रशिक्षण ले सके। ATS के अनुसार, जांच में इस मॉड्यूल के तार देश के दूसरे राज्यों के अलावा विदेश में मौजूद संदिग्ध लोगों से जुड़े होने की बात भी सामने आई है। पाकिस्तान के हैंडलरों से संपर्क में था ATS के मुताबिक, मकसूद पाकिस्तान में मौजूद हैंडलरों के संपर्क में रहकर हैकिंग टूल तैयार कर रहा था। पूछताछ में उसने पायथन, जावा, कोडिंग और हैकिंग की जानकारी ऑनलाइन माध्यमों से हासिल करने की बात बताई है। मकसूद ने इंस्टाग्राम, यूट्यूब, टेलीग्राम और विभिन्न वॉट्सएप ग्रुपों के जरिए तकनीकी जानकारी हासिल की थी। ‘कैप्टन एम नेटवर्क’ नाम से बनाया था एप्लिकेशन जांच में यह भी सामने आया कि मकसूद ने अपने मकसद को आगे बढ़ाने के लिए ‘कैप्टन एम नेटवर्क’ नाम का एक सिक्योर एप्लिकेशन तैयार किया था। इसका उद्देश्य एक प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को जोड़ना है। ATS का दावा है कि इसी के जरिए नबील, मकसूद और अन्य लोग आपस में संपर्क में थे। जांच में मकसूद से जुड़े कई वॉट्सएप ग्रुपों की जानकारी भी सामने आई है। इनमें यूयू एंट्री गेट, यूनाइटेड उम्माह, गजवा-ए-हिंद, टीम ब्लैक हैट और लश्कर-ए-महंदी जैसे नाम वाले ग्रुप शामिल हैं। एटीएस के मुताबिक, इन ग्रुपों में पाकिस्तानी नंबरों वाले संदिग्ध और अन्य पाकिस्तानी हैकर भी जुड़े थे। नबील के ग्रुप से भी जुड़ा था मकसूद ATS के मुताबिक, मकसूद मोहम्मद नबील के बनाए ‘ला गालिब-इल्लल्लाह’ नाम के वॉट्सएप ग्रुप से भी जुड़ा था। इस ग्रुप में प्रतिबंधित आतंकी संगठन अलकायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट (AQIS) से संबंधित साहित्य और बम बनाने से जुड़े वीडियो साझा किए जा रहे थे। ATS अब मकसूद के डिजिटल नेटवर्क, विदेशी संपर्कों, ऑनलाइन गतिविधियों और उसके जरिए जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। 12 सितंबर को आजमगढ़ से पकड़ा गया था नबील ATS ने 12 सितंबर को आजमगढ़ से 19 साल के मोहम्मद नबील को गिरफ्तार किया था। उस पर भी AQIS की विचारधारा फैलाने और सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को जोड़ने का आरोप है। वह अलग-अलग वॉट्सएप ग्रुप के जरिए युवाओं को आतंकी विचारधारा से प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था। ATS के अधिकारियों ने बताया था कि नबील के मोबाइल की जांच में AQIS की विचारधारा के प्रचार-प्रसार से जुड़े वॉट्सएप ग्रुप की जानकारी मिली है। एक ग्रुप का नाम अरबी भाषा में है। एटीएस का दावा है कि ग्रुप में जुड़े लोगों को ‘मुजाहिद’ कहकर संबोधित किया जाता था।