परिवार में तनाव, पिता-बेटे के बीच बढ़ती दूरी, आर्थिक तंगी और अविश्वास… ये कहानी कानपुर के करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड से जुड़ी है। पुलिस की जांच में परिवार के भीतर लंबे समय से चल रही खींचतान की कई परतें सामने आई हैं। पुलिस के मुताबिक, विनीत के बेटे सुब्रत के मन में पिता के प्रति नाराजगी उस समय और गहरी हुई, जब उसकी मां पुनीता ने पति से अलग होकर बेटी के पास रहने का फैसला लिया। विनीत अपने कथित अवैध रिश्तों और निजी जिंदगी से जुड़ी बातें घर में खुलकर करते थे। इससे परिवार में तनाव बढ़ता गया और मामला आखिरकार हत्या की साजिश तक पहुंच गया। पुलिस की पड़ताल में इस कहानी से जुड़े 5 प्रमुख किरदार सामने आए। 1. दवा कारोबारी विनीत मिनोचा, जिनका कानपुर में करोड़ों का कारोबार था। 2. बेटा सुब्रत, जिसे पुलिस ने हत्या की साजिश का मुख्य आरोपी बताया है। 3. बहू शालू, जिसके साथ रिश्तों को लेकर भी सुब्रत के मन में पिता के प्रति शक पैदा हुआ। 4. नौकर विशाल गौतम, जिस पर सुब्रत से सुपारी लेकर हत्या करने का आरोप है। 5. सुब्रत की मां पुनीता, जो पति के कथित रिश्तों और व्यवहार से परेशान थीं। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सुब्रत ने दावा किया कि उसकी मां ने उससे कहा था कि ‘इनका कुछ करो।’ पिता-पुत्र के बीच दरार कहां से शुरू हुई? यह तनाव कैसे बढ़ता गया? कर्ज और पारिवारिक विवाद ने क्या भूमिका निभाई और हत्या की साजिश तक मामला कैसे पहुंचा? पढ़िए दैनिक भास्कर की खास रिपोर्ट। पहले 5 किरदारों को जानिए कानपुर के बिरहाना रोड स्थित दवा मार्केट में फार्मा ट्रेडर्स के मालिक विनीत मिनोचा थे। वह दवाओं के थोक और फुटकर कारोबारी थे। उनकी दुकान पर करीब 23 लोग काम करते थे और सालाना टर्नओवर 50 से 60 करोड़ रुपए बताया गया है। विनीत इंदिरा नगर की पॉश सोसायटी रतन ऑर्बिट के लग्जरी फ्लैट में बेटे सुब्रत, बहू शालू और पोते श्रीजय के साथ रहते थे। विनीत और उनकी पत्नी पुनीता के बीच रिश्ते अच्छे नहीं थे। सुब्रत ने मीडिया से बातचीत में दावा किया था कि पिता के कथित रिश्तों और निजी जिंदगी से परेशान होकर मां ने उनसे अलग रहने का फैसला किया था। इसके बाद पुनीता पिछले करीब 7 साल से गुरुग्राम में रहने वाली अपनी बेटी शुभांगी के साथ रह रही थीं। सुब्रत के मुताबिक, मां के अलग होने के बाद उसके मन में पहली बार पिता के प्रति नाराजगी गहरी हुई। उसका मानना था कि पिता के व्यवहार की वजह से मां को उनसे अलग होना पड़ा। इसके बाद पिता के प्रति उसकी नाराजगी बढ़ती गई। पुलिस की जांच में सुब्रत को इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी बताया गया है। उसने कानपुर के अलग-अलग स्कूलों से 8वीं तक पढ़ाई की। इसके बाद नैनीताल से इंटरमीडिएट और आगे की पढ़ाई की। 2020 में उसकी शादी लखनऊ के ठाकुरगंज निवासी शालू से हुई थी। पुलिस के मुताबिक, सुब्रत को शक था कि उसके पिता उसकी पत्नी शालू को गलत नजर से देखते थे। एक बार कार में विनीत का हाथ शालू के शरीर से टच हो गया था, जिसके बाद सुब्रत नाराज हो गया था। हालांकि, पूछताछ में शालू ने पुलिस को बताया कि यह जानबूझकर नहीं हुआ था, बल्कि गलती से हाथ टच हो गया था। शालू के मुताबिक, विनीत ने उसके साथ कभी कोई गलत हरकत या छेड़छाड़ नहीं की। शालू मूल रूप से लखनऊ के ठाकुरगंज की रहने वाली हैं और बड़े दवा कारोबारी परिवार से ताल्लुक रखती हैं। 2020 में उनकी सुब्रत से अरेंज मैरिज हुई थी। शादी के बाद घर में ससुर की रोकटोक और बंदिशों को लेकर शालू और सुब्रत के बीच भी तनाव रहता था। इसी वजह से शालू की अपने ससुर से कई बार कहासुनी होने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, विनीत ने घर में कैमरे भी लगवा रखे थे। सुब्रत और शालू को लगता था कि उनकी निगरानी की जा रही है। इससे दोनों की नाराजगी और बढ़ गई। ल बाजार इलाके के स्लम क्षेत्र में रहने वाला विशाल गौतम आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से है। उसके परिवार में मां और एक छोटा भाई हैं, जबकि पिता अलग रहते हैं। विशाल पर कई लाख रुपए का कर्ज भी बताया गया है। विशाल ने 2010 से 2022 तक विनीत मिनोचा के मेडिकल स्टोर पर काम किया था। चोरी के आरोप में विनीत ने उसे नौकरी से निकाल दिया था। पुलिस के मुताबिक, जिस चोरी के मामले में विशाल की नौकरी गई, उसमें सुब्रत की भूमिका होने की बात भी सामने आई है। इसी वजह से सुब्रत के मन में विशाल के प्रति सहानुभूति थी। बाद में शालू और सुब्रत घर के काम के लिए भी विशाल को बुलाते थे। विशाल के साथ सुब्रत की नजदीकी से विनीत नाराज रहते थे। पुलिस की जांच में यही रिश्ता आगे चलकर हत्याकांड की साजिश से जुड़ने की बात सामने आई है। जानिए कैसे बेटा पिता का कातिल बना अय्याशी में खुद लाखों खर्च करते, बेटे को महज 40 हजार देते 40 लाख रुपए के कर्ज से बेटे का तनाव बढ़ा पुलिस की जांच के मुताबिक, सुब्रत हाई-फाई पार्टियों में जाने और सट्टा खेलने का शौकीन था। पुलिस ने उसके नशे की लत होने की बात भी कही है। इन सब पर होने वाला खर्च 40 हजार रुपए महीने में पूरा नहीं होता था। पुलिस के मुताबिक, दुकान से चोरी के मामलों में पकड़े जाने पर पिता उसे सख्ती से डांटते थे। पुलिस के अनुसार, पिता का विरोध करने या शराब पीने पर विनीत उसे जायदाद से बेदखल करने की धमकी भी देते थे। जांच में सामने आया कि सुब्रत ने अपने और पत्नी के खर्च पूरे करने के लिए अलग-अलग जगहों से कई लोन लिए। पुराने लोन चुकाने के लिए नए लोन लेने का सिलसिला चलता रहा और उस पर करीब 40 लाख रुपए का कर्ज हो गया। एक तरफ कर्ज का दबाव था तो दूसरी तरफ पिता की सख्ती। पुलिस के मुताबिक, इसी तनाव के बीच सुब्रत ने पिता की हत्या की साजिश रची। 6 लाख रुपए की सुपारी देने का आरोप पुलिस के मुताबिक, सुब्रत ने करीब तीन महीने पहले दुकान पर काम छोड़ चुके विशाल गौतम के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचनी शुरू की। पहले विनीत की मौत को हादसा दिखाने की योजना बनाई गई, लेकिन यह कामयाब नहीं हुई। इसके बाद भाड़े के हत्यारे से हत्या कराने की कोशिश की गई, लेकिन विशाल को कोई ऐसा व्यक्ति नहीं मिला। पुलिस के अनुसार, इसके बाद विशाल ने अपने दोस्त राजकिशोर के साथ मिलकर 6 लाख रुपए में विनीत की हत्या करने की बात तय की। 5 सितंबर की रात विनीत की हत्या कर दी गई। पुलिस का आरोप है कि वारदात के बाद विशाल अपने दोस्त के साथ मौके से फरार हो गया। सास-बहू में नहीं बनती, अब कारोबार कौन संभालेगा? विनीत मिनोचा के पास करोड़ों रुपए की संपत्ति है। संपत्ति के बंटवारे को लेकर विनीत ने वसीयत तैयार कर रखी थी, इसलिए परिवार के मुताबिक इस हिस्से में विवाद की आशंका कम है। हालांकि, कारोबार को लेकर आगे स्थिति अलग हो सकती है। सुब्रत के जेल जाने के बाद फिलहाल रतन ऑर्बिट स्थित फ्लैट और कारोबार की जिम्मेदारी उसकी मां पुनीता के पास है। परिवार के लोगों के मुताबिक, शालू और पुनीता के बीच रिश्ते अच्छे नहीं हैं। ऐसे में शालू के बाहर आने के बाद कारोबार की जिम्मेदारी को लेकर दोनों के बीच मतभेद हो सकते हैं। फिलहाल यह साफ नहीं है कि आगे कारोबार कौन संभालेगा। मां-पिता के जेल जाने के बाद नानी के पास है 5 साल का बेटा विनीत की हत्या और शालू के जेल जाने के बाद उसका 5 साल का बेटा लखनऊ में अपनी नानी के पास रह रहा है। मां और पिता दोनों के जेल में होने से बच्चा परेशान है। परिवार के मुताबिक, वह दिनभर मां-पिता से फोन और वीडियो कॉल पर बात करने की जिद करता है। ननिहाल के लोग भी बच्चे को लेकर परेशान हैं। परिवार की ओर से शालू को जेल से बाहर लाने के लिए कोर्ट में पैरवी शुरू की गई है। हालांकि, शालू की भूमिका को लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है। परिवार का दावा है कि वह निर्दोष है और उसकी भूमिका स्पष्ट होने के बाद उसे राहत मिलने की उम्मीद है। परिवार के लोग जांच अधिकारियों के संपर्क में हैं और मामले में पुलिस की आगे की कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। ————————————- ये खबर भी पढ़िए- हत्यारोपी बेटा बोला- पापा अय्याश थे, लड़कियों पर पैसे लुटाते: मुझे खर्चा नहीं देते; कानपुर में हत्यारों को पत्नी का नाम बताने को कहा “मुझे अपने पिता की हत्या कराने का कोई मलाल नहीं है, वो लड़कीबाज थे। मैं पैसा मांगता तो मना कर देते थे और हर संडे लड़कियों पर हजारों रुपए उड़ाते थे।” ये बातें गुरुवार को कानपुर के करोड़पति कारोबारी विनीत मिनोचा के हत्यारोपी बेटे सुब्रत ने कहीं। सुब्रत ने पुलिस कस्टडी रिमांड के दौरान पुलिस कमिश्नर से कहा- सर मैं हत्या के दिन से सोच रहा था कि आप मुझे गिरफ्तार कर लेंगे। पढ़ें पूरी खबर…