मायावती के भतीजे आकाश आनंद ने पार्टी से निकाले जाने के 22 दिन बाद पहली बार चुप्पी तोड़ी। उन्होंने शुक्रवार को मायावती से माफी मांगी। कहा- आप मेरी राजनीतिक गुरु हैं, मेरी प्रेरणा हैं। मेरी बुआ मां भी हैं। आकाश ने X पर लिखा- राजनीति में मैंने जो कुछ सीखा, वो आपसे सीखा। जो कुछ किया, वो आपके मार्गदर्शन में किया। मेरी चुप्पी को गलत समझा गया। अगर इससे आपको ठेस पहुंची है, तो मैं उसके लिए आपसे क्षमा चाहता हूं। मैं सिर्फ आपके नेतृत्व में फिर से पार्टी और मिशन की सेवा का अवसर चाहता हूं। आकाश ने दूसरी पार्टियों में जाने की अटकलों को भी खारिज कर दिया। कहा- मैं किसी दूसरे राजनीतिक दल में नहीं जा रहा। न आज, न कभी। BSP मेरे लिए सिर्फ एक पार्टी नहीं, मेरा परिवार है। दरअसल, आकाश को पार्टी से बाहर किए जाने के बाद चंद्रशेखर और अखिलेश यादव ने पार्टी जॉइन करने का ऑफर दिया था। तभी से यह कयास लग रहा था कि आकाश दूसरी पार्टी जॉइन कर सकते हैं। ससुर को पार्टी से निकालने के फैसले को ठीक बताया आकाश ने कहा- अशोक सिद्धार्थ (ससुर) को पार्टी से निकालने और राजनीति से उनके संन्यास का आपका (मायावती) फैसला पूरी तरह ठीक है। मैं उस फैसले के साथ खड़ा हूं। रिश्ते अपनी जगह हैं, लेकिन मिशन उनसे बड़ा है। व्यक्तिगत और पारिवारिक हितों से ऊपर पार्टी और आंदोलन का हित रखना मेरी जिम्मेदारी है। माना जा रहा है कि आकाश की इस पोस्ट के बाद मायावती उन्हें पार्टी में वापस ले सकती हैं। यही नहीं, यूपी चुनाव को देखते हुए उन्हें कोई महत्वपूर्ण पद भी दिया जा सकता है। दैनिक भास्कर पोल में हिस्सा लेकर राय दें- मायावती ने कहा था- आकाश डबल माइंड, उन्हें ससुर से ज्यादा लगाव 3 सितंबर को मायावती ने राष्ट्रीय संयोजक पद से आकाश को हटाया था। कहा- उन्हें अभी और अधिक मैच्योर होने की जरूरत है। 9 सितंबर को मायावती ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया। कहा था- उन्हें अपने ससुर से ज्यादा लगाव है। वह डबल माइंड हो गए हैं। आकाश ने मेरी पोस्ट को रिपोस्ट तक नहीं किया। अगर वह पार्टी में स्वतंत्र रहना चाहते हैं तो वे स्वतंत्र हैं। इसलिए आज से उन्हें पार्टी से आजाद कर दिया गया है। मायावती ने आकाश को पार्टी से बाहर करने से एक दिन पहले यानी 8 सितंबर को उनके ससुर और पूर्व सांसद अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास की शर्त रखी थी। मायावती की इस शर्त के करीब 17 घंटे बाद अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास का ऐलान कर दिया था। अशोक सिद्धार्थ ने तब X पर भावुक पोस्ट करते हुए लिखा था- संन्यास तो छोटी बात है। बहनजी के लिए जान भी दे सकता हूं। उनके आदेश के आगे परिवार, रिश्ते-नाते सब बहुत छोटे हैं। मैंने कभी आकाश को गुमराह करने की कोशिश नहीं की। मायावती ने आकाश को कब-कब जिम्मेदारी दी और कब हटाया? जानिए आकाश ने 2017 में राजनीति में की थी एंट्री 9 दिन पहले मायावती ने भतीजे ईशान को आकाश की जगह दी थी 9 दिन पहले मायावती ने भतीजे ईशान को आकाश की जगह दी थी। उन्हें नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया था। नेशनल कोऑर्डिनेटर का पद इससे पहले आकाश के पास था। आकाश को सभी राज्यों की समीक्षा का अधिकार था। हालांकि, ईशान को अभी यह अधिकार नहीं दिया गया है। —————————————- ये खबर भी पढ़ें- प्रेमानंदजी के शिष्य का चौथी मंजिल से कूदने का CCTV:6 सेकेंड बाउंड्री पर बैठे, फर्श पर लेटे, फिर अचानक उठकर छलांग लगाई
वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के 25 साल के शिष्य रसिक दुलारी शरण के चौथी मंजिल से कूदने का CCTV सामने आया है। इसमें दिख रहा कि वह छत की बाउंड्री वॉल पर बैठे। 6 सेकेंड बाद फर्श पर लेट जाते हैं। अचानक उठते हैं और बाउंड्री से छलांग लगा देते हैं। पढ़ें पूरी खबर
वृंदावन में प्रेमानंद महाराज के 25 साल के शिष्य रसिक दुलारी शरण के चौथी मंजिल से कूदने का CCTV सामने आया है। इसमें दिख रहा कि वह छत की बाउंड्री वॉल पर बैठे। 6 सेकेंड बाद फर्श पर लेट जाते हैं। अचानक उठते हैं और बाउंड्री से छलांग लगा देते हैं। पढ़ें पूरी खबर