प्रतापगढ़ के युवक ने केबीसी में जीते 5 लाख:बोले- मुंबई में बिताए पल यादगार, अमिताभ बच्चन ने गांव वालों से माफी मांगी

प्रतापगढ़ के एक युवक ने लोकप्रिय क्विज शो कौन बनेगा करोड़पति (KBC) में शानदार प्रदर्शन करते हुए 5 लाख रुपए जीते। युवक ने अपनी पत्नी माधुरी तिवारी के साथ KBC में हिस्सा लिया। केबीसी में रुपए जीतने के बाद गांव के लोग बहुत खुश हैं। युवक के घर लोग बधाई देने पहुंच रहे हैं। युवक का नाम चंद्र प्रकाश है। उसकी प्राथमिक शिक्षा गांव के प्राथमिक विद्यालय में हुई। इसके बाद कक्षा 6 से 8 तक की पढ़ाई उड़ैयाडीह से की। कक्षा 9 से 12वीं तक की शिक्षा रामराज इंटर कॉलेज पट्टी से पूरी की। उन्होंने कला वर्ग में स्नातक की पढ़ाई इलाहाबाद डिग्री कॉलेज नैनी, प्रयागराज से की है। बता दें, चंद्र प्रकाश तिवारी पट्टी तहसील के डड़वा महोखरी गांव के रहने वाले हैं। दैनिक भास्कर को बताया केबीसी पहुंचने तक का सफर दैनिक भास्कर ने चंद्र प्रकाश से खास बातचीत की और उनके पूरे सफर के बारे में जाना। चंद्र प्रकाश ने बताया, KBC में भाग लेने का विचार उनके मन में पहली बार वर्ष 2017 में आया था। इसके बाद उन्होंने लगातार 2018, 2019 और 2020 में प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। साल 2021 में वे ऑडिशन राउंड और जीके टेस्ट तक पहुंचे, लेकिन फाइनल कॉल नहीं आया। साल 2022 में भी उनका चयन हुआ, लेकिन वे ‘फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट’ तक नहीं पहुंच पाए। वर्ष 2023 में भी वे दो-दो नंबर से चूक गए। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में उनके दो-दो नंबर सेलेक्ट हुए थे, लेकिन ऑडिशन में चयन नहीं होने के कारण उन्होंने कुछ समय के लिए प्रयास कम कर दिए थे। वर्ष 2024 में रजिस्ट्रेशन करने के बावजूद चयन नहीं हुआ। वर्ष 2025 में ऑडिशन के लिए बॉम्बे से कॉल आया, लेकिन वे जा नहीं पाए। 2026 में मिला हॉट सीट तक पहुंचने का मौका आखिरकार वर्ष 2026 में उनका चयन हुआ। 1 सितंबर को कॉल आने के बाद उन्हें 16 सितंबर को मुंबई पहुंचना था। 17 और 19 सितंबर को उनकी शूटिंग हुई। चंद्र प्रकाश ने बताया कि पहले के दो दिनों की शूटिंग में चयन नहीं होने पर वे निराश हो गए थे। उनकी कॉस्ट्यूम डिजाइनर ने भी उन्हें वापस होटल भेज दिया था। इसके बाद अमिताभ बच्चन ने एक और ‘फास्टेस्ट फिंगर फर्स्ट’ खेलने का मौका दिया। इस बार उनका भाग्य साथ दिया और उन्होंने सबसे तेज सही जवाब देकर हॉट सीट तक का सफर तय किया। चंद्र प्रकाश ने अमिताभ बच्चन के साथ बिताए पलों को सपने जैसा और अविस्मरणीय अनुभव बताया। 2009 से दिल्ली में कर रहे CCTV कैमरा लगाने का काम चंद्र प्रकाश ने बताया कि वह वर्ष 2009 में दिल्ली चले गए थे। वहां वे सीसीटीवी कैमरा लगाने का कार्य करते हैं। KBC में भी उन्होंने अपने काम और प्रयासों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि बॉम्बे में बिताए गए 7 दिन उनके लिए एक अलग ही स्तर के थे। वहां अमिताभ बच्चन के साथ बातचीत का अनुभव भी उनके लिए खास रहा। अमिताभ बच्चन ने बापूपट्टी गांव का किया जिक्र चंद्र प्रकाश ने बताया कि पहले उन्हें केवल इतना पता था कि अमिताभ बच्चन का संबंध इलाहाबाद से है और उनके पिता वहां पढ़ाते थे। बाद में इंटरनेट पर खोजने पर उन्हें पता चला कि अमिताभ बच्चन के पूर्वजों का मूल निवास पास ही के गांव बापूपट्टी में है। KBC के दौरान जब उन्होंने अमिताभ बच्चन को बताया कि वे बापूपट्टी के पास से आए हैं, तो वे बहुत खुश हुए। चंद्र प्रकाश के मुताबिक, अमिताभ बच्चन ने बापूपट्टी में एक लाइब्रेरी (पुस्तकालय) के अधूरे पड़े काम का जिक्र किया। चंद्र प्रकाश ने बताया कि अमिताभ बच्चन ने कहा कि वे वहां के लोगों से वादा करते हैं कि बचा हुआ काम पूरा करवाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि अमिताभ बच्चन ने अपने पैतृक और उनके पड़ोस के गांव बाबू पट्टी का जिक्र करते हुए गांव वालों से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि गांव वाले बहुत नाराज हैं। चंद्र प्रकाश ने बताया कि अमिताभ बच्चन ने उनसे कहा कि वह जल्द ही गांव के युवाओं के लिए लाइब्रेरी बनवाएंगे। करीब 2 घंटे तक हुई अमिताभ बच्चन से बातचीत चंद्र प्रकाश के अनुसार, अमिताभ बच्चन से उनकी करीब 1.5 से 2 घंटे तक बातचीत हुई। अमिताभ बच्चन ने उनके सीसीटीवी से जुड़े काम और उनके प्रयासों के बारे में विस्तार से पूछा। चंद्र प्रकाश ने KBC के दौरान अमिताभ बच्चन के साथ बिताए समय को अपने लिए सपने जैसा और अविस्मरणीय अनुभव बताया। परिवार ने टीवी पर देखा शो, जताई खुशी चंद्र प्रकाश की 11वीं में पढ़ाई कर रही बेटी स्नीति तिवारी और कक्षा 7 में पढ़ रहे बेटे रेयांश तिवारी सहित परिजनों ने टीवी पर शो देखने के बाद खुशी व्यक्त की। KBC में 5 लाख रुपए जीतने के बाद चंद्र प्रकाश तिवारी के परिवार और गांव में खुशी का माहौल है। चंद्र प्रकाश के पिता किसान हैं चंद्र प्रकाश तिवारी का जन्म 9 अप्रैल 1987 को डड़वा महोखरी में हुआ। उनके पिता अरविंद तिवारी किसान हैं। जबकि मां श्यामा तिवारी गृहणी हैं। भाई मनोज तिवारी निजी विद्यालय में शिक्षक हैं। बहन प्रतिभा की शादी मोहनगंज निवासी चंद्रमणि मिश्र पुरोहित के साथ हुई है।