4 विदेशी लड़कियों की तस्करी, ट्रेन में पकड़ाया मास्टरमाइंड:जम्मू में शादी की तैयारी थी, नदी-पहाड़ पार कर भारत में घुसे; अलीगढ़ को बनाया ठिकाना

ग्वालियर GRP ने रविवार को अलीगढ़ में किराए के मकान पर छापा मारकर म्यांमार की 4 विदेशी लड़कियों को रेस्क्यू किया। इनमें 2 नाबालिग हैं। ट्रेन में पकड़े गए मुबीन (25) को पुलिस इस मामले का मास्टरमाइंड बता रही है। उसका साथी मोहम्मद हसन (35) भी पकड़ा गया है। शुरुआती जांच में सामने आया कि लड़कियों को बांग्लादेश के कुतुपालोंग रिफ्यूजी कैंप से नदी-पहाड़ पार कर भारत लाया गया था। उन्हें शादी के लिए जम्मू-श्रीनगर ले जाने की तैयारी थी। मुबीन स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस में पकड़ा गया था, जिसकी निशानदेही पर पुलिस अलीगढ़ के ठिकाने तक पहुंची। भोपाल कंट्रोल रूम से मिली थी सूचना GRP को शनिवार को भोपाल कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी कि ट्रेन नंबर 12643 स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस के जनरल कोच में म्यांमार का एक व्यक्ति संदिग्ध तरीके से सफर कर रहा है। सूचना पर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर दीपशिखा सिंह तोमर ने टीम के साथ ट्रेन की जांच की। जनरल कोच में पुलिस ने मुबीन (25) को पकड़ लिया। वह म्यांमार का रहने वाला है और फिलहाल हैदराबाद में रह रहा था। जांच के दौरान उसके साथ कोई लड़की नहीं मिली। पूछताछ में अलीगढ़ का पता चला पूछताछ में मुबीन ने अपने साथी मोहम्मद हसन (35) के बारे में जानकारी दी। हसन भी म्यांमार का रहने वाला है और अलीगढ़ में किराए के मकान में रह रहा था। मुबीन से मिली जानकारी के आधार पर GRP की टीम अलीगढ़ पहुंची। यहां बताए गए ठिकाने पर छापा मारकर पुलिस ने हसन को पकड़ा और चार लड़कियों को रेस्क्यू किया। इनमें दो नाबालिग हैं। कुतुपालोंग कैंप से भारत आने की बात पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया कि चारों लड़कियां म्यांमार की रहने वाली हैं और बांग्लादेश के कुतुपालोंग रिफ्यूजी कैंप से भारत लाई गई थीं। पुलिस के मुताबिक, उन्हें पहाड़, जंगल और नदी के मुश्किल रास्तों से भारत में दाखिल कराया गया। पूछताछ में लड़कियों को उनके माता-पिता की कथित सहमति से भारत लाने की बात भी सामने आई है। जम्मू-श्रीनगर ले जाने की तैयारी पुलिस के मुताबिक, लड़कियों को शादी के लिए जम्मू और श्रीनगर ले जाने की तैयारी थी। अब जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि शादी के लिए उन्हें किन लोगों के संपर्क में भेजा जाना था और इस पूरे नेटवर्क में और कौन शामिल है। भाषा बनी पूछताछ में बड़ी परेशानी चारों लड़कियों से पूछताछ में भाषा की दिक्कत सामने आई। पुलिस के मुताबिक, वे रोहिंग्या और स्थानीय बोलियां ही बोलती हैं। शुरुआती पूछताछ के लिए गूगल ट्रांसलेट और द्विभाषी अनुवादक की मदद ली गई। GRP ने आगे की पूछताछ के लिए अनुवादक उपलब्ध कराने को लेकर पत्र भी भेजा है। एक आरोपी के पास UNHCR कार्ड मिला पुलिस को एक आरोपी के पास UNHCR कार्ड भी मिला है। अब इसकी जांच की जा रही है कि कार्ड असली है या गलत तरीके से हासिल किया गया। पुलिस के मुताबिक, सभी छह विदेशी नागरिक म्यांमार के रहने वाले हैं। इनके भारत में दाखिल होने और दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इनके साथ और कौन लोग जुड़े हैं। GRP की टीम ने की कार्रवाई कार्रवाई में GRP थाना प्रभारी इंस्पेक्टर दीपशिखा सिंह तोमर के साथ हेड कॉन्स्टेबल जितेंद्र सिंह, लवकुश सिंह, गोविंद और कॉन्स्टेबल शिवकुमार, मातादीन, लोकेश, सौरभ, अभिषेक गुर्जर, नरेश, सचिन और धर्मवीर शामिल रहे। महिला कॉन्स्टेबल आरती, कलावती, लक्ष्मी और राखी सिंह भी टीम में थीं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। चारों लड़कियों को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। …………………………….. यह खबर भी पढ़ें मठ के पते से बने 40+ पासपोर्ट…वेरिफिकेशन तक नहीं हुआ मध्यप्रदेश में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवाने के मामले की जांच अब डबरा से भोपाल तक पहुंच गई है। STF का दावा है कि भोपाल के गोविंदपुरा क्षेत्र स्थित अशोक बुद्ध विहार मठ के एक ही पते का इस्तेमाल 40+ पासपोर्ट बनवाने में हुआ। पढ़ें पूरी खबर…