योगी बोले- यूपी में पहले प्रदेश डुबाओ अलायंस था:अब NDA मतलब नौकरी देंगे की सरकार; 470 खिलाड़ियों को जॉइनिंग लेटर बांटे

सीएम योगी ने गुरुवार को लोकभवन में पुलिस और पीएसी में नौकरी पाने वाले कुल 470 खिलाड़ियों को जॉइनिंग लेटर बांटे। इनमें नागरिक पुलिस के 43 दरोगा, 295 सिपाही और पीएसी के 132 सिपाही शामिल हैं। योगी ने कहा- पहले यूपी में डुबाऊ एलायंस काम कर रहा था। वह प्रदेश के नौजवानों के सामने संकट खड़ा करता था। नौकरी पर डकैती डालता था। दो ही एस (S) थे। सैफई या सिफारिश से ही नौकरी मिलती थी। लेकिन, अब एनडीए की सरकार है। एनडीए मतलब, नौकरी देंगे। सीएम योगी ने दरोगा-सिपाहियों से कहा- मुझे कभी-कभी हंसी आती है इस बात को लेकर, जब समाजवादी पार्टी युवाओं की नियुक्ति की बात करती है। तब मुझे लगता है जैसे कोई मगरमच्छ पानी में बैठकर, पानी में तैरते हुए शांति का उपदेश दे रहा हो। इन उपदेश देने वाले मगरमच्छों से सावधान रहना। पढ़िए योगी की कही 5 बड़ी बातें 1- आपको लाइक्स चाहिए या रियल लाइफ सीएम योगी ने दोपहर 3 बजे हुए कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा- मैं पुलिस महानिदेशक से कहूंगा, इन सब खिलाड़ियों को कोई न कोई गांव गोद जरूर दे दीजिए। उस गांव में ये खेलकूद की गतिविधियां चलाने के लिए सप्ताह में कम से कम एक दिन तो जरूर दें। जैसे ‘मिशन शक्ति’ के अंतर्गत हर महिला बीट पुलिस अधिकारी किसी एक गांव में सप्ताह में एक दिन जाती है, वैसे ही खिलाड़ी भी जाएं। आपको लाइक्स चाहिए या रियल लाइफ चाहिए। प्रैक्ट्रिस मत छोड़ना, भारत आपका इंतजार कर रहा है। 2- आपकी यह यात्रा जर्सी से वर्दी की मैं आप सभी युवा खिलाड़ियों को यूपी पुलिस का हिस्सा बनने के लिए शुभकामनाएं देता हूं। आपकी जर्सी से वर्दी की यात्रा शुरू हुई है। इसका अभिनंदन करने के लिए एक डिप्टी सीएम और मंत्री के साथ मैं खुद आया हूं। योगी ने कहा- जर्सी में जो काम करते थे, जो परिणाम लाए हैं, सरकार वर्दी में भी उसी तरह की अपेक्षा करती है। जर्सी में आपने अनुशासन, टीम वर्क के महत्व को समझा। शक्ति और सामर्थ्य की सही दिशा दी। समय की कीमत को पहचाना। आपकी दिनचर्या सुबह 4 बजे से शुरू होती है। सम विषम परिस्थिति में भीषण सर्दी, बरसात या संसाधन का अभाव होता है, तो भी आप प्रैक्टिस करते हैं। 3- नौकरी सरकार की कृपा नहीं, आपकी मेहनत है सीएम ने कहा- चुनौती को आपने चुनौती नहीं माना। पारिवारिक समस्या को समस्या नहीं माना। अपने परिश्रम को समाधान की ओर लेकर गए। यह काम यूपी पूलिस का हिस्सा बनने का बाद आपको करना है। मैं देख रहा था कि 470 में 303 पुरुष और 167 महिलाएं हैं। उपनिरीक्षक में 43 पुरुष और 30 महिलाएं है। मैं पूछना चाहता हूं कि जो नियुक्ति पत्र मिला है, उस प्रक्रिया में किसी ने कोई पैसा मांगा। गर्दन हिलाकर नहीं आवाज दो। कहीं से कोई सिफारिश कराने की जरूरत हुई। याद रखना ये न सरकार की कृपा है ना मेरी अनुकंपा है। यह आपके मेहनत के पसीने का परिणाम है। 4- पहले खिलाड़ियों की सीधी भर्ती का नियम नहीं था योगी ने कहा- 2017 में हमारे यहां सीधी भर्ती से खिलाड़ी भर्ती करने का कोई नियम नहीं था। हम मजबूर थे। लेकिन, फिर हमने सीधी भर्ती से खिलाड़ियों को नौकरी देना शुरू किया। अब तक 1000 खिलाड़ियों को सीधी भर्ती से नौकरी दे चुके हैं। 470 को आज दे रहे हैं, 500 और खिलाड़ी को नियुक्ति पत्र देने की तैयारी है। 5- दिल खोलकर खेलिए, नौकरी की चिंता मत कीजिए पहले नौकरी पर एक परिवार का कब्जा था। आज किसी का कब्जा नहीं, सिर्फ पसीने और प्रतिभा का ही नौकरी पर कब्जा है। मैं कहना चाहता हूं कि पीएम मोदी के नेतृत्व में केवल चुनाव जीतने के लिए रिकॉर्ड नहीं बनाए हैं, मेडल जीतने के भी रिकॉर्ड बनाए हैं। भारतीय खिलाड़ियों ने एशियन गेम्स में 107 मेडल जीते हैं, यह रिकॉर्ड है। खिलाड़ी दिल खोलकर खेलिए, नए रिकॉर्ड खड़े कर दीजिए। नौकरी की चिंता मत कीजिए, नौकरी मिलकर रहेगी। प्रमोशन कोई टाल नहीं सकता। कोई प्रमोशन टालेगा, तो उसे ही टाल देंगे। आपको घबराना नहीं है। मैं कहना चाहता हूं कि आज प्रदेश में कोई भी पुरस्कार मंच से सीएम की बड़ाई करने से नहीं मिलने वाला। मेहनत से ही पुरस्कार मिलेगा। परिश्रम करेंगे, तो पुरस्कार पैर चूमकर मिलेगा। केशव बोले- गांववालों को मौका मिले तो किसी भी खिलाड़ी को पछाड़ दें डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा- जब खिलाड़ी पदक जीतकर तिरंगा लहराते हैं, तो हमारा सीना चौड़ा हो जाता है। खेल प्रतिभा से ऐसे लोगों को पुलिस सेवा में आने का मौका मिला है। आपका खेल अभी खत्म नहीं हुआ है, खेल अभी जारी है। केशव ने कहा- 2017 से पहले विपक्षी दलों की सरकारों के समय कानून व्यवस्था ध्वस्त रहती थी। लेकिन, आज देश में यूपी की चुस्त-दुरुस्त कानून-व्यवस्था की चर्चा है। कानून व्यवस्था चुस्त-दुरुस्त होती है, तो विकास भी होता है। पहले की सरकारों ने खेल और खिलाड़ियों पर उतना ध्यान नहीं दिया, इसलिए हमें पदक नहीं मिलते थे। गांवों में प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। अगर उन्हें मौका मिल जाए, तो वे दुनिया के किसी भी खिलाड़ी को पछाड़ सकते हैं। आज कोच के साथ पुष्टाहार की व्यवस्था की जा रही है। खिलाड़ी के लिए सरकारी भर्ती में दो प्रतिशत कोटा दिया है। खेल मंत्री ने कहा- सरकार ने खिलाड़ियों को सीधी नौकरी दी खेल मंत्री गिरीश यादव ने कहा- पिछले 9 साल में जो भी पदक जीतकर आया, उसे सरकारी नौकरी और नकद पुरस्कार भी मिला है। पुरस्कार राशि भी दो से तीन गुना बढ़ाई गई है। खिलाड़ियों को सीधी भर्ती दी जा रही है। पहले खिलाड़ी पैसे की कमी में अपनी प्रतिभा निखार नहीं पाते थे। उनके लिए एकलव्य क्रीड़ा कोष बनाया गया है। अब तक 500 से ज्यादा खिलाड़ियों को इस कोष से मदद दी गई है। डीजीपी बोले- खेल और पुलिस में गहरा संबंध इससे पहले डीजीपी राजीव कृष्ण ने कहा- आज 470 प्रतिभाशाली खिलाड़ी यूपी पुलिस का हिस्सा बनने जा रहे हैं। यह केवल भर्ती का आंकड़ा नहीं, बल्कि खेल प्रतिभाओं के सम्मान और उन्हें जनसेवा से जोड़ने का उदाहण है। खेल और पुलिस में गहरा संबंध है। पुलिस और खेल से अनुशासन, व्यायाम, आचरण, अभ्यास और धैर्य सीखने को मिलता है। आज आपकी मेहनत को नई पहचान मिल रही है। ———————— यह खबर भी पढ़ें अखिलेश बोले- मुख्यमंत्री खुद अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाएं, सपा प्रमुख रामनगरी पहुंचे, मगर राममंदिर दर्शन करने नहीं गए अयोध्या में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने गुरुवार को कहा, जब से हम लोगों ने विधानसभा के प्रत्याशी घोषित किए हैं, भाजपा सर्वे पर सर्वे करा रही है। हर सर्वे में पीछे छूट जा रही है। उन्हें अयोध्या में कोई प्रत्याशी ही नहीं मिल रहा है। यहां पढ़ें पूरी खबर