यूपी में विधान परिषद (MLC) की 11 सीटों में से 10 के नतीजे कल शाम तक आ गए। सिर्फ काशी की एक सीट का रिजल्ट अब भी फंसा है। यहां तीसरे दिन गुरुवार को भी काउंटिंग चल रही है। सपा प्रत्याशी आशुतोष सिन्हा 14990 वोटों की बढ़त बनाए हैं। उनकी जीत लगभग तय मानी जा रही है। सपा कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाना शुरू कर दिया है। वह ढोल-नगाड़ों की धुन पर डांस कर रहे हैं। वहीं भाजपा प्रत्याशी ने फेसबुक पोस्ट के जरिए अपनी हार मान ली है। वहीं बुधवार देर शाम से शुरू हुआ हंगामा रातभर चलता रहा। शाम को भाजपा प्रत्याशी केदारनाथ धरने पर बैठ गए। उन्होंने काशी में ऑब्जर्वर प्रांजल यादव पर धांधली कराने के आरोप लगाए। उन्हें हटाने की मांग की। काशी की दोनों सीटों पर पहले भी सपा का कब्जा था। अखिलेश के आदेश के बाद करीब 500 से ज्यादा सपाई मतगणना स्थल पर रात भर डटे रहे। अखिलेश रातभर फोन करके हर राउंड की जानकारी लेते रहे। उन्होंने सुबह ‘X’ पर कार्यकर्ताओं से कहा- तौलिया, खाना-पानी की व्यवस्था करके रखें। मतगणना केंद्र से हटे नहीं। काशी में MLC की दो सीटें- शिक्षक और स्नातक पर वोटिंग हुई थी। शिक्षक MLC सीट पर सपा ने कल ही जीत हासिल कर ली थी। यूपी में अब तक जिन 10 सीटों के रिजल्ट आए, उसमें 4 शिक्षक और 2 स्नातक MLC यानी 6 सीटें भाजपा ने जीती हैं। जबकि सपा ने 2 शिक्षक और 2 स्नातक यानी 4 सीटें हासिल की हैं। पहले इन 11 सीटों में 6 भाजपा, 3 सपा, एक शिक्षक दल और 1 निर्दलीय के पास थी। यानी, अगर काशी स्नातक सीट भी सपा ने जीती तो उसे 2 सीटों का फायदा होगा। 23 अक्टूबर को प्रदेश के 5 स्नातक और 6 शिक्षक MLC के लिए चुनाव हुआ था। इसमें 152 प्रत्याशी मैदान में थे। स्नातक सीट के लिए स्नानतक पास और शिक्षक के लिए शिक्षकों ने मतदान किया था। मतदान बैलेट पेपर से कराया गया था। मतों की गिनती 27 अक्टूबर की सुबह 8 बजे शुरू हुई थी। दोनों चुनाव में करीब 14.81 लाख मतदाता थे। इसमें 8.18 लाख (55%) ने वोट डाले। कौन जीता और कौन हारा?