लखनऊ के ठाकुरगंज स्थिति निजी अस्पताल में जबड़े के ऑपरेशन के बाद मरीज की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। उनका आरोप था कि देर हालत बिगड़ने के बाद अस्पताल में किसी ने सुनवाई नहीं की और तड़पते हुए मरीज की जान चली गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत कराया। इसके बाद शव पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया। ये था पूरा मामला जानकारी के मुताबिक हरदोई के शाहगंज मल्लावां निवासी 40 साल के ट्रक चालक कृष्ण अवतार सड़क हादसे में जख्मी हो गए थे। इससे उनके सिर और जबड़े में गंभीर चोट आई थी। परिजनों ने उन्हें 21 अप्रैल को ठाकुरगंज के न्यू आरएस हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। रविवार दोपहर करीब 12 बजे महिला सर्जन ने जबड़े का ऑपरेशन किया। मरीज को रात में अचानक तेज दर्द शुरू हो गया। अस्पताल के स्टाफ ने डॉक्टर से फोन पर बात करके दवाएं दीं, लेकिन राहत नहीं मिली। रविवार रात करीब साढ़े तीन बजे मरीज की मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने मामले को दबाए रखा। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाकर हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को शांत कराया। मृतक के परिवार में पत्नी के अलावा 3 बच्चे है। तड़पते रहे पर कोई देखने नहीं आया घटना के बाद रोते हुए परिजनों ने अस्पताल पर इलाज में गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। पत्नी संगीता शुक्ला ने कहा कि रात भर वो तड़पते रहे पर कोई दवा देने तक नहीं आया। दर्द से कराहने के दौरान अस्पताल के लोगों ने उनके हाथ-पैर तक बांध दिए थे। अस्पताल संचालक ने इलाज में लापरवाही से किया इनकार अस्पताल संचालक डॉ.रियाज का कहना है कि मरीज पहले से कई बीमारियों से ग्रस्त था। इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं हुई है। समय से ही जानकारी दी गई थी। मौके लर मौजूद परिजन मरीज की कंडीशन से अवगत थे।