सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने रविवार को लखनऊ में चौहान समाज के लोगों के साथ बैठक की। इसके बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान अखिलेश अलग तेवर में दिखे। मंच पर अखिलेश को कार्यकर्ताओं ने मुकुट पहनाया। इसके बाद उन्हें तलवार भेंट की। जैसे ही अखिलेश के हाथ में तलवार आई, उन्होंने उसे म्यान से बाहर निकाल लिया। इसके साथ ही उन्होंने गदा भी उठाई। इसके बाद हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। कहा- अगर इनसे सवाल पूछो, तो ये लोग पगड़ी उछाल देते हैं। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने करोड़ों रुपए के धान घोटाले का मामला रखा। दूसरे राज्यों के लोगों के खातों में पैसा भेजा गया, अधिकारियों ने निकाल लिया। लेकिन इन घोटालों में सत्तापक्ष के लोग शामिल थे, इसलिए कार्रवाई नहीं हुई। दो दिन पहले लखनऊ आए पूर्व क्रिकेटर कपिल देव के बारे में अखिलेश ने कहा कि वो लोग उनको खुद को चमकाने के लिए लाए थे। लेकिन, कपिल देव हमारी तारीफ करके गए। एक डीजीपी आए थे। पुलिस मुख्यालय पर मेरे नाम की पट्टियां लगी थीं, वो हटवा दीं। उन्होंने कहा- जातीय जनगणना का फैसला सपा की जीत है। वहीं, जौनपुर में रहने वाले आयुष यादव अखिलेश से मिलने के लिए 300 किलोमीटर दौड़ कर लखनऊ पहुंचे। अब पढ़िए अखिलेश की कही 6 बड़ी बातें जातीय जनगणना का फैसला PDA की बड़ी जीत
अखिलेश यादव ने सरकार के जातीय जनगणना कराने के फैसले को PDA की बहुत बड़ी जीत बताया। कहा- जातीय जनगणना में कोई धांधली ना हो, इसलिए PDA परिवार को एकजुट रहना है। सपा मुखिया इस बार भाजपा की कोई चालबाजी नहीं चलने वाली। इस बार 403 विधानसभाओं में भाजपा की कोई चार सौ बीसी नहीं चलने वाली है। भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर
अखिलेश यादव ने कहा- भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है। जितने भी प्लेटफॉर्म हैं, एक भी संस्था पर कार्रवाई नहीं हुई। बुंदेलखंड में मूंगफली खरीद में बिचौलियों और भाजपा के लोगों ने घोटाला किया। सरकार को पता है कि किसान खुले बाजार में भी अगर अपनी चीज बेचेगा, तो अच्छी कीमत मिलेगी। लेकिन, सरकार वो कीमत नहीं देना चाहती। किसान के ऊपर लगातार प्रेशर बढ़ रहा है। भाजपा सरकार में समय-समय पर किसान को अपमानित होना पड़ा है। फायरकर्मियों का महीना फिक्स है
उन्होंने कहा- आज ही लखनऊ में एक बेकरी में आग लगी, 2 लोगों की जान चली गई। यह भ्रष्टाचार का जीता-जागता उदाहरण है। क्योंकि, फायर की NOC नहीं मिलती, फिर भी संचालन होता रहता है। पहले हजरतगंज में आग लगी थी। तब भी नोटिस दिया गया, लेकिन अब तक क्या हुआ, कुछ नहीं। ये इनका काम है, NOC न देकर पैसा वसूली की जाती है। फायर वालों का महीना फिक्स है। सरकार का पेट बहुत बड़ा है
अखिलेश ने कहा- भाजपा सरकार का पेट बहुत बड़ा है। कितने ईमानदार अधिकारी थे? अपने नाम पर एक भी फ्लैट नहीं रखा, फिर भी न जाने कितने फ्लैट खरीद लिए। यह पहली बार हो रहा है। यह सब कुछ यूपी के अधिकारी कर रहे हैं। कुछ बाहर से आए हुए अधिकारी, जो मलाईदार पोस्ट पर हैं, वो दूसरे स्टेट में कर रहे हैं। कमीशन का झगड़ा सबने देखा, वह बंटवारे का झगड़ा था। सपा चौहान समाज के साथ
अखिलेश ने चौहान समाज के लोगों का धन्यवाद दिया। कहा कि समाजवादी पार्टी चौहान समाज के साथ है। उसकी हर पीड़ा के साथ है। महफिल बहुत सजाई थी, गन्ना चूसने वाले महफिल लूट ले गए। बहराइच में गाजी मियां का मेला न होने को लेकर कहा कि ये लोग मेले पसंद नहीं करते। भाजपा सब कुछ बेच दे रही है
जेपीएनआईसी को लेकर अखिलेश ने कहा कि दो बिल्डिंग की तुलना नहीं कर सकते। जेपीएनआईसी में समय के हिसाब से सबसे अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर हैं। कई सौ गाड़ियां पार्क हो सकती हैं। मैं चाहता हूं कि सरकार जेपीएनआईसी को तुरंत बेच दे। इन्होंने तो बस स्टैंड बेचा और अब किसान बाजार भी बेच दिया। राकेश टिकैत के पक्ष में बोले अखिलेश मुजफ्फरनगर में 2 अप्रैल को जन आक्रोश रैली में किसान नेता राकेश टिकैत के सिर पर झंडा मार दिया गया था। इसके बाद धक्का-मुक्की भी हो गई थी। इसी दौरान राकेश टिकैत की पगड़ी गिर गई। पास में खड़े सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें संभाला था। इसको ही लेकर आज अखिलेश ने सरकार पर निशाना साधा। —————————- यह खबर भी पढ़ें अखिलेश के लिए दलित जरूरी या मजबूरी?, 2012 में किनारे किया, तो 4 चुनाव हारे कभी दलितों के विरोध में खड़ी रहने वाली सपा दलितों के लिए सड़क पर उतर आई है। मायावती को दलितों को फिर से गेस्ट हाउस कांड याद दिलवाना पड़ रहा है। इस बार संडे बिग स्टोरी में पढ़िए, सत्ता में रहते दलितों के विरोध में कौन से फैसले लिए? अब सपा कैसे दलित और अंबेडकर की बात करने लगी? अब सपा के लिए क्यों जरूरी हैं दलित वोटर्स? यहां पढ़ें पूरी खबर
अखिलेश यादव ने सरकार के जातीय जनगणना कराने के फैसले को PDA की बहुत बड़ी जीत बताया। कहा- जातीय जनगणना में कोई धांधली ना हो, इसलिए PDA परिवार को एकजुट रहना है। सपा मुखिया इस बार भाजपा की कोई चालबाजी नहीं चलने वाली। इस बार 403 विधानसभाओं में भाजपा की कोई चार सौ बीसी नहीं चलने वाली है। भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर
अखिलेश यादव ने कहा- भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है। जितने भी प्लेटफॉर्म हैं, एक भी संस्था पर कार्रवाई नहीं हुई। बुंदेलखंड में मूंगफली खरीद में बिचौलियों और भाजपा के लोगों ने घोटाला किया। सरकार को पता है कि किसान खुले बाजार में भी अगर अपनी चीज बेचेगा, तो अच्छी कीमत मिलेगी। लेकिन, सरकार वो कीमत नहीं देना चाहती। किसान के ऊपर लगातार प्रेशर बढ़ रहा है। भाजपा सरकार में समय-समय पर किसान को अपमानित होना पड़ा है। फायरकर्मियों का महीना फिक्स है
उन्होंने कहा- आज ही लखनऊ में एक बेकरी में आग लगी, 2 लोगों की जान चली गई। यह भ्रष्टाचार का जीता-जागता उदाहरण है। क्योंकि, फायर की NOC नहीं मिलती, फिर भी संचालन होता रहता है। पहले हजरतगंज में आग लगी थी। तब भी नोटिस दिया गया, लेकिन अब तक क्या हुआ, कुछ नहीं। ये इनका काम है, NOC न देकर पैसा वसूली की जाती है। फायर वालों का महीना फिक्स है। सरकार का पेट बहुत बड़ा है
अखिलेश ने कहा- भाजपा सरकार का पेट बहुत बड़ा है। कितने ईमानदार अधिकारी थे? अपने नाम पर एक भी फ्लैट नहीं रखा, फिर भी न जाने कितने फ्लैट खरीद लिए। यह पहली बार हो रहा है। यह सब कुछ यूपी के अधिकारी कर रहे हैं। कुछ बाहर से आए हुए अधिकारी, जो मलाईदार पोस्ट पर हैं, वो दूसरे स्टेट में कर रहे हैं। कमीशन का झगड़ा सबने देखा, वह बंटवारे का झगड़ा था। सपा चौहान समाज के साथ
अखिलेश ने चौहान समाज के लोगों का धन्यवाद दिया। कहा कि समाजवादी पार्टी चौहान समाज के साथ है। उसकी हर पीड़ा के साथ है। महफिल बहुत सजाई थी, गन्ना चूसने वाले महफिल लूट ले गए। बहराइच में गाजी मियां का मेला न होने को लेकर कहा कि ये लोग मेले पसंद नहीं करते। भाजपा सब कुछ बेच दे रही है
जेपीएनआईसी को लेकर अखिलेश ने कहा कि दो बिल्डिंग की तुलना नहीं कर सकते। जेपीएनआईसी में समय के हिसाब से सबसे अच्छा इंफ्रास्ट्रक्चर हैं। कई सौ गाड़ियां पार्क हो सकती हैं। मैं चाहता हूं कि सरकार जेपीएनआईसी को तुरंत बेच दे। इन्होंने तो बस स्टैंड बेचा और अब किसान बाजार भी बेच दिया। राकेश टिकैत के पक्ष में बोले अखिलेश मुजफ्फरनगर में 2 अप्रैल को जन आक्रोश रैली में किसान नेता राकेश टिकैत के सिर पर झंडा मार दिया गया था। इसके बाद धक्का-मुक्की भी हो गई थी। इसी दौरान राकेश टिकैत की पगड़ी गिर गई। पास में खड़े सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें संभाला था। इसको ही लेकर आज अखिलेश ने सरकार पर निशाना साधा। —————————- यह खबर भी पढ़ें अखिलेश के लिए दलित जरूरी या मजबूरी?, 2012 में किनारे किया, तो 4 चुनाव हारे कभी दलितों के विरोध में खड़ी रहने वाली सपा दलितों के लिए सड़क पर उतर आई है। मायावती को दलितों को फिर से गेस्ट हाउस कांड याद दिलवाना पड़ रहा है। इस बार संडे बिग स्टोरी में पढ़िए, सत्ता में रहते दलितों के विरोध में कौन से फैसले लिए? अब सपा कैसे दलित और अंबेडकर की बात करने लगी? अब सपा के लिए क्यों जरूरी हैं दलित वोटर्स? यहां पढ़ें पूरी खबर