कानपुर में रविवार देर रात 6 मंजिला बिल्डिंग में भीषण आग लग गई। हादसे में 5 लोग जिंदा जल गए। बिल्डिंग के पहले और दूसरे फ्लोर पर जूता-चप्पल बनाने का कारखाना है। तीसरी और चौथी मंजिल पर परिवार के लोग रहते थे। जैसे ही आग लगी कारोबारी दानिश बाहर भागकर आए। फिर उन्होंने देखा कि उनकी पत्नी और तीनों बेटियां फंसी हुई हैं। वो आग की लपटों के बीच दौड़कर अंदर गए। परिवार को लेकर बाहर आ रहे थे। तब तक आग ने विकराल रूप ले लिया था। बाहर दादा आवाज देते रहे, बेटे आ जाओ। लेकिन, वो पांचों की जलकर मौत हो गई। घटना की खबर मिलते ही दैनिक भास्कर रिपोर्टर मौके पर पहुंचा। यहां तस्वीरें विचलित कर देने वाली थी। पढ़िए भास्कर रिपोर्टर की आंखों देखी.. सबसे पहले जानिए कैसे हुई घटना
भास्कर टीम उस बिल्डिंग पर पहुंची। पहले, दूसरे और थर्ड फ्लोर तक फैक्ट्री थी। फिर हम चौथी मंजिल पर पहुंचे, जहां सारा सामान जला था। दीवार टूटी थी, बेड जलकर राख हो गया था। जमीन में एक महिला की लाश थी। जिसके बगल में एक बच्ची लिपटी थी। पीछे से आवाज आई- अरे राम-राम। सब जल गए। करीब 200 मीटर तक गए। फायर कर्मी लाशों को लेकर जा रहे थे। थोड़ा और आगे बढ़े, तो एक कमरा मिला। जहां पर पूरे परिवार की तस्वीर टगी थी, जो जलकर राख हो चुकी थी। आसपास वालों की आवाज आ रही थी। बेड टूटे थे। ड्रम फटा हुआ था। केमिकल बिखरे पड़े थे। आशंका है कि केमिकल की वजह से आग ने और विकराल रूप ले लिया। दादा बोले-मेरी आंखों के सामने परिवार खत्म हो गया
ये हादसा कानपुर में प्रेम नगर के मकान नंबर-105/733 में हुआ। दानिश के पिता कारोबारी अकील अहमद ने बताया-आग लगी और फिर तेज धमाकों के साथ केमिकल के ड्रम फटे और आग और विकराल हो गई। बेटा दानिश भागकर बाहर गया। फिर दोबारा पत्नी नाजली सबा (40), बेटियां सारा (15) सिमरा (12) इनाया (7) को बचाने के लिए आग की लपटों और धुएं के गुबार से होते हुए तीसरी मंजिल तक पहुंचा। आग में इस कदर घिरा कि उसकी परिवार समेत मौत हो गई। बिल्डिंग में आई दरार, बेसमेंट में 3 ब्लास्ट
जूते के कारखाने में आग लगने के बाद बेसमेंट में रखे गए जूते चिपकाने वाले केमिकल के ड्रम भी चपेट में आ गए। फिर एक के बाद एक 3 ब्लास्ट हुए। धमाकों के बाद आग ने विकराल रूप ले लिया और लपटें 6वें फ्लोर तक उठने लगीं। आग के कारण बिल्डिंग की दीवारों में दरारे आ गईं। तीन मंजिल तक भरे थे जूते-केमिकल
बचाव के समय मौके पर पहुंचीं महापौर प्रमिल पांडेय ने बताया-जिस बिल्डिंग में आग लगी थी, उसमें ग्राउंड फ्लोर से लेकर थर्ड फ्लोर तक जूते और केमिकल भरे थे। इस वजह से आग तेजी से फैल गई। चौथी और पांचवीं मंजिल पर कुछ परिवार थे, जो वहां पर फंस गए। 6 इमारतें खाली कराई गईं
प्रेम नगर निवासी अकील के बड़े बेटे दानिश का जूते-चप्पल का कारोबार है। 4 मंजिला बिल्डिंग में नीचे कारखाना है। तीसरी मंजिल पर उनके भाई कासिफ अपने परिवार के साथ रहते हैं। जबकि चौथी मंजिल पर दानिश, उनकी पत्नी और तीन बच्चियां रहती थीं। लोगों ने बताया कि रविवार रात करीब 8 बजे बिल्डिंग में आग लगी। आग कैसे लगी? यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। सूचना पर पहुंची पुलिस और दमकल टीम ने तीसरी मंजिल पर फंसे लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाल लिया। लेकिन, चौथी मंजिल पर फंसे मोहम्मद दानिश (45), उनकी पत्नी तीन बेटियों को नहीं निकाला जा सका। पुलिस ने एहतियातन इस बिल्डिंग के आसपास की 6 इमारतों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित जगह पर शिफ्ट किया है।
भास्कर टीम उस बिल्डिंग पर पहुंची। पहले, दूसरे और थर्ड फ्लोर तक फैक्ट्री थी। फिर हम चौथी मंजिल पर पहुंचे, जहां सारा सामान जला था। दीवार टूटी थी, बेड जलकर राख हो गया था। जमीन में एक महिला की लाश थी। जिसके बगल में एक बच्ची लिपटी थी। पीछे से आवाज आई- अरे राम-राम। सब जल गए। करीब 200 मीटर तक गए। फायर कर्मी लाशों को लेकर जा रहे थे। थोड़ा और आगे बढ़े, तो एक कमरा मिला। जहां पर पूरे परिवार की तस्वीर टगी थी, जो जलकर राख हो चुकी थी। आसपास वालों की आवाज आ रही थी। बेड टूटे थे। ड्रम फटा हुआ था। केमिकल बिखरे पड़े थे। आशंका है कि केमिकल की वजह से आग ने और विकराल रूप ले लिया। दादा बोले-मेरी आंखों के सामने परिवार खत्म हो गया
ये हादसा कानपुर में प्रेम नगर के मकान नंबर-105/733 में हुआ। दानिश के पिता कारोबारी अकील अहमद ने बताया-आग लगी और फिर तेज धमाकों के साथ केमिकल के ड्रम फटे और आग और विकराल हो गई। बेटा दानिश भागकर बाहर गया। फिर दोबारा पत्नी नाजली सबा (40), बेटियां सारा (15) सिमरा (12) इनाया (7) को बचाने के लिए आग की लपटों और धुएं के गुबार से होते हुए तीसरी मंजिल तक पहुंचा। आग में इस कदर घिरा कि उसकी परिवार समेत मौत हो गई। बिल्डिंग में आई दरार, बेसमेंट में 3 ब्लास्ट
जूते के कारखाने में आग लगने के बाद बेसमेंट में रखे गए जूते चिपकाने वाले केमिकल के ड्रम भी चपेट में आ गए। फिर एक के बाद एक 3 ब्लास्ट हुए। धमाकों के बाद आग ने विकराल रूप ले लिया और लपटें 6वें फ्लोर तक उठने लगीं। आग के कारण बिल्डिंग की दीवारों में दरारे आ गईं। तीन मंजिल तक भरे थे जूते-केमिकल
बचाव के समय मौके पर पहुंचीं महापौर प्रमिल पांडेय ने बताया-जिस बिल्डिंग में आग लगी थी, उसमें ग्राउंड फ्लोर से लेकर थर्ड फ्लोर तक जूते और केमिकल भरे थे। इस वजह से आग तेजी से फैल गई। चौथी और पांचवीं मंजिल पर कुछ परिवार थे, जो वहां पर फंस गए। 6 इमारतें खाली कराई गईं
प्रेम नगर निवासी अकील के बड़े बेटे दानिश का जूते-चप्पल का कारोबार है। 4 मंजिला बिल्डिंग में नीचे कारखाना है। तीसरी मंजिल पर उनके भाई कासिफ अपने परिवार के साथ रहते हैं। जबकि चौथी मंजिल पर दानिश, उनकी पत्नी और तीन बच्चियां रहती थीं। लोगों ने बताया कि रविवार रात करीब 8 बजे बिल्डिंग में आग लगी। आग कैसे लगी? यह अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। सूचना पर पहुंची पुलिस और दमकल टीम ने तीसरी मंजिल पर फंसे लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाल लिया। लेकिन, चौथी मंजिल पर फंसे मोहम्मद दानिश (45), उनकी पत्नी तीन बेटियों को नहीं निकाला जा सका। पुलिस ने एहतियातन इस बिल्डिंग के आसपास की 6 इमारतों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित जगह पर शिफ्ट किया है।