सरकार 11 सालों से देश को लूटने का काम कर रही है। बजरंग दल जैसे आतंकवादी संगठन मुसलमानों की लिंचिंग कर रहे हैं। 100 कुत्तों का झुण्ड जाकर एक शेर को मार देता है। मुसलमान कभी भी कानून व्यवस्था खराब नहीं करता बल्कि मुसलमान तो देश में अमन चाहता है। यह बयान है इत्तेहाद-ए-मिल्लत परिषद के संस्थापक तौकीर रजा का। वह आज वह अपने 10 समर्थकों के साथ दोपहर 1 बजे गिरफ्तारी देने बरेली कलेक्ट्रेट जाने वाले थे। लेकिन उसके पहले ही बरेली जिला प्रशासन ने उनके घर को छावनी में तब्दील कर दिया। और उनको घर से ही नहीं निकलने दिया। जिसके बाद पुलिस कर्मियों से उनकी धक्कामुक्की भी हुई। घर के बाहर ही 200 पुलिसकर्मियों के साथ बड़ी संख्या में पुलिस व प्रशासन के अधिकारी तैनात हैं। धरने के लिए दामोदर पार्क पहुंचे आइएमसी के 2 दर्जन नेताओं को पुलिस ने मुचलके में पाबंद कर दिया। इसमें आइएमसी के नेता डॉ नफीस, नदीम, मुनीर इदरीशी शामिल हैं। घर से कलेक्ट्रेट तक दो किमी क्षेत्र में 500 पुलिसकर्मी तैनात तौकीर रजा के घर से कलेक्ट्रेट की दूरी दो किलोमीटर है। जिला प्रशासन ने इस पूरे क्षेत्र को छावनी बना दिया है। सुबह से उनके घर में ही लगभग दो सौ पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। इसके साथ 6 सीओ, 3 एएसपी, एडीएम सिटी, सिटी मजिस्ट्रेट, ACM, तहसीलदार सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे हैं। इसके अलावा दो किमी में 30 इंस्पेक्टर, 100 सब इंस्पेक्टर व 2 कंपनी पीएसी, RAF, समेत पूरे जिले का फोर्स चप्पे चप्पे पर लगाया गया था। हर चौराहे, संवेदनशील इलाकों, पार्कों पर भी पुलिस का कड़ा पहरा था। इसके अलावा एलआईयू, आईबी भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। अब देश में कहीं सुनवाई नहीं बची तौकीर रजा का आरोप है कि सरकार और पुलिस मुसलमानों की मस्जिदों, मदरसों और मजारों पर बुलडोजर चला रही है, लिंचिंग के मामले बढ़ रहे हैं। इस्लाम के खिलाफ माहौल बनाया जा रहा है।
तौकीर रजा ने कहा-देश की न्याय व्यवस्था सरकार के दबाव में है। अब सुप्रीम कोर्ट तक सरकार के इशारे पर काम कर रहा है। हम इंटरनेशनल कोर्ट नहीं जाएंगे, क्योंकि इससे देश की बेइज्जती होगी। इसलिए गिरफ्तारी देना ही एकमात्र रास्ता है। बरेली से देशभर में उठेगी गिरफ्तारी आंदोलन की लहर तौकीर रजा ने भावुक होकर कहा कि अब हालात ऐसे हैं कि मुसलमान खुद को बेबस महसूस कर रहे हैं। इस्लाम खुदकुशी की इजाजत नहीं देता, इसलिए हम गिरफ्तारी देकर विरोध दर्ज कराएंगे। जब तक देश में ये अन्याय चलता रहेगा, हम आजादी के साथ जी नहीं पाएंगे।
मौलाना ने उम्मीद जताई कि बरेली से शुरू होने वाला ये गिरफ्तारी आंदोलन देशभर में फैलेगा। मैं जेल चला जाऊंगा। लेकिन, मुसलमान चुप नहीं रहेंगे। देशभर के मुसलमान गिरफ्तारी देकर इस ज़ुल्म के खिलाफ आवाज उठाएंगे। आज से रोज होगी गिरफ्तारियां तौकीर रजा ने कहा अभी अलीगढ़ में 4 लोगों की हत्या की गई। बरेली में एक मुस्लिम लड़का मार दिया गया। जगह-जगह हमारे नौजवानों की हत्या की जा रही है। उन्हें जेल में ठूंसा जा रहा है। हम संविधान की रक्षा के लिए अपनी गिरफ्तारी देने जा रहे थे लेकिन पुलिस ने तानाशाही दिखाई। हमें अपने घर से ही नहीं निकलने दिया। तौकीर रजा ने कहा अब ये सिलसिला शुरू हो गया है। देश भर से आज से रोज गिरफ्तारियां होगी। कल 72 लोग गिरफ्तारी देंगे इसी तरह रोज गिरफ्तारियां होगी। 14 जून को की गिरफ्तारी की घोषणा तौकीर रजा ने 14 जून को घर पर प्रेसवार्ता कर कहा था-देश में मुसलमानों के साथ नाइंसाफी हो रही है। पुलिस वही कर रही है जो अंग्रेजों के वक्त करती थी। उस समय देशभक्तों पर लाठियां बरसती थीं, अब ईमानदार मुसलमानों पर जुल्म हो रहा है। जबकि बजरंग दल जैसे संगठनों को खुली छूट दी जा रही है। हैदरी दल का समर्थन- हिजाब पहनाने को गुनाह बता रहे हैं
तौकीर रजा ने हैदरी दल का समर्थन करते हुए कहा कि बजरंग दल जैसे संगठन बहनों के हिजाब खींचते हैं, लेकिन हैदरी दल ने किसी का हिजाब नहीं खींचा बल्कि हिजाब पहनने की नसीहत दी। “क्या ये देशद्रोह है?” सैयद मसूर गाजी को लेकर गुस्ताखी पर भी जताई नाराजगी
आखिर में तौकीर रजा ने सैयद मसूर गाजी को लेकर हुई टिप्पणी पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों से मुसलमानों की भावनाएं आहत होती हैं और हालात बिगड़ने का डर बना रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजरंग दल जैसे संगठनों को खुली छूट मिलने से माहौल खराब हो रहा है। ———————— ये खबर भी पढ़िए… भैंसाकुंड घाट पर 4 दिन में रोजाना 20-25 शव पहुंचे : पहले होते थे 12-15 अंतिम संस्कार, लखनऊ में गर्मी से गश खाकर गिर रहे लोग लखनऊ के भैंसाकुंड घाट पर बीते 4 दिन से औसतन 20-25 अंतिम संस्कार किए जा रहे हैं। इससे पहले जून के शुरुआती 9 दिन तक औसतन 12-15 मृतकों का अंतिम संस्कार किया गया। माना जा रहा है कि भीषण गर्मी के प्रकोप से यह संख्या बढ़ गई है। (पूरी खबर पढ़िए)
तौकीर रजा ने कहा-देश की न्याय व्यवस्था सरकार के दबाव में है। अब सुप्रीम कोर्ट तक सरकार के इशारे पर काम कर रहा है। हम इंटरनेशनल कोर्ट नहीं जाएंगे, क्योंकि इससे देश की बेइज्जती होगी। इसलिए गिरफ्तारी देना ही एकमात्र रास्ता है। बरेली से देशभर में उठेगी गिरफ्तारी आंदोलन की लहर तौकीर रजा ने भावुक होकर कहा कि अब हालात ऐसे हैं कि मुसलमान खुद को बेबस महसूस कर रहे हैं। इस्लाम खुदकुशी की इजाजत नहीं देता, इसलिए हम गिरफ्तारी देकर विरोध दर्ज कराएंगे। जब तक देश में ये अन्याय चलता रहेगा, हम आजादी के साथ जी नहीं पाएंगे।
मौलाना ने उम्मीद जताई कि बरेली से शुरू होने वाला ये गिरफ्तारी आंदोलन देशभर में फैलेगा। मैं जेल चला जाऊंगा। लेकिन, मुसलमान चुप नहीं रहेंगे। देशभर के मुसलमान गिरफ्तारी देकर इस ज़ुल्म के खिलाफ आवाज उठाएंगे। आज से रोज होगी गिरफ्तारियां तौकीर रजा ने कहा अभी अलीगढ़ में 4 लोगों की हत्या की गई। बरेली में एक मुस्लिम लड़का मार दिया गया। जगह-जगह हमारे नौजवानों की हत्या की जा रही है। उन्हें जेल में ठूंसा जा रहा है। हम संविधान की रक्षा के लिए अपनी गिरफ्तारी देने जा रहे थे लेकिन पुलिस ने तानाशाही दिखाई। हमें अपने घर से ही नहीं निकलने दिया। तौकीर रजा ने कहा अब ये सिलसिला शुरू हो गया है। देश भर से आज से रोज गिरफ्तारियां होगी। कल 72 लोग गिरफ्तारी देंगे इसी तरह रोज गिरफ्तारियां होगी। 14 जून को की गिरफ्तारी की घोषणा तौकीर रजा ने 14 जून को घर पर प्रेसवार्ता कर कहा था-देश में मुसलमानों के साथ नाइंसाफी हो रही है। पुलिस वही कर रही है जो अंग्रेजों के वक्त करती थी। उस समय देशभक्तों पर लाठियां बरसती थीं, अब ईमानदार मुसलमानों पर जुल्म हो रहा है। जबकि बजरंग दल जैसे संगठनों को खुली छूट दी जा रही है। हैदरी दल का समर्थन- हिजाब पहनाने को गुनाह बता रहे हैं
तौकीर रजा ने हैदरी दल का समर्थन करते हुए कहा कि बजरंग दल जैसे संगठन बहनों के हिजाब खींचते हैं, लेकिन हैदरी दल ने किसी का हिजाब नहीं खींचा बल्कि हिजाब पहनने की नसीहत दी। “क्या ये देशद्रोह है?” सैयद मसूर गाजी को लेकर गुस्ताखी पर भी जताई नाराजगी
आखिर में तौकीर रजा ने सैयद मसूर गाजी को लेकर हुई टिप्पणी पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे बयानों से मुसलमानों की भावनाएं आहत होती हैं और हालात बिगड़ने का डर बना रहता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजरंग दल जैसे संगठनों को खुली छूट मिलने से माहौल खराब हो रहा है। ———————— ये खबर भी पढ़िए… भैंसाकुंड घाट पर 4 दिन में रोजाना 20-25 शव पहुंचे : पहले होते थे 12-15 अंतिम संस्कार, लखनऊ में गर्मी से गश खाकर गिर रहे लोग लखनऊ के भैंसाकुंड घाट पर बीते 4 दिन से औसतन 20-25 अंतिम संस्कार किए जा रहे हैं। इससे पहले जून के शुरुआती 9 दिन तक औसतन 12-15 मृतकों का अंतिम संस्कार किया गया। माना जा रहा है कि भीषण गर्मी के प्रकोप से यह संख्या बढ़ गई है। (पूरी खबर पढ़िए)