सहारनपुर में मौलाना कारी इसहाक गोरा ने मुस्लिम शादियों में मर्दों और औरतों के बेहिजाब मेलजोल को शरीअत के खिलाफ बताया। कहा- मुस्लिम समाज अब महज नाम का मुसलमान बनकर रह गया है। इस्लामी शऊर, हया, और तहजीब जैसी बुनियादी चीजें खत्म हो चुकी हैं। गुरुवार को वीडियो जारी कर देवबंदी आलिम और जमीयत दावतुल मुसलिमीन के संरक्षक मौलाना ने कहा- आज के दौर की मुस्लिम शादियां सिर्फ दिखावे, गैर-जरूरी रस्मों और दुनियावी प्रदर्शन का मजहर बन चुकी हैं। अब समाज में न हया बाकी है और न ही तहजीब
मौलाना ने कहा- आदमी और औरत एक ही पंडाल में बेहिजाब बैठते हैं। खाते हैं और गुफ्तगू (बातचीत) करते हैं। ये शरीअत की सरासर मुखालफत नहीं तो ओर क्या है? हमें अफसोस है कि अब समाज में न हया बाकी है और न ही तहजीब। ऐसा लगता है जैसे हमारी जिंदगी से दीन की रूह निकल चुकी है। कारी इसहाक गोरा ने कहा- शरीअत में हिजाब की पाबंदी आदमी-औरत दोनों के लिए बराबर है। मर्दों के लिए निगाहों की हिफाजत और औरतों के लिए पर्दा इस्लाम की बुनियादी तालीम है। मौलाना ने मौजूदा हालात को एक तहजी इनहिटात (सांस्कृतिक पतन) बताया और कहा-हया, अदब और पर्दा ये इस्लामी तहजीब की बुनियादें हैं। लेकिन अफसोस, आज ये बातें सिर्फ मजाक बनकर रह गई हैं। इस्लामी तहजीब रस्म बनकर रह गई है। हेयर फ्लिपिंग डांस को इस्लाम में हराम बताया
21 मई को देवबंदी उलेमा मौलाना कारी इसहाक गोरा ने हेयर फ्लिपिंग डांस को इस्लाम में हराम बताया था। वीडियो जारी कर उन्होंने कहा- औरतों को नाचने के लिए नहीं बनाया गया है। पर्दे के लिए बनाया गया है। उन्होंने यह बयान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संयुक्त अरब अमीरात (UAE) दौरे को लेकर दिया था। इसमें डोनाल्ड ट्रंप के स्वागत में मुस्लिम लड़कियां “हेयर फ्लिपिंग डांस” करती दिख रही थीं। कहा- इस्लाम ने औरत को मां, बहन, बेटी और पत्नी के रूप में सबसे ज्यादा इज्जत दी है। औरत एक कीमती मोती है। जिसे पर्दे और तहजीब से ढका जाता है, न कि कैमरे के सामने नचाया जाता है। पर्दा कोई बेड़ियां नहीं, बल्कि इज्जत की चादर है। उन्होंने कहा- शो बिजनेस नहीं है इस्लाम, यह रूहानी तहजीब है। वहीं 17 मई को देवबंदी उलेमा मौलाना कारी इसहाक गोरा ने वीडियो जारी कर मुस्लिम युवाओं के टैटू गुदवाने पर चिंता जताई थी। उन्होंने मुसलमान युवाओं से कहा है कि यह ये ट्रेंड इस्लामी शरीयत के खिलाफ है। कहा, ये अल्लाह की बनाई सूरत में तब्दीली’ है। कहा- इस्लाम में जिस्म पर टैटू गुदवाना हराम है। अब जानिए मौलाना के चार वह बयान जो चर्चा में रहे 1- वेलेंटाइन डे पर कहा था कि गैर इस्लामी रस्मों से दूर रहें मुस्लिम देवबंदी उलमा मौलाना कारी इसहाक गोरा ने मुसलमानों को यह हिदायत दी थी कि वे गैर-इस्लामी रस्मों और त्योहारों से दूर रहें। खासतौर पर उन्होंने वैलेंटाइन डे जैसी रस्मों का जिक्र करते हुए कहा था कि यह इस्लाम के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। इनका इस्लामी संस्कृति से कोई ताल्लुक नहीं है। उन्होंने समझाया कि इस्लाम ने हर इंसान को साफ-सुथरी और नैतिक जिंदगी गुजारने का हुक्म दिया है। ऐसी रस्में और त्योहार जिनमें फिजूलखर्ची, नैतिक गिरावट या गैर-जरूरी मेल-जोल को बढ़ावा दिया जाता है, उन्हें अपनाना मुसलमानों के लिए नुकसानदेह हो सकता है। उन्होंने कहा- यह पश्चिमी सभ्यता की देन है, जिसमें अक्सर ऐसी हरकतें होती हैं जो इस्लाम के आदर्शों के खिलाफ हैं। 2- गैर मर्द औरत को छुए, इस्लाम में इसकी इजाजत नहीं मौलाना ने कहा था कि शादी समारोह में मुस्लिम महिलाएं गैर महरम (पुरुषों) से मेहंदी लगवा रही हैं। ये प्रथा इस्लामी शरीयत के खिलाफ है। मुस्लिमों को इस तरह के चलन से बचना चाहिए। गैर महरम (पुरुषों) से मेहंदी लगवा रही हैं। ये प्रथा इस्लामी शरीयत के खिलाफ है। मुस्लिमों को इस तरह के चलन से बचना चाहिए। मुस्लिम महिलाओं का गैर पुरुषों से चूड़ी पहनना और मेंहदी लगवाना हराम है। ये फतवा इस्लामी शरीयत में मौजूद हिदायतों पर आधारित है। 3- रोजा रखना या नहीं रखना शमी और अल्लाह के बीच का मामला देवबंदी उलेमा मौलाना कारी इसहाक गोरा ने मोहम्मद शमी के रोजा नहीं रखने का बचाव किया। उन्होंने कहा था कि किसी के रोजा रखने या न रखने का मामला पूरी तरह से उनके और अल्लाह के बीच का है। शमी ने अगर किसी मजबूरी या शरीयत के तहत दी गई रियायत की वजह से रोजा नहीं रखा, तो वह गुनहगार नहीं माने जाएंगे। मौलाना इसहाक गोरा ने ट्रोलर्स को भी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि दूसरों की धार्मिक आस्थाओं और व्यक्तिगत फैसलों को लेकर अनावश्यक बहस न करें। हर व्यक्ति को अपने आचरण पर ध्यान देना चाहिए। 4- बाबा रामदेव का बयान निंदनीय, वह बुद्धिजीवी नहीं हो सकते मौलाना कारी इसहाक गोरा ने कहा- था कि हमदर्द कंपनी की रूहअफजा पर रामदेव का बयान निदंनीय है। मौलाना ने कहा था कि- हमदर्द जैसी प्रतिष्ठित कंपनी आजादी से पहले से ही देश में सेवा कर रही है। उसकी पहचान, उसकी गुणवत्तापूर्ण यूनानी व आयुर्वेदिक दवाओं व शरबतों से है। रूहअफजा भारत की गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक है। जिसे सभी धर्मों, जातियों और क्षेत्रों के लोग पसंद करते हैं। भारत में व्यापार धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि गुणवत्ता, भरोसे और इंसाफ पर होता है। जो व्यक्ति अपने उत्पाद बेचने के लिए दूसरे धर्म या समुदाय को बदनाम करे, वो समाज का दुश्मन है। न कि योग का प्रचारक। ……………………. ये खबर भी पढ़िए- ‘बड़बोले शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई होगी’:LU प्रशासन से उच्च शिक्षा मंत्री नाराज, बोले- अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब राष्ट्रद्रोह नहीं सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट करने वाले लखनऊ विश्वविद्यालय के शिक्षकों पर उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री ने कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन पर नाराजगी जताते हुए कहा- देश विरोधी मानसिकता के बड़बोले शिक्षकों पर सिर्फ FIR से काम नहीं चलेगा। इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी होगी। पढ़ें पूरी खबर
मौलाना ने कहा- आदमी और औरत एक ही पंडाल में बेहिजाब बैठते हैं। खाते हैं और गुफ्तगू (बातचीत) करते हैं। ये शरीअत की सरासर मुखालफत नहीं तो ओर क्या है? हमें अफसोस है कि अब समाज में न हया बाकी है और न ही तहजीब। ऐसा लगता है जैसे हमारी जिंदगी से दीन की रूह निकल चुकी है। कारी इसहाक गोरा ने कहा- शरीअत में हिजाब की पाबंदी आदमी-औरत दोनों के लिए बराबर है। मर्दों के लिए निगाहों की हिफाजत और औरतों के लिए पर्दा इस्लाम की बुनियादी तालीम है। मौलाना ने मौजूदा हालात को एक तहजी इनहिटात (सांस्कृतिक पतन) बताया और कहा-हया, अदब और पर्दा ये इस्लामी तहजीब की बुनियादें हैं। लेकिन अफसोस, आज ये बातें सिर्फ मजाक बनकर रह गई हैं। इस्लामी तहजीब रस्म बनकर रह गई है। हेयर फ्लिपिंग डांस को इस्लाम में हराम बताया
21 मई को देवबंदी उलेमा मौलाना कारी इसहाक गोरा ने हेयर फ्लिपिंग डांस को इस्लाम में हराम बताया था। वीडियो जारी कर उन्होंने कहा- औरतों को नाचने के लिए नहीं बनाया गया है। पर्दे के लिए बनाया गया है। उन्होंने यह बयान अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के संयुक्त अरब अमीरात (UAE) दौरे को लेकर दिया था। इसमें डोनाल्ड ट्रंप के स्वागत में मुस्लिम लड़कियां “हेयर फ्लिपिंग डांस” करती दिख रही थीं। कहा- इस्लाम ने औरत को मां, बहन, बेटी और पत्नी के रूप में सबसे ज्यादा इज्जत दी है। औरत एक कीमती मोती है। जिसे पर्दे और तहजीब से ढका जाता है, न कि कैमरे के सामने नचाया जाता है। पर्दा कोई बेड़ियां नहीं, बल्कि इज्जत की चादर है। उन्होंने कहा- शो बिजनेस नहीं है इस्लाम, यह रूहानी तहजीब है। वहीं 17 मई को देवबंदी उलेमा मौलाना कारी इसहाक गोरा ने वीडियो जारी कर मुस्लिम युवाओं के टैटू गुदवाने पर चिंता जताई थी। उन्होंने मुसलमान युवाओं से कहा है कि यह ये ट्रेंड इस्लामी शरीयत के खिलाफ है। कहा, ये अल्लाह की बनाई सूरत में तब्दीली’ है। कहा- इस्लाम में जिस्म पर टैटू गुदवाना हराम है। अब जानिए मौलाना के चार वह बयान जो चर्चा में रहे 1- वेलेंटाइन डे पर कहा था कि गैर इस्लामी रस्मों से दूर रहें मुस्लिम देवबंदी उलमा मौलाना कारी इसहाक गोरा ने मुसलमानों को यह हिदायत दी थी कि वे गैर-इस्लामी रस्मों और त्योहारों से दूर रहें। खासतौर पर उन्होंने वैलेंटाइन डे जैसी रस्मों का जिक्र करते हुए कहा था कि यह इस्लाम के मूल सिद्धांतों के खिलाफ है। इनका इस्लामी संस्कृति से कोई ताल्लुक नहीं है। उन्होंने समझाया कि इस्लाम ने हर इंसान को साफ-सुथरी और नैतिक जिंदगी गुजारने का हुक्म दिया है। ऐसी रस्में और त्योहार जिनमें फिजूलखर्ची, नैतिक गिरावट या गैर-जरूरी मेल-जोल को बढ़ावा दिया जाता है, उन्हें अपनाना मुसलमानों के लिए नुकसानदेह हो सकता है। उन्होंने कहा- यह पश्चिमी सभ्यता की देन है, जिसमें अक्सर ऐसी हरकतें होती हैं जो इस्लाम के आदर्शों के खिलाफ हैं। 2- गैर मर्द औरत को छुए, इस्लाम में इसकी इजाजत नहीं मौलाना ने कहा था कि शादी समारोह में मुस्लिम महिलाएं गैर महरम (पुरुषों) से मेहंदी लगवा रही हैं। ये प्रथा इस्लामी शरीयत के खिलाफ है। मुस्लिमों को इस तरह के चलन से बचना चाहिए। गैर महरम (पुरुषों) से मेहंदी लगवा रही हैं। ये प्रथा इस्लामी शरीयत के खिलाफ है। मुस्लिमों को इस तरह के चलन से बचना चाहिए। मुस्लिम महिलाओं का गैर पुरुषों से चूड़ी पहनना और मेंहदी लगवाना हराम है। ये फतवा इस्लामी शरीयत में मौजूद हिदायतों पर आधारित है। 3- रोजा रखना या नहीं रखना शमी और अल्लाह के बीच का मामला देवबंदी उलेमा मौलाना कारी इसहाक गोरा ने मोहम्मद शमी के रोजा नहीं रखने का बचाव किया। उन्होंने कहा था कि किसी के रोजा रखने या न रखने का मामला पूरी तरह से उनके और अल्लाह के बीच का है। शमी ने अगर किसी मजबूरी या शरीयत के तहत दी गई रियायत की वजह से रोजा नहीं रखा, तो वह गुनहगार नहीं माने जाएंगे। मौलाना इसहाक गोरा ने ट्रोलर्स को भी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि दूसरों की धार्मिक आस्थाओं और व्यक्तिगत फैसलों को लेकर अनावश्यक बहस न करें। हर व्यक्ति को अपने आचरण पर ध्यान देना चाहिए। 4- बाबा रामदेव का बयान निंदनीय, वह बुद्धिजीवी नहीं हो सकते मौलाना कारी इसहाक गोरा ने कहा- था कि हमदर्द कंपनी की रूहअफजा पर रामदेव का बयान निदंनीय है। मौलाना ने कहा था कि- हमदर्द जैसी प्रतिष्ठित कंपनी आजादी से पहले से ही देश में सेवा कर रही है। उसकी पहचान, उसकी गुणवत्तापूर्ण यूनानी व आयुर्वेदिक दवाओं व शरबतों से है। रूहअफजा भारत की गंगा-जमुनी तहजीब का प्रतीक है। जिसे सभी धर्मों, जातियों और क्षेत्रों के लोग पसंद करते हैं। भारत में व्यापार धर्म के आधार पर नहीं, बल्कि गुणवत्ता, भरोसे और इंसाफ पर होता है। जो व्यक्ति अपने उत्पाद बेचने के लिए दूसरे धर्म या समुदाय को बदनाम करे, वो समाज का दुश्मन है। न कि योग का प्रचारक। ……………………. ये खबर भी पढ़िए- ‘बड़बोले शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई होगी’:LU प्रशासन से उच्च शिक्षा मंत्री नाराज, बोले- अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब राष्ट्रद्रोह नहीं सोशल मीडिया पर विवादित पोस्ट करने वाले लखनऊ विश्वविद्यालय के शिक्षकों पर उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री ने कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन पर नाराजगी जताते हुए कहा- देश विरोधी मानसिकता के बड़बोले शिक्षकों पर सिर्फ FIR से काम नहीं चलेगा। इनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी होगी। पढ़ें पूरी खबर