गाजियाबाद में थाने के बाहर युवक की हत्या:जिस पर FIR कराने जा रहा था, उसने 4 गोलियां मारी; SO और दो दरोगा सस्पेंड

गाजियाबाद में मुरादनगर थाने के सामने युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। युवक, अपने पिता और भाई के साथ आरोपियों की शिकायत करने थाने पहुंचा था। थाने के बाहर आरोपियों ने उन्हें घेर लिया और युवक पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। सीने में चार गोलियां मारीं। गोलियों की आवाज सुनकर पुलिसकर्मी दौड़कर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। युवक को आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बताया जा रहा है कि वारदात से पहले आरोपियों का युवक और उसके पिता से कार निकालने को लेकर झगड़ा हो गया था। इसके बाद आरोपियों ने घर पहुंचकर युवक के घर पर दो राउंड फायरिंग की। इसकी सूचना पिता ने पुलिस को दी। थोड़ी देर बाद दरोगा पहुंचे और उन्हें थाने बुलाया। जैसे ही युवक अपने पिता और भाई के साथ थाने पहुंचा, आरोपी भी पीछे-पीछे आ गए और वारदात को अंजाम दे दिया। गुरुवार सुबह हत्या के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने मुरादनगर थाने के सामने शव रखकर जाम लगा दिया। पुलिस अधिकारी लोगों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है- जब तक हमलावर गिरफ्तार नहीं होते, धरना खत्म नहीं होगा। इस मामले में पुलिस कमिश्नर जे. रविंदर गौड ने SO मुरादनगर शैलेंद्र सिंह तोमर, SI सूबे सिंह और बीट दरोगा मोहित सिंह को निलंबित कर दिया है। तीनों के खिलाफ विभागीय जांच के भी आदेश दिए हैं। वहीं, देर शाम मिल्क रावली गांव में रवि शर्मा के शव का अंतिम संस्कार किया गया। 3 तस्वीरें देखिए- जानिए पूरा मामला रवि शर्मा मुरादनगर थाना क्षेत्र के मिल्क रावली गांव का रहने वाला था। 6 साल पहले रवि शर्मा की शादी हुई। दो बच्चे हैं। उनके पिता श्रीपाल शर्मा बीज भंडार की दुकान चलाते हैं। पिता श्रीपाल शर्मा ने बताया- भतीजी घर आई थी। रात 10 बजे वह वापस जा रही थी। मैं अपने बेटे के साथ उसे ऑटो में बैठाने गया। गांव के बाहर हमें ऑटो मिल गई। कार को सड़क किनारे खड़ा करके हम भतीजी को ऑटो में बैठा रहे थे, तभी गांव का मोंटी आया। उसने पूछा- रास्ते में गाड़ी क्यों रोक रखी है? हमने कहा- तू अपने घर जा। इसी बात को लेकर विवाद हो गया। एक घंटे बाद वे लोग मेरे घर आए। दो गोलियां गेट पर मारीं। हमने 112 नंबर पर कॉल किया। पुलिस आई तो दरोगा ने कहा-थाने में तहरीर दीजिए। मैं, दोनों बेटों और एक पड़ोसी युवक के साथ थाने तहरीर देने गया। हम तीनों लोग थाने के अंदर चले गए। बड़ा बेटा बाहर ही रह गया। तभी पीछे से मोंटी और अजय वहां पहुंच गए। उन्होंने बेटे पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। गोलियों की आवाज सुनकर हम लोग भी दौड़कर पहुंचे। देखा तो बेटा खून से लथपथ तड़प रहा था। पुलिसवाले वीडियो बनाते रहे। उन्होंने कोई मदद नहीं की। हम बेटे को निवोक अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पड़ोसी बोला- पुलिस वीडियो बनाती रही
पड़ोसी राजकुमार ने बताया- रवि के सीने में चार गोलियां लगीं, जिससे उसकी मौत हो गई। एक गोली मेरे बगल से निकल गई। पुलिस ने कुछ नहीं किया, वे लोग सिर्फ वीडियो बनाते रहे। भाई बोला- मैंने भागकर बचाई जान
भाई विकास शर्मा ने बताया-मोंटी और अजय ने मेरे भाई की हत्या कर दी। गोलियों की आवाज सुनकर मैं भी पहुंचा तो आरोपियों ने मुझ पर फायरिंग कर दी। मैं पुल की तरफ भाग निकला। थोड़ी देर बाद वापस आया तो देखा, भाई खून से लथपथ जमीन पर पड़ा था। 15 दिन पहले ही जेल से छूटा था अजय
पुलिस जांच में सामने आया है कि गांव की एक लड़की से रेप के मामले में आरोपी अजय को 6 महीने पहले मुरादनगर पुलिस ने जेल भेजा था। 15 दिन पहले ही वह जेल से बाहर आया था। एडिशनल पुलिस कमिश्नर आलोक प्रियदर्शी ने बताया- आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की गई हैं। अब तक की जांच में सामने आया है कि गांव में दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पता चला है कि एक आरोपी पूर्व में पॉक्सो एक्ट के मामले में जेल गया था। अभी जमानत पर बाहर है। थाना प्रभारी मुरादनगर की भूमिका की भी जांच की जा रही है। दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या का केस
एडिशनल पुलिस कमिश्नर आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि मृतक रवि शर्मा के पिता रविंद्र शर्मा की तहरीर पर गांव मिल्क रावली निवासी मोंटी पुत्र जितेंद्र और अजय उर्फ मिनी पुत्र राजवीर सिंह के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है। इनमें मोंटी नाबालिग से रेप व पॉक्सोके मामले में 9 साल की सजा काट चुका है, जो कुछ दिन पहले ही जेल से रिहा होकर घर आया था। पुलिस दोनों की तलाश में दबिश दे रहीं हैं। —————- ये खबर भी पढ़िए भास्कर गंगा यात्रा-गाजीपुर में सीधे नदी में बहा रहे लाशें:गंगा और शिव की नगरी में नहाने लायक नहीं पानी, ओझला, अस्सी और वरुणा बनीं नाला गंगा गंगोत्री से निकल कर बंगाल की खाड़ी में समुद्र में समाती है। ऐसे में सवाल है कि उनका निवास स्थान कहां है? पुराण में खुद मां गंगा इस प्रश्न का जवाब देते हुए कहती हैं- जहां विंध्य पर्वत से गंगा का मिलन होता है, वहीं पर मैं निवास करती हूं। यूपी में मिर्जापुर जिले की यही पहचान है। लेकिन, हम लोग उनके निवास स्थल को भी कचरे से पाट रहे हैं। वाराणसी में तो गंगा इतनी प्रदूषित हो चुकी हैं कि उनका जल नहाने लायक भी नहीं बचा है। मणिकर्णिका घाट पर दिन-रात जलते शवों का अधजला हिस्सा इसी गंगा में प्रवाहित कर दिया जाता है। पूरी खबर पढ़िए