मथुरा मंदिर में प्रवचन देने वाला बनाता था चाइल्ड पोर्नोग्राफी:CBI अरेस्ट करके ले गई, मोबाइल में पोर्न कंटेंट मिले, ब्रजवासी बोले- 7 साल से साधु मंदिर में रहते रहे

मथुरा के एक मंदिर में 7 साल से प्रवचन कर रहे साधु को CBI ने अरेस्ट किया। 19 जून को श्याम बिहारी मंदिर में CBI पहुंची। यहां अनुयायियों के साथ बैठे साधु श्याम बिहारी को पकड़ लिया। मंदिर कैंपस में बने उसके घर से टीम ने पेन ड्राइव, हार्ड डिस्क, मोबाइल और लैपटॉप जब्त किए। फोरेंसिक जांच में चाइल्ड सेक्शुअल एब्यूज मटेरियल मिला। साधु बच्चों का यौन शोषण करके अश्लील कंटेंट तैयार करता था। CBI की तरफ से आधिकारिक बयान में कहा गया- साधु बच्चों की अश्लील तस्वीरें और वीडियो को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स और डार्क वेब पर बेचता था। CBI लंबे समय से इन लिंक को ट्रेस कर रही थी। इन्हीं कंटेंट को बनाने के सोर्स का पीछा करती हुई CBI ने 17 जून, 2025 को केस दर्ज किया। फिर 2 दिन बाद मथुरा में छापेमारी की। दैनिक भास्कर की टीम भी मथुरा के जैंत इलाके के इस मंदिर में पहुंची, जहां पर साधु को पकड़ा गया था। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… लोग बोले- प्रवचन देने वाला कैसे बना रहा था अश्लील कंटेंट
टीम जब मंदिर के पास पहुंची तो यहां लोगों का जमावड़ा था। यहां मौजूद गांव के लोगों को यकीन ही नहीं था कि साधु ऐसा कर सकता है। गांव के लोगों की समस्याओं को सुलझाने वाला और लोगों को प्रवचन देने वाला कैसे चाइल्ड पोर्नोग्राफी बनाने लगा, ये लोगों की समझ से परे हैं। हमने साधु को लेकर गांव के लोगों से बातचीत शुरू की। लोगों ने बताया कि उनका नाम श्याम बिहारी है, वो 7 साल पहले गांव आए थे। मंदिर परिसर में ही रहते, साफ सफाई करते। जो प्रसाद और भोग गांव वाले मंदिर में चढ़ाते, वही खाकर वो रह जाते थे। धीरे-धीरे मंदिर की पूजा पाठ का जिम्मा उन्होंने संभाल लिया। कथा-पाठ होने लगे। लोग मंदिर में प्रवचन सुनने भी पहुंचने लगे। लोगों का भरोसा ऐसा बना कि घर की समस्याएं लेकर भी लोग बाबा के पास आने लगे। महिलाएं बोलीं- हमें पैर भी नहीं छूने देते थे
हमने लोगों से पूछा- बाबा गांव में कैसे आए? लोगों ने बताया कि श्याम बिहारी बताते थे कि वो एटा के रहने वाले हैं। ये भी पता चला कि श्याम पहले मथुरा के गोविंदनगर की सराय आजमबाद की एक साड़ी फैक्ट्री पर काम किया करता था। यहीं गांव के लोग भी काम करते थे। इसके बाद गांव के लोग उसे अपने गांव ले आए, इसके बाद वह मंदिर में रहने लगा। गांव की महिलाओं ने बताया कि बाबा ने कभी पैर तक नहीं छूने दिए। कोई महिला जाती थी, तो वह मना कर देते थे। फिर कैसे CBI ने उन्हें पकड़ा, ये नहीं समझ आया। बाबा को फंसाया गया है। बाबा ने ऐसी कोई हरकत नहीं की। 3 बजे सुबह उठकर पूजा-पाठ करते
लोगों ने बताया कि बाबा भोर 3 बजे उठता था, उसके बाद वह नित्य क्रिया करता और फिर पूजा पाठ में लग जाता। सुबह से ही मंदिर पर ग्रामीण आने लग जाते थे। रात 11 बजे तक मंदिर पर कोई न कोई रहता ही था। बाबा अपने कमरे में किसी महिला को भी प्रवेश नहीं करने देता था। सिर्फ वहीं आता-जाता था। गांव के किसी बच्चे ने कभी बाबा को लेकर कोई शिकायत नहीं की। अब जानिए कि CBI कैसे साधु तक पहुंची… साधु के बेचे गए कंटेंट में मथुरा की एक बच्ची की पहचान हुई
CBI के मुताबिक, इंटरपोल की एक विंग चाइल्ड पोर्न कंटेंट की इन्वेस्टिगेशन करती है। उन्होंने एक लिंक को फॉलो करते हुए IP एड्रेस शेयर किया। जोकि मथुरा लोकेशन का था। इसके बाद CBI ने श्याम बिहारी को अरेस्ट किया। चाइल्ड पोर्नोग्राफी के जो लिंक मिले थे, उसमें एक बच्ची की पहचान भी हो गई, जोकि मथुरा की रहने वाली है। इसके बाद CBI उस बच्ची तक पहुंची। पेरेंट्स को इस बारे में बताया। इस पूरे मामले में लोकल पुलिस को शामिल नहीं किया गया। इस बच्ची को CWC के सामने पेश किया गया। जहां बच्ची के डिटेल बयानों की वीडियोग्राफी हुई। CWC ने कहा- बच्ची की काउंसिलिंग की
चाइल्ड पोर्नोग्राफी को लेकर दैनिक भास्कर ने बाल कल्याण समिति (CWC) के अध्यक्ष राजेश दीक्षित से बात की। उन्होंने कहा- एक बच्ची के बयान हुए हैं, और बच्चियों को ट्रेस किया जा रहा है। उस बच्ची के साथ बाबा ने अश्लील हरकत की थी। बच्ची की काउंसलिंग करके बयान रिकॉर्ड किए गए हैं, जोकि कोर्ट में पेश होंगे। ………………. यह भी पढ़ें : अपराधी भगाने वाले दरोगा-कांस्टेबल पर FIR: दबिश से पहले सूचना दे दी थी, भागने के बाद खुद भी छापे मारे थे कानपुर के नवाबगंज में दबिश से पहले अपराधी अनूप शुक्ला को फरार कराने वाले दरोगा आदित्य बाजपेई और कांस्टेबल विजयराज के खिलाफ थानेदार की तहरीर पर एफआईआर दर्ज हुई है। अब दोनों को अरेस्ट करके जेल भेजने की तैयारी की जा रही है। सीसीटीवी से खाकी और अपराधी के गठजोड़ का मामला सामने आया था। पढ़िए पूरी खबर…