“मैं नारी शक्ति का सम्मान करता हूं। वे मेरे लिए पूजनीय हैं। मुझे गाली भी दे रही तो कोई बात नहीं। जो उनके साथ लगकर मुझे बदनाम करा रहे, भगवान उनका भला करें। इस पूरे प्रकरण से मेरा कोई लेनादेनानहीं। मैंने कोई गलत काम नहीं किया है। मुझे फंसाया जा रहा है। अगर उनके पास सबूत हैं तो सामने लाएं।’ यह बातें सहारनपुर की गंगोह विधानसभा से भाजपा के विधायक कीरत सिंह ने कही। उन पर उनकी ही पार्टी की महिला नेत्री कोमल चौधरी ने कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इस पर विधायक ने अपने ऊपर लगे आरोपों को लेकर दैनिक भास्कर से फोन पर बात की। आइए आपको सिलसिलेवार ढंग से बताते हैं ये पूरा मामला है क्या और विधायक का इस पूरे मामले पर क्या कुछ कहना है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला 20 जून को विधायक सिंह पर उत्पीड़न का लगाया था आरोप भाजपा महिला मोर्चा की नगर मंत्री कोमल चौधरी ने 20 जून को सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट किया था। जिसमें बताया- गंगोह विधायक किरत सिंह के इशारे पर मेरे परिवार का उत्पीड़न हो रहा है। मेरे पैर में टक्कर मारी गई। मुझ पर कई फर्जी मुकदमे कराए। इस महापंचायत में आप सबको आना होगा। मेरा सभी से अनुरोध है कि 27 को एक महासभा होगी। लेकिन, वही आएं जो मेरे भाई हैं। चमचों की मुझे जरूरत नहीं। अब पढ़िए भाजपा नेत्री ने विधायक पर क्या कुछ आरोप लगाए हैं भाजपा नेत्री बोलीं- विधायक किरत सिंह के अपने सहयोगी के साथ समलैंगिक संबंध हैं गंगोह में महापंचायत से पहले भाजपा नेत्री कोमल चौधरी प्रेस से मुखातिब हुई। उन्होंने कहा-भाजपा विधायक किरत सिंह के अपने नजदीकी सहयोगी सतपाल के साथ समलैंगिक संबंध हैं। इसके अलावा विधायक ने एक 13 साल की नाबालिग लड़की का शारीरिक शोषण किया है। विधायक लगातार उन्हें, उनके पति और उनके परिजनों को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं। वह जल्द ही पुख्ता प्रमाण सार्वजनिक करेंगी। पुलिस ने जबरन रोकी पंचायत कोमल चौधरी के अनुसार- इन्हीं आरोपों को लेकर शुक्रवार को गंगोह में गुर्जर समाज की महापंचायत बुलाई थी। लेकिन, विधायक के प्रभाव में आकर प्रशासन ने गंगोह को छावनी में तब्दील कर दिया और उनकी पंचायत को जबरन रोक दिया। जबकि मैं अपने समाज के सामने सच लाना चाहती थी, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने लोकतांत्रिक अधिकारों का गला घोंट दिया। पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बना दिया गया पुलिस ने मेरे समर्थकों पर लाठीचार्ज किया। कई लोगों को हिरासत में ले लिया गया। पूरे क्षेत्र में भय का माहौल बना दिया गया। यह पूरी कार्रवाई विधायक के इशारे पर की गई। ताकि सच्चाई सामने न आ सके। हालांकि पार्टी ने भाजपा महानगर महिला मोर्चा की जिला मंत्री कोमल गुर्जर को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया। कोमल चौधरी ने पहले कहा था-जगह नहीं मिली सड़क पर दरी बिछाकर पंचायत करूंगी कोमल चौधरी ने आगे कहा- भाजपा कहती है कि हम महिलाओं के साथ हैं, तो मैं आपकी गुर्जर महिला हूं। तो मेरा भी तो सम्मान है। महापंचायत के लिए गंगोह में पहले एक बैंक्वेट हॉल बुक किया गया था, लेकिन हंगामे की आशंका के चलते संचालक ने हॉल देने से इनकार कर दिया। अगर कहीं जगह नहीं मिली, तो मैं सड़क पर दरी बिछाकर शुक्रवार को पंचायत करूंगी। महापंचायत में विधायक और महिला दोनों के समर्थकों में हुई बहस इसी मामले पर शुक्रवार 27 जून को कोमल चौधरी ने महापंचायत बुलाई थी। महापंचायत में विधायक और महिला दोनों के समर्थकों में बहस होने लगी। इसके बाद लोग जमकर हंगामा होने लगा। पुलिस ने दोनों पक्ष के लोगों को काबू में करने के लिए लाठी लेकर दौड़ाया। विधायक के खिलाफ महापंचायत के बाद भाजपा ने कोमल गुर्जर को पार्टी से निकाल दिया है। कीरत सिंह बोले- किसी के उकसाने पर आरोप लगा रही है महिला कीरत सिंह ने कहा- महिला किसी के उकसाने पर मनगढ़ंत आरोप लगा रही है। मैं किसी की भी जुबान नहीं रोक सकता हूं। बस इतना जरूर कहना चाहूंगा कि मुझ पर जो भी ये आरोप लगा रही है। उसकी कोई ऑडियो या वीडियो या कोई सबूत हो तो सामने लाए। मुझे बेवजह बदनाम किया जा रहा कीरत सिंह ने कहा – पिछले एक महीने से ये महिला सोशल मीडिया के माध्यम से मेरे खिलाफ बयानबाजी कर रही है। लेकिन मैंने अभी तक कहीं पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। न ही मेरे किसी कार्यकर्ता ने महिला से किसी प्रकार बदसलूकी की है। ये पूरा प्रकरण राजनीतिक है। मुझे बदनाम किया जा रहा है। इसके पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। भाजपा नेत्री के समर्थन में पहुंचें थे गुर्जर समाज के लोग गंगोह में होने वाली महापंचायत को लेकर भाजपा नेत्री ने समाज के लोगों से अपील की थी। जिसके बाद गुर्जर समाज के नेता वीरेंद्र गुर्जर और सपा नेता मुखिया गुर्जर पहुंचे थे। मुखिया गुर्जर ने मंच से पुलिस को चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा था कि गुर्जर समाज के किसी भी व्यक्ति को परेशान करने पर अंजाम बुरा होगा। इस पूरे प्रकरण में गुर्जर बिरादरी की नाक पूरे देश में कट रही है। मैं किसी राजनीति की वजह से नहीं आया हूं। हमारी गुर्जर समाज की बहन कमजोर थी और उसे दबाया जा रहा है। 2022 विधानसभा चुनाव में 23 हजार वोटों से जीते थे गंगोह कीरत सिंह गुर्जर एक भारतीय जनता पार्टी के नेता और व्यवसायी हैं। वह उत्तर प्रदेश की 18वीं विधान सभा के सदस्य हैं , जो सहारनपुर की गंगोह विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं । उन्होंने 2022 के विधान सभा चुनाव में समाजवादी पार्टी के इंदर सेन को 23449 मतों के अंतर से हराय । कीरत सिंह को 1,16,582 वोट मिले थे। और इंद्रसैन को 93,133 वोट मिले थे। वहीं सांसद इमरान मसूद के जुड़वां भाई और बसपा के प्रत्याशी नोमान मसूद को 55,078 वोट मिले थे। 2019 में कीरत सिंह को उपचुनाव में भाजपा ने मौका दिया था। वो 68,300 वोट लेकर जीते थे। —————– ये खबर भी पढ़िए ग्राउंड रिपोर्ट- UP के कथावाचक से मारपीट में जाति पर बहस:यादवों ने कहा- चोटी काटना अपमान; ब्राह्मण बोले- पत्नी का हाथ पकड़ा इटावा में 21 जून से भागवत कथा शुरू हुई। शाम को पता चला कि कथावाचक ब्राह्मण नहीं, यादव हैं। इसके बाद हंगामा हो गया। कथावाचक को मारा-पीटा गया। उनकी चोटी काट दी गई। सिर मुंडवा दिया गया। एक महिला के पैरों में नाक रगड़वाई गई। इन सबका वीडियो बनाया। अगले दिन एक ब्राह्मण कथावाचक को बुलाया गया। उनसे भागवत करवाई गई। तभी पिछली रात वाले वीडियो वायरल हुए और हंगामा हो गया। पूरी खबर पढ़िए