“PDA क्या है, ये जातियों का कॉकटेल है। असली मनुवादी तो नेता होते हैं, जो जाति पर राजनीति करते हैं और अपने आप को मनुवादी होने से बचा भी लेते हैं। कथा कहने का अधिकार सिर्फ ब्राह्मण को है लेकिन किसी जाति का अपमान करने का अधिकार किसी को नहीं है। जाति छिपाकर कथा कहना गलत है और धोखा है। इटावा में जो हुआ वह बहुत गलत हुआ, इस मामले में सरकार को जांच करानी चाहिए। क्योंकि इसके पीछे कोई साजिश भी हो सकती है। ” ये बातें वाराणसी में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कही। उन्होंने दैनिक भास्कर से बात करते हुए मंदिरों में VIP दर्शन और मोरारी बापू के सूतक में कथा कहने पर प्रतिक्रिया दी। आइए आपको बताते हैं शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने क्या कुछ कहा है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट:- सवाल: इटावा में घटना के बारे में क्या कहना चाहेंगे। जवाब : हमारे सनातन धर्म में हर जाति हर काम नहीं कर सकती है, हम लोगों ने आपस में काम बांट रखें है। सनातन धर्म बहुत विस्तृत है। इसलिए यहां सबका अपना अपना काम है। दूसरी बात यह है कि यहां हर जाति अपने आप में ऊंची है। इसलिए कोई भी जाति का व्यक्ति दूसरे जाति के व्यक्ति को अपमानित नहीं कर सकता। अपनी जाति छिपाकर कथा कहना गलत है। अगर कोई ब्राह्मणों के बीच जाकर ब्राह्मण बनकर कथा कहेगा, तो यह धोखा है। पुलिस में मामला दर्ज कराया जाना चाहिए था। न कि उनको अपमानित करना चाहिए। सवाल : एक पक्ष कह रहा, मनुवादी विचारधारा के लोगों ने यह किया है। जवाब : मनुवादी का मतलब होता है। जिसमें जाति व्यवस्था हो उसको मनुवादी कहते हैं। यह नेता जाति के नाम पर वोट पाकर सत्ता में आ रहे हैं। ये मनुवादी हैं या हम हैं। असली मनुवादी तो नेता होते हैं, जो जाति पर राजनीति करते हैं और अपने आप को मनुवादी होने से बचा भी लेते हैं। यह नेता बहुत बड़े जादूगर हैं। सवाल : अखिलेश यादव ने PDA का गठन किया है, उस पर क्या कहेंगे। जवाब: PDA क्या है, मतलब जातियों का काकटेल, यही तो मनु वाद है और आप यही कर रहे हो। मनुवाद का उपयोग राजनीति के लिए नहीं बल्कि मनुष्यों के लिए करना चाहिए। हम भी मनुवादी हैं लेकिन इसका उपयोग हम मानवता के लिए करते हैं। जबकि राजनेता मनुवाद का उपयोग राजनीति के लिए करते हैं। इसी बात को लेकर कोई पक्ष में तो कोई विपक्ष में रहकर अपनी राजनीति चमका रहा है। सवाल : काशी विश्वनाथ मंदिर में स्पर्श दर्शन बंद करने की मांग हो रही है। सवाल : स्पर्श दर्शन शुरू इसीलिए किया गया था कि आम जनता को भगवान का दर्शन हो जाए इसीलिए यह व्यवस्था बनाई गई थी। अब VIP के लिए रह गया है। आम जनता भगवान तक नहीं पहुंच पा रही है इसलिए उसे यह बंद कर देना चाहिए। पिछली कई घटनाएं ऐसी भी सामने आई हैं कि लोग उसमें गिर जा रहे हैं। यही कारण है कि लोक भावना के दृष्टिकोण से इसे बंद कर देना चाहिए। नहीं तो कोई सूतक वाला या अन्य व्यक्ति भगवान को जाकर छुएगा। जबकि जो पवित्र मन से भगवान के पास जाता है। वह बाहर से ही दर्शन करने को पाएगा। सभी के लिए सामान्य व्यवस्था बना देनी चाहिए। सवाल : मोरारी बापू दो बार माफी मांगे, आप उस पर क्या कहेंगे। जवाब: मोरारी बापू ने व्यास पीठ से कहा था कि मेरे पास शास्त्र है। 10 दिनों तक वह यहां रहे लेकिन उन्होंने अपने शास्त्र को नहीं दिखाया। अगर पैसा ज्यादा हो जाता है। तो लोग प्राइवेट प्लेन खरीद सकते हैं लेकिन प्राइवेट शास्त्र नहीं बना सकते हैं। हमें लगता है कि उनके पास प्राइवेट शास्त्र है। लेकिन धर्म में सबका शास्त्र एक होता है। जब तक वह अपनी इस गलती का पश्चाताप नहीं करेंगे तब तक हम उनकी शक्ल नहीं देखेंगे। लोग धोबी की तरह कास्टिक सोडा में कपड़े को डालते हैं और पत्थर पर उठा-उठा के पटकते है। ऐसे ही मुरारी बापू है अगर वह अपनी गलती मान लेते हैं। तो हम उन्हें स्वीकार करेंगे नहीं तो जीवन भर उनकी शक्ल नहीं देखेंगे। सवाल : जिस तरह से सनातन पर सवाल और राजनीति हो रही, उसमें कैसे सुधार होगा। जवाब : नियम सब बने हुए हैं। बस उसको जनता के बीच में जाकर चर्चा करने का विषय है। सूतक का सवाल आया तो इस पर खूब चर्चा हुई। जनता ने भी इसके बारे जाना। ऐसे ही धर्म में किसको क्या करना चाहिए इसकी चर्चा होनी चाहिए। इटावा की घटना पर हम एक बात सबको बताना चाहेंगे कि हर जाति भगवान की बनाई हुई है। हर जाति में महापुरुष हुए इसका एक इतिहास है। हर जाति का गौरव है इसलिए किसी भी जातियों की हम आलोचना नहीं कर सकते हैं। हम एक ही परमात्मा के अंश है इसलिए किसी में भेद नहीं होना चाहिए। क्या कांवड़ ले जाने वालों को दुकानों से खरीदकर खाना चाहिए जवाब: देखिए कांवड़ यात्रा में दुकानों पर बोर्ड लगाने को लेकर हमसे पूछा गया था। इसमें राजनीति की दृष्टि से चीजें सामने आ चुकी हैं। कानून की दृष्टि से भी आदेश सामने आ चुका है। अब मैं धर्म की दृष्टि से ही बता सकता हूं।
इसमें मैं कहना चाहूंगा कि जो व्यक्ति धर्म का पालन करता है या फिर वह कोई अनुष्ठान करता है। जैसे कि मैं कांवड़ लेकर जाऊंगा। वह कुछ नियम का पालन भी करता है। वह नियम लेता है कि असत्य नहीं बोलेगा, नंगे पैर चलेगा, ब्रह्मचर्य से रहेगा, सादे कपड़े पहनेगा आदि। इन नियमों में भोजन का नियम भी शामिल होता है। उसमें पवित्र भोजन का नियम होता है। हमारे सनातन में बाहर बना हुआ भोजन खरीदकर खाने का नियम नहीं है, बाहरी भोजन पाश्चात्य है।
बना हुआ भोजन खरीदकर खाना सनातन में अपवित्र माना गया है। हमारे यहां कच्चे अनाज को अपवित्र नहीं माना गया है। हम कच्चा अनाज खरीद सकते हैं। और अपने हाथ से बनाकर खा सकते हैं। ———– यह खबर भी पढ़िए PCS की पत्नी को 5 बार एनेस्थीसिया दी…पैर सुन्न हुआ:प्रयागराज में डॉक्टर बोलीं-पूरी ब्यूरोक्रेसी मुझे अरेस्ट कराना चाहती; ACMO बोले-उन्हें ट्रेनिंग पर भेजें प्रयागराज में ब्यूरोक्रेसी और डॉक्टर लॉबी के बीच खींचतान चल रही है। मुद्दा PCS अफसर की पत्नी को ऑपरेशन से पहले 5 बार एनेस्थीसिया देने के प्रयास का है। 10 अप्रैल, 2025 को डिलीवरी होने के बाद जब अधिकारी की पत्नी डिस्चार्ज होकर घर वापस आईं, तब पता चला कि उनका दाहिना पैर ही सुन्न पड़ चुका है। वह अभी भी चल नहीं पा रही हैं। पूरी खबर पढ़िए
इसमें मैं कहना चाहूंगा कि जो व्यक्ति धर्म का पालन करता है या फिर वह कोई अनुष्ठान करता है। जैसे कि मैं कांवड़ लेकर जाऊंगा। वह कुछ नियम का पालन भी करता है। वह नियम लेता है कि असत्य नहीं बोलेगा, नंगे पैर चलेगा, ब्रह्मचर्य से रहेगा, सादे कपड़े पहनेगा आदि। इन नियमों में भोजन का नियम भी शामिल होता है। उसमें पवित्र भोजन का नियम होता है। हमारे सनातन में बाहर बना हुआ भोजन खरीदकर खाने का नियम नहीं है, बाहरी भोजन पाश्चात्य है।
बना हुआ भोजन खरीदकर खाना सनातन में अपवित्र माना गया है। हमारे यहां कच्चे अनाज को अपवित्र नहीं माना गया है। हम कच्चा अनाज खरीद सकते हैं। और अपने हाथ से बनाकर खा सकते हैं। ———– यह खबर भी पढ़िए PCS की पत्नी को 5 बार एनेस्थीसिया दी…पैर सुन्न हुआ:प्रयागराज में डॉक्टर बोलीं-पूरी ब्यूरोक्रेसी मुझे अरेस्ट कराना चाहती; ACMO बोले-उन्हें ट्रेनिंग पर भेजें प्रयागराज में ब्यूरोक्रेसी और डॉक्टर लॉबी के बीच खींचतान चल रही है। मुद्दा PCS अफसर की पत्नी को ऑपरेशन से पहले 5 बार एनेस्थीसिया देने के प्रयास का है। 10 अप्रैल, 2025 को डिलीवरी होने के बाद जब अधिकारी की पत्नी डिस्चार्ज होकर घर वापस आईं, तब पता चला कि उनका दाहिना पैर ही सुन्न पड़ चुका है। वह अभी भी चल नहीं पा रही हैं। पूरी खबर पढ़िए