उत्तर प्रदेश में बिजली के निजीकरण के खिलाफ बिजलीकर्मियों ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। नेशनल कोआर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स के आह्वान पर देशभर में 9 जुलाई को करीब 27 लाख बिजली कर्मचारी एक दिन की सांकेतिक हड़ताल करेंगे। इससे पहले 2 जुलाई को राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के 42 जनपदों में पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण की प्रक्रिया के विरोध में यह आंदोलन तेज हुआ है। संघर्ष समिति संयोजक शैलेंद्र दुबे ने बताया कि अगर निजीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ी तो सभी जिलों और परियोजनाओं में जेल भरो आंदोलन शुरू किया जाएगा। जेल भरो आंदोलन के लिए बनाई जाएंगी टीमें सप्ताह भर चलने वाले विरोध कार्यक्रम के दौरान सभी जनपदों में विरोध सभाएं होंगी और निजीकरण टेंडर जारी होते ही जेल भरो अभियान शुरू करने के लिए जिलावार टीमें बनाई जाएंगी। संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने कहा किबिजली कर्मचारियों को डराया नहीं जा सकता। हम निजीकरण का विरोध जारी रखेंगे, चाहे कुछ भी हो जाए।