यूपी में कांवड़ यात्रा 11 जुलाई से शुरू हो रही है। इससे पहले मुजफ्फरनगर में हंगामा हो गया। हिंदू संगठनों ने दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 पर चेकिंग अभियान शुरू किया है। कुछ लोग हाईवे पर स्थित पंडित जी वैष्णो ढाबे पर पहुंचे। वहां काम करने वाले कर्मचारियों से आधार कार्ड मांगे। नहीं दिए तो ढाबे पर लगा बारकोड स्कैन किया। उसमें मालिक का नाम मुस्लिम समुदाय का निकला। आरोप है कि इसके बाद उन लोगों ने कर्मचारियों को कमरे में ले जाकर पहचान करने की कोशिश की। ढाबा कर्मचारियों का आरोप है कि हिंदू संगठन के सदस्यों ने एक कर्मचारी को कमरे में खींचा। पैंट उतारने की कोशिश की, जिससे धार्मिक पहचान की जा सके। मौके पर पुलिस को बुलाना पड़ा। पुलिस ने समझाकर मामले को शांत कराया। मामला शनिवार का है। वीडियो रविवार को सामने आया है। अब जानिए पूरा मामला… 500 लोगों की टीम कांवड़ मार्ग पर ढाबों की कर रही जांच स्वामी यशवीर महाराज नाम के एक व्यक्ति ने हिंदू संगठनों के 500 लोगों की एक टीम बनाई है। टीम कांवड़ रूट्स पर ढाबों, होटलों और दुकानों की चेकिंग कर रहे हैं। स्वामी यशवीर का कहना है कि हमारा मकसद साफ है। हम जानना चाह रहे हैं कि कहीं किसी मुस्लिम व्यक्ति द्वारा हिंदू नाम का प्रयोग कर व्यापार तो नहीं किया जा रहा। नाम हिंदू, अधिकांश कर्मचारी मुस्लिम समुदाय से
इसी अभियान के तहत शनिवार शाम को टीम दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 पर स्थित पंडित जी वैष्णो ढाबा पर पहुंची। टीम का आरोप है कि यहां अधिकांश कर्मचारी मुस्लिम समुदाय से हैं, लेकिन उन्होंने अपनी पहचान छुपा रखी है। होटल भी हिंदू नाम से चलाया जा रहा है। पेटीएम स्कैनर में मुस्लिम मालिक का नाम
छत्रपति शिवाजी सेवा संगठन के मंत्री सुमित बजरंगी ने बताया– यह अभियान “थूक-मूत जिहाद से आजाद भारत” के नाम से चल रहा है। उन्होंने दावा किया जब हमने पेटीएम स्कैनर स्कैन किया तो उसमें मुस्लिम व्यक्ति का नाम जाबिर आया। जबकि होटल के बाहर दीक्षा शर्मा का नाम लिखा है। सुमित ने कहा, हमारा एक ही सवाल है कि अगर होटल का संचालन मुस्लिम कर रहा है तो वह ‘पंडित जी वैष्णो ढाबा’ के नाम से क्यों कर रहा है? उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के अंदर ढाबे का नाम बदला नहीं गया, तो होटल के बाहर धरना शुरू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि होटल कर्मचारी की पैंट उतारने का आरोप झूठा है, हमने किसी की पैंट नहीं उतारी, यह केवल झूठे आरोप हैं। हमने कानूनी दायरे में रहकर पहचान जांच की है। मेरी पैंट उतारने की कोशिश की, आधार खो गया है
ढाबे पर काम करने वाले कर्मचारी भोपाल ने आरोप लगाया– मैं हार्ट का मरीज हूं। दवा चल रही है। जब मैंने आधार कार्ड नहीं दिखाया तो इन्होंने मेरी पैंट उतारने की कोशिश की। मेरा आधार कार्ड खो गया है। मैं यहीं काम करता हूं और हिंदू हूं। पंडित जी के ढाबे पर काम करता हूं। मुझे थप्पड़ मारा गया, मैं नौकरी छोड़ दूंगा
सन्नवर राठौर ने कहा– मैं सिर्फ कर्मचारी हूं, होटल की मालकिन दीक्षा शर्मा हैं। होटल का रजिस्ट्रेशन भी उन्हीं के नाम पर है। कुछ लोग आकर बदतमीजी कर रहे थे, मुझे थप्पड़ मारा गया। अगर मुसलमान हिंदू के होटल पर काम नहीं कर सकता तो हम नौकरी छोड़ देंगे। होटल की महिला कर्मचारी सुमन ने कहा– मैं यहां कुछ ही दिन पहले काम पर लगी हूं। मुझे नहीं मालूम कि होटल का मालिक कौन है या उसका धर्म क्या है। सीओ बोलीं- जांच कर करेंगे कानूनी कार्रवाई
हंगामे की सूचना पर औरास थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस के अनुसार, जांच की जा रही है और यदि किसी पक्ष द्वारा कानून का उल्लंघन पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी। नई मंडी की सीओ रूपाली राय चौधरी ने कहा– अभी तक मामले में शिकायत नहीं मिली है। अगर शिकायत आएगी तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। 10 दिन पहले मंत्री ने कहा था- दुकानों पर अपना नाम लिखो मुजफ्फरनगर के विधायक और राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने 10 दिन पहले नेम प्लेट का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा- होटल या ढाबा कोई भी चलाए, लेकिन अपना असली नाम जरूर लिखे। सीएम योगी खुद इस यात्रा की तैयारियों पर नजर रख रहे हैं। देवी-देवताओं के नाम पर, खासकर हिंदू आस्था से जुड़े नामों पर कोई होटल या ढाबा ना हो, ये आदेश स्पष्ट है। अगर ऐसा कोई मामला पाया गया, तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी। पिछले साल भी योगी सरकार ने दुकानों पर नेम प्लेट लगाने का आदेश दिया था। जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी। आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
मंत्री ने कहा कि कावड़ यात्रा के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था या आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। करोड़ों शिवभक्त मुजफ्फरनगर से गुजरते हैं। सीएम का निर्देश है कि यात्रा पूरी सुरक्षा और श्रद्धा के माहौल में हो। प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। सरकार इस बार कावड़ यात्रा को लेकर किसी भी तरह की ढील नहीं देना चाहती। खास तौर पर होटल और ढाबा संचालकों को लेकर सरकार का संदेश साफ है। मुजफ्फरनगर से होकर गुजरते हैं 4 राज्यों के कांवड़िए
श्रावण मास की कांवड़ यात्रा में करोड़ों शिव भक्त गंगोत्री और हरिद्वार से जल लेकर अपने शिवालयों की ओर प्रस्थान करेंगे। मुजफ्फरनगर से होकर कांवड़िए दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान की ओर जाते हैं। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और एसएसपी संजय कुमार वर्मा यात्रा की तैयारियों का निरीक्षण कर रहे हैं। गंग नहर कावड़ पटरी मार्ग पर लाइटिंग व्यवस्था, बैरिकेडिंग और पेड़ों की छंटाई का काम तेजी से चल रहा है। 10 जुलाई को पहले सोमवार से जिले में कांवड़ियों की भारी भीड़ की उम्मीद है। सीएम योगी ने भी अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यात्रा के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यूपी सरकार का पिछले साल का आदेश 2024 कांवड़ यात्रा से पहले यूपी सरकार ने खाने-पीने की दुकानों पर नेम प्लेट यानी दुकानदार का नाम लिखना अनिवार्य कर दिया था। सरकार ने अपने आदेश में कहा था कि प्रदेश के सभी होटलों, ढाबों, रेस्टोरेंट की गहन जांच और हर कर्मचारी का पुलिस वेरिफिकेशन किया जाए। खाने की चीजों की शुद्धता के लिए खाद्य सुरक्षा अधिनियम में जरूरी बदलाव किए जाएं। खान-पान केंद्रों पर संचालक, प्रौपराइटर, मैनेजर का नाम और पता डिस्प्ले करना अनिवार्य होगा। पूरे रेस्टोरेंट में CCTV लगाने होंगे। कर्मचारियों को मास्क-ग्लव्ज पहनना जरूरी होगा। अब पढ़िए सुप्रीम कोर्ट का आदेश कोर्ट ने कहा- नाम लिखने को मजबूर न करें
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- दुकानदारों को पहचान बताने की जरूरत नहीं है। होटल चलाने वाले ये बता सकते हैं कि वह किस तरह का खाना यानी, शाकाहारी या मांसाहारी परोस रहे हैं, लेकिन उन्हें अपना नाम लिखने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। पुलिस ने इस मामले में अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल किया है। उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड सरकार को नोटिस जारी किया था। मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। तीनों राज्यों में कांवड़ यात्रा के रूट पर दुकान मालिकों को अपना नाम लिखने का आदेश दिया गया था। इसके खिलाफ एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स नाम के NGO ने 20 जुलाई 2024 को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। ————————————— यह खबर भी पढ़ें… अनिरुद्धाचार्य का वीडियो देख मुस्लिम युवती ने टीचर को फंसाया, MP से गोरखपुर बुलाकर शादी की, सुहागरात पर बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर मार डाला यूपी के कुशीनगर में मध्य प्रदेश के टीचर की हत्या कर दी गई। देवरिया की रहने वाली एक मुस्लिम युवती ने हिंदू बनकर टीचर को फंसाया। उसने टीचर को जबलपुर से कुशीनगर बुलाया और शादी की, फिर दोनों होटल चले गए। सुहागरात पर युवती उसे बहलाकर 25 किमी दूर अपने गांव ले गई। वहां उसने अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर टीचर की हत्या कर दी। पढ़ें पूरी खबर
इसी अभियान के तहत शनिवार शाम को टीम दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे-58 पर स्थित पंडित जी वैष्णो ढाबा पर पहुंची। टीम का आरोप है कि यहां अधिकांश कर्मचारी मुस्लिम समुदाय से हैं, लेकिन उन्होंने अपनी पहचान छुपा रखी है। होटल भी हिंदू नाम से चलाया जा रहा है। पेटीएम स्कैनर में मुस्लिम मालिक का नाम
छत्रपति शिवाजी सेवा संगठन के मंत्री सुमित बजरंगी ने बताया– यह अभियान “थूक-मूत जिहाद से आजाद भारत” के नाम से चल रहा है। उन्होंने दावा किया जब हमने पेटीएम स्कैनर स्कैन किया तो उसमें मुस्लिम व्यक्ति का नाम जाबिर आया। जबकि होटल के बाहर दीक्षा शर्मा का नाम लिखा है। सुमित ने कहा, हमारा एक ही सवाल है कि अगर होटल का संचालन मुस्लिम कर रहा है तो वह ‘पंडित जी वैष्णो ढाबा’ के नाम से क्यों कर रहा है? उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के अंदर ढाबे का नाम बदला नहीं गया, तो होटल के बाहर धरना शुरू किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि होटल कर्मचारी की पैंट उतारने का आरोप झूठा है, हमने किसी की पैंट नहीं उतारी, यह केवल झूठे आरोप हैं। हमने कानूनी दायरे में रहकर पहचान जांच की है। मेरी पैंट उतारने की कोशिश की, आधार खो गया है
ढाबे पर काम करने वाले कर्मचारी भोपाल ने आरोप लगाया– मैं हार्ट का मरीज हूं। दवा चल रही है। जब मैंने आधार कार्ड नहीं दिखाया तो इन्होंने मेरी पैंट उतारने की कोशिश की। मेरा आधार कार्ड खो गया है। मैं यहीं काम करता हूं और हिंदू हूं। पंडित जी के ढाबे पर काम करता हूं। मुझे थप्पड़ मारा गया, मैं नौकरी छोड़ दूंगा
सन्नवर राठौर ने कहा– मैं सिर्फ कर्मचारी हूं, होटल की मालकिन दीक्षा शर्मा हैं। होटल का रजिस्ट्रेशन भी उन्हीं के नाम पर है। कुछ लोग आकर बदतमीजी कर रहे थे, मुझे थप्पड़ मारा गया। अगर मुसलमान हिंदू के होटल पर काम नहीं कर सकता तो हम नौकरी छोड़ देंगे। होटल की महिला कर्मचारी सुमन ने कहा– मैं यहां कुछ ही दिन पहले काम पर लगी हूं। मुझे नहीं मालूम कि होटल का मालिक कौन है या उसका धर्म क्या है। सीओ बोलीं- जांच कर करेंगे कानूनी कार्रवाई
हंगामे की सूचना पर औरास थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस के अनुसार, जांच की जा रही है और यदि किसी पक्ष द्वारा कानून का उल्लंघन पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी। नई मंडी की सीओ रूपाली राय चौधरी ने कहा– अभी तक मामले में शिकायत नहीं मिली है। अगर शिकायत आएगी तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। 10 दिन पहले मंत्री ने कहा था- दुकानों पर अपना नाम लिखो मुजफ्फरनगर के विधायक और राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने 10 दिन पहले नेम प्लेट का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा- होटल या ढाबा कोई भी चलाए, लेकिन अपना असली नाम जरूर लिखे। सीएम योगी खुद इस यात्रा की तैयारियों पर नजर रख रहे हैं। देवी-देवताओं के नाम पर, खासकर हिंदू आस्था से जुड़े नामों पर कोई होटल या ढाबा ना हो, ये आदेश स्पष्ट है। अगर ऐसा कोई मामला पाया गया, तो उस पर सख्त कार्रवाई होगी। पिछले साल भी योगी सरकार ने दुकानों पर नेम प्लेट लगाने का आदेश दिया था। जिसपर सुप्रीम कोर्ट ने रोक लगा दी थी। आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
मंत्री ने कहा कि कावड़ यात्रा के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था या आस्था के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जा रहे हैं। करोड़ों शिवभक्त मुजफ्फरनगर से गुजरते हैं। सीएम का निर्देश है कि यात्रा पूरी सुरक्षा और श्रद्धा के माहौल में हो। प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है। सरकार इस बार कावड़ यात्रा को लेकर किसी भी तरह की ढील नहीं देना चाहती। खास तौर पर होटल और ढाबा संचालकों को लेकर सरकार का संदेश साफ है। मुजफ्फरनगर से होकर गुजरते हैं 4 राज्यों के कांवड़िए
श्रावण मास की कांवड़ यात्रा में करोड़ों शिव भक्त गंगोत्री और हरिद्वार से जल लेकर अपने शिवालयों की ओर प्रस्थान करेंगे। मुजफ्फरनगर से होकर कांवड़िए दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान की ओर जाते हैं। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और एसएसपी संजय कुमार वर्मा यात्रा की तैयारियों का निरीक्षण कर रहे हैं। गंग नहर कावड़ पटरी मार्ग पर लाइटिंग व्यवस्था, बैरिकेडिंग और पेड़ों की छंटाई का काम तेजी से चल रहा है। 10 जुलाई को पहले सोमवार से जिले में कांवड़ियों की भारी भीड़ की उम्मीद है। सीएम योगी ने भी अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से यात्रा के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। यूपी सरकार का पिछले साल का आदेश 2024 कांवड़ यात्रा से पहले यूपी सरकार ने खाने-पीने की दुकानों पर नेम प्लेट यानी दुकानदार का नाम लिखना अनिवार्य कर दिया था। सरकार ने अपने आदेश में कहा था कि प्रदेश के सभी होटलों, ढाबों, रेस्टोरेंट की गहन जांच और हर कर्मचारी का पुलिस वेरिफिकेशन किया जाए। खाने की चीजों की शुद्धता के लिए खाद्य सुरक्षा अधिनियम में जरूरी बदलाव किए जाएं। खान-पान केंद्रों पर संचालक, प्रौपराइटर, मैनेजर का नाम और पता डिस्प्ले करना अनिवार्य होगा। पूरे रेस्टोरेंट में CCTV लगाने होंगे। कर्मचारियों को मास्क-ग्लव्ज पहनना जरूरी होगा। अब पढ़िए सुप्रीम कोर्ट का आदेश कोर्ट ने कहा- नाम लिखने को मजबूर न करें
सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- दुकानदारों को पहचान बताने की जरूरत नहीं है। होटल चलाने वाले ये बता सकते हैं कि वह किस तरह का खाना यानी, शाकाहारी या मांसाहारी परोस रहे हैं, लेकिन उन्हें अपना नाम लिखने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। पुलिस ने इस मामले में अपनी ताकत का गलत इस्तेमाल किया है। उसे ऐसा नहीं करना चाहिए था। कोर्ट ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और उत्तराखंड सरकार को नोटिस जारी किया था। मामला अभी कोर्ट में विचाराधीन है। तीनों राज्यों में कांवड़ यात्रा के रूट पर दुकान मालिकों को अपना नाम लिखने का आदेश दिया गया था। इसके खिलाफ एसोसिएशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ सिविल राइट्स नाम के NGO ने 20 जुलाई 2024 को सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। ————————————— यह खबर भी पढ़ें… अनिरुद्धाचार्य का वीडियो देख मुस्लिम युवती ने टीचर को फंसाया, MP से गोरखपुर बुलाकर शादी की, सुहागरात पर बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर मार डाला यूपी के कुशीनगर में मध्य प्रदेश के टीचर की हत्या कर दी गई। देवरिया की रहने वाली एक मुस्लिम युवती ने हिंदू बनकर टीचर को फंसाया। उसने टीचर को जबलपुर से कुशीनगर बुलाया और शादी की, फिर दोनों होटल चले गए। सुहागरात पर युवती उसे बहलाकर 25 किमी दूर अपने गांव ले गई। वहां उसने अपने बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर टीचर की हत्या कर दी। पढ़ें पूरी खबर