लखनऊ के 82 प्राइमरी स्कूलों का हुआ विलय:महानिदेशक और डीएम को भेजी लिस्ट, पहली जुलाई से नए स्कूल में लगेगी क्लास

लखनऊ के नगर और ग्रामीण क्षेत्र के 30 से कम छात्र संख्या वाले 82 प्राइमरी स्कूलों का विलय नजदीकी स्कूलों में कर दिया गया है। अब इन स्कूलों के बच्चे पहली जुलाई से नए स्कूल में पढ़ाई करेंगे। इन प्राइमरी और जूनियर स्कूलों की स्कूल प्रबंध समिति (एसएमएसी) ने सहमति प्रस्ताव बीईओ को सौंप दिया है। बीएसए ने स्कूल शिक्षा महानिदेशक, निदेशक और डीएम समेत खंड शिक्षाधिकारी और स्कूल के प्रधानाध्यापकों को स्कूलों की सूची भेज दी है। लखनऊ में 1618 स्कूलों का हो रहा था संचालन फिलहाल राजधानी लखनऊ में 1618 प्राइमरी और जूनियर स्कूल संचालित किये जा रहे हैं। इनमें करीब एक लाख 70 हजार बच्चे नामांकित हैं। बीएसए कार्यालय ने 30 से कम छात्र संख्या वाले 133 स्कूल के विलय की सूची तैयार की थी। इनमें 82 स्कूलों की एसएमसी ने स्कूलों के विलय के सम्बन्ध में सहमति प्रस्ताव दे दिया है। इसी के आधार पर बीएसए राम प्रवेश ने कम छात्र संख्या वाले स्कूलों के प्रधानाध्यापक और शिक्षकों को निर्देश दिये हैं यहां के बच्चों की कक्षाएं पहली जुलाई से युग्मन वाले स्कूल में संचालित होंगी। जबकि 41 स्कूलों के स्कूल प्रबंध समिति ने विलय का प्रस्ताव नहीं दिया है। समिति के पदाधिकारी और प्रधान विलय के पक्ष में नहीं हैं। हालांकि विलय के सहमति प्रस्ताव के लिये बीईओ और एआरपी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों पर दबाव बना रहे हैं। शिक्षक कर रहे विरोध शिक्षकों कहना है कि स्कूलों में बच्चों और शिक्षकों के बैठने समेत कई अन्य इंतजाम नहीं किये गए हैं। हालांकि, फिलहाल शिक्षक भी खुलकर विरोध करते नहीं दिख रहे। कुछ शिक्षकों का कहना है कि बीएसए ने 82 स्कूल का विलय का आदेश कर दिया है, लेकिन नए स्कूल में बच्चों की संख्या बढ़ने पर कई तरह की अव्यवस्थाएं हो सकती हैं। बच्चे दो से तीन किमी की दूरी तय करके स्कूल पहुंचेंगे। बच्चों के साथ ही शिक्षकों के बैठने के लिये बेंच व कुर्सी से लेकर अन्य सुविधाएं मुहैया नहीं करायी गईं। शिक्षकों का कहना है कि पहले व्यवस्थाएं की जानी चाहिए थी। उसके बाद विलय की कार्रवाई की जाती है।