रात में 2 बजे पूजा होती थी, कमरे में अंधेरा रहता था। मोबाइल तांत्रिक बाहर रखवा देते थे। एक धूपबत्ती जलाते और चावल जमीन पर बिखेर देते। काली माता की फोटो रखकर हमसे कहते- ‘जय माता की’ जप करो। फिर कहा कि झुक जाओ। आपको मइया के दर्शन करा दें? फिर हम झुके रहते, तब मइया (तांत्रिक जिसे देवी का रूप बताता था) की आवाज सुनाई देती। आगरा में बीमार बेटी रितु को बचाने के लिए माता-पिता इस तरह से तांत्रिक के ट्रैप में फंस गए। हरिद्वार, बिजनौर और आगरा में 4 बार में 13.20 लाख रुपए दिए। 1.5 करोड़ का शोरूम सिर्फ 64 लाख रुपए में बेचना पड़ा। ताकि कर्ज चुकाया जा सके। मगर रितु को नहीं बचा सके। 9 जनवरी, 2025 को उसकी मौत हो गई। परिवार ने पुलिस को तांत्रिक और उसके साथियों की जानकारी दी। कुछ ऑडियो भी दिए, जिसमें वो लोग देवी मां बनकर बात करते थे। पुलिस ने 6 जुलाई को 5 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया। तांत्रिक ने ट्रैप में फंसाने के लिए कैसे गुमराह किया? ऐसे सवालों का जवाब जानने और परिवार का दर्द समझने के लिए दैनिक भास्कर की टीम नैनाना जाट इलाके में पीड़ित परिवार की घर पहुंची। पढ़िए रिपोर्ट… मंजू देवी से बातचीत घर में सबसे पहले हमारी मुलाकात रितु की मां मंजू देवी से हुई। उन्होंने कहा- वो तांत्रिक मेरी बेटी से कहता था कि खड़ी हो जा। दर्शन कर ले। तुझे धनवान बना दूंगी। तब हम कहते थे कि धनवान मत बनाओ। मेरी बेटी को सही कर दो। 2 मिनट बाद मइया चली गईं। हमे ऐसा लगता था कि देवी मां से बात हो रही है। देवी की उनसे फोन पर भी बात करवाई जाती। देवी के लिए वो लोग कपड़ों की डिमांड करते थे। भास्कर को ऐसा ही एक ऑडियो मिला है। जिसमें मंजू देवी और मइया बात कर रही हैं। पढ़िए पूरी बातचीत… वो माता रानी नहीं, तांत्रिक की टीम का कोई सदस्य था
मंजू देवी ने बताया- ये आवाजें जब हमें सुनाई जाती, तब हम सिर नीचे किए होते थे। जब सिर उठाते तो एक महिला उस रूप में दिखती, जैसे माता रानी का रूप बताया और दिखाया जाता है। उसी तरह से श्रृंगार किया हुआ होता था। रोशनी कम होती थी, इसलिए चेहरा साफ नहीं दिखता था। लेकिन, आवाज तो महिला की ही लगती थी। बहुत प्यार से हम लोगों से बात करती थीं। हर बार की पूजा में इसी तरह पूरी तैयारी की जाती थी। चावल, मिठाई, नारियल, धूप बत्ती रखते थे। रोशनी कर देते थे। हर बार रात में दो बजे के आसपास ही पूजा कराई जाती थी। फिर एक देवी के रूप में कोई आता था। वो एक से दो मिनट ही बात करता था। देवी कभी आगरा में हुई पूजा के दौरान नहीं आईं। पैसे पूरे करके दो, घातक समय है
मंजू देवी ने बताया-मइया से बात हुई तो उन्होंने बोला कि जो तुमसे कहा था वो पूरा करके दो। इस पर मंजू देवी ने कहा कि अभी पूरे पैसे नहीं है। 2 लाख ही हैं। मइया ने कहा कि पूरे 4 करके भेजना। प्रशांत (उदयभान सिंह का बेटा) का समय घातक है। प्रात: 4 बजे ही चल देना। अगर प्रशांत को कुछ हो गया तो मुझसे सवाल करेगी, मैं जवाब नहीं दे पाऊंगी। बल्केश्वर मंदिर में सचिन नाम का एक युवक पैसे लेने आया था। लेकिन वो प्रसाद लेने के बहाने मंदिर के बाहर गया, फिर लौटा नहीं। थोड़ी देर बाद मेरे फोन पर कॉल आई। सचिन ने मइया से फोन पर बात कराई। मइया गुस्सा कर रही थी। कह रही थी कि तूने ऐसा क्यों किया। मैं देख रही हूं कि तूने अपने मंदिर पर दीपक नहीं जलाया है, दीपक जला। तेरे मन में छल आ रहा है। पति-पत्नी दीपक जलाओ, फिर मुझसे वार्ता करना। इस साल जनवरी से मार्च तक वो बार-बार साढ़े तीन लाख रुपए मांग रहे थे। साथ ही धमका रहे थे कि अगर पैसे नहीं दिए तो पूरे परिवार को मार देंगे। जैसे बेटी की मौत हुई, वैसे ही पति और बेटे की भी मौत हो जाएगी। बार-बार हरिद्वार आने को कहते थे। सचिन ने मांगे थे अंडरगार्मेंट्स
मंजू देवी ने बताया-एक बार सचिन ने मइया के लिए कपड़े मांगे। हमने कहा कि हम ले आएंगे। तो उसने कहा कि पूरे कपड़े चाहिए। हमने कहा कि चुनरी, लहंगा के साथ ही श्रृंगार का सामान भी लाएंगे। इस पर सचिन ने कहा कि नहीं, मइया के लिए अंडर गारमेंट भी लेकर आना। यह बात सुनकर हम सकते में आ गए। अब पति की बात सचिन नाम का युवक मइया से बात कराता था
उदयभान सिंह ने बताया-मेरी पत्नी मंजू देवी के पास सचिन नाम के युवक के अक्सर फोन आते थे। दिन में दो-तीन बार बात होती थी। कई बार वो माता रानी से भी मेरी पत्नी की बात कराते थे। सचिन कहता था कि मइया से बात करोगे? मेरे हां कहने पर वो मइया से बात कराता था। मइया मेरा और पूरे परिवार का हालचाल लेती थी। कहती थी कि चिंता मत कर, मैं सब ठीक कर दूंगी। बेटी की मौत की नहीं थी उन्हें जानकारी
उदयभान सिंह ने बताया-उन्हें हमारी बेटी की मौत की जानकारी नहीं थी। वे बेटी की मौत के बाद भी साढ़े तीन लाख रुपए की मांग कर रहे थे। 9 जनवरी को बेटी की मौत हुई थी। 14 जनवरी को हम गंगा में अस्थि विसर्जन के बाद लौट रहे थे। तब भी फोन आया, तो हम गुस्सा हो गए। फिर हमने गुस्से में कहा कि बेटी तो हमारी मर गई, तुम्हें जानकारी नहीं हो पाई। अब हम पैसे नहीं देंगे। मेरी बेटी बहुत प्यारी थी। इन लोगों ने पता नहीं मुझ पर क्या जादू किया था कि मैं सिर्फ इनकी बात सुनता था। उन्होंने मुझे कहा कि बेटी को डॉक्टर को मत दिखाओ, तो मैंने उसका इलाज बंद कर दिया। जब बेटी की मौत हुई, वो 15 साल 11 दिन की थी। जहां पूजा, वहीं श्मशान में अंतिम संस्कार किया
उदयभान ने कहा- बेटी के लिए ठगों ने 5 बार हरिद्वार में बुलवाकर पूजा कराई। 3 बार घर पर पूजा की। एक बार घर के सामने ही श्मशान पर पूजा कराई। पूजा में मंत्र नहीं, सिर्फ जय माता का जाप करते थे। फिर 9 जनवरी, 2025 को बेटी की मौत हो गई। जिस जगह श्मशान में पूजा कराई थी, बेटी की मौत के बाद वहीं उसका अंतिम संस्कार किया। ट्रेन में युवक ने तांत्रिक का पता दिया
उदयभान और मंजू देवी की 15 साल की बेटी रितु बीमार रहती थी। वो दिसंबर 2024 में दिल्ली में डॉक्टर को दिखाकर ट्रेन से लौट रहे थे। तभी उन्हें दीपक नाम का युवक मिला। उनसे बातचीत करने लगा। उसने कहा कि बेटी पर ऊपरी चक्कर है। उसके गुरु है। उनके पास हरिद्वार चले जाना। वह तंत्र-मंत्र से इलाज कर देते हैं। इस पर वो बेटी को हरिद्वार लेकर पहुंचे, जहां दीपक ने मल्लू नामक व्यक्ति से मिलवाया। बेटी को देखने के बाद उन्होंने कहा कि 31 हजार रुपए में पूजा होगी। उसने कहा कि जैसे-जैसे माता रानी की बेटी पर कृपा होगी, वैसे ही आपको बड़ी पूजा करानी होगी। कुछ दिन बाद मल्लू अपने चेलों के साथ उनके घर आया। घर आते ही कहा कि पूजा बहुत जरूरी है। रोग तभी कटेगा जब पूजा होगी। 3.5 लाख रुपए का खर्चा बताया। उन्होंने रुपए दे दिए। रात में तांत्रिक करता था पूजा
आरोप है कि रात में कथित तांत्रिक मल्लू ने पूजा शुरू की। कमरे में अंधेरा कर दिया। एक महिला की आवाज आई, ऐसा दिखाया जैसे मइया आ गई हैं। पूजा के बाद मल्लू ने मोबाइल मांगा। इस पर उसे खरीदकर दे दिया। कुछ दिन बाद उसने फोन करके एक और पूजा कराने के लिए ग्राम नहटौर, बिजनौर बुलाया। वहां सुनसान जगह श्मशान के पास पूजा की। 4 लाख रुपए और लिए। कहा कि बेटी को 70 प्रतिशत आराम मिला है। कई बार में आरोपियों ने 11 लाख रुपए ले लिए। 9 जनवरी 2025 को बीमारी के कारण बेटी की मृत्यु हो गई। आरोपी कथित तांत्रिक अब भी माता रानी के नाराज होने की बात कहकर 3.5 लाख रुपए और देने का दबाव बना रहा है। वो कहने लगा कि अगर पूजा नहीं कराई तो जैसे बेटी की मौत हुई है, वैसे एक एक करके सभी की मौत हो जाएगी। बेटी की मौत के बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इस पर पुलिस से शिकायत की थी। ————————- ये खबर भी पढ़ें… प्रेमिका को शराब पिलाई, उत्तराखंड में नदी में धकेला:प्रेमी बोला- साथ रहने की जिद कर रही थी, जालौन में पति को छोड़कर भागी उत्तराखंड में जालौन की शादीशुदा महिला की हत्या उसके प्रेमी ने की थी। महिला का भीमताल में 7 जून को शव मिला था। महिला प्रेमी के साथ रहने की जिद कर रही थी। प्रेमी महिला और उसके दो बच्चों की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं था। काफी समझाने पर भी महिला नहीं मानी तो प्रेमी ने उसकी हत्या कर दी। पढ़ें पूरी खबर….
मंजू देवी ने बताया- ये आवाजें जब हमें सुनाई जाती, तब हम सिर नीचे किए होते थे। जब सिर उठाते तो एक महिला उस रूप में दिखती, जैसे माता रानी का रूप बताया और दिखाया जाता है। उसी तरह से श्रृंगार किया हुआ होता था। रोशनी कम होती थी, इसलिए चेहरा साफ नहीं दिखता था। लेकिन, आवाज तो महिला की ही लगती थी। बहुत प्यार से हम लोगों से बात करती थीं। हर बार की पूजा में इसी तरह पूरी तैयारी की जाती थी। चावल, मिठाई, नारियल, धूप बत्ती रखते थे। रोशनी कर देते थे। हर बार रात में दो बजे के आसपास ही पूजा कराई जाती थी। फिर एक देवी के रूप में कोई आता था। वो एक से दो मिनट ही बात करता था। देवी कभी आगरा में हुई पूजा के दौरान नहीं आईं। पैसे पूरे करके दो, घातक समय है
मंजू देवी ने बताया-मइया से बात हुई तो उन्होंने बोला कि जो तुमसे कहा था वो पूरा करके दो। इस पर मंजू देवी ने कहा कि अभी पूरे पैसे नहीं है। 2 लाख ही हैं। मइया ने कहा कि पूरे 4 करके भेजना। प्रशांत (उदयभान सिंह का बेटा) का समय घातक है। प्रात: 4 बजे ही चल देना। अगर प्रशांत को कुछ हो गया तो मुझसे सवाल करेगी, मैं जवाब नहीं दे पाऊंगी। बल्केश्वर मंदिर में सचिन नाम का एक युवक पैसे लेने आया था। लेकिन वो प्रसाद लेने के बहाने मंदिर के बाहर गया, फिर लौटा नहीं। थोड़ी देर बाद मेरे फोन पर कॉल आई। सचिन ने मइया से फोन पर बात कराई। मइया गुस्सा कर रही थी। कह रही थी कि तूने ऐसा क्यों किया। मैं देख रही हूं कि तूने अपने मंदिर पर दीपक नहीं जलाया है, दीपक जला। तेरे मन में छल आ रहा है। पति-पत्नी दीपक जलाओ, फिर मुझसे वार्ता करना। इस साल जनवरी से मार्च तक वो बार-बार साढ़े तीन लाख रुपए मांग रहे थे। साथ ही धमका रहे थे कि अगर पैसे नहीं दिए तो पूरे परिवार को मार देंगे। जैसे बेटी की मौत हुई, वैसे ही पति और बेटे की भी मौत हो जाएगी। बार-बार हरिद्वार आने को कहते थे। सचिन ने मांगे थे अंडरगार्मेंट्स
मंजू देवी ने बताया-एक बार सचिन ने मइया के लिए कपड़े मांगे। हमने कहा कि हम ले आएंगे। तो उसने कहा कि पूरे कपड़े चाहिए। हमने कहा कि चुनरी, लहंगा के साथ ही श्रृंगार का सामान भी लाएंगे। इस पर सचिन ने कहा कि नहीं, मइया के लिए अंडर गारमेंट भी लेकर आना। यह बात सुनकर हम सकते में आ गए। अब पति की बात सचिन नाम का युवक मइया से बात कराता था
उदयभान सिंह ने बताया-मेरी पत्नी मंजू देवी के पास सचिन नाम के युवक के अक्सर फोन आते थे। दिन में दो-तीन बार बात होती थी। कई बार वो माता रानी से भी मेरी पत्नी की बात कराते थे। सचिन कहता था कि मइया से बात करोगे? मेरे हां कहने पर वो मइया से बात कराता था। मइया मेरा और पूरे परिवार का हालचाल लेती थी। कहती थी कि चिंता मत कर, मैं सब ठीक कर दूंगी। बेटी की मौत की नहीं थी उन्हें जानकारी
उदयभान सिंह ने बताया-उन्हें हमारी बेटी की मौत की जानकारी नहीं थी। वे बेटी की मौत के बाद भी साढ़े तीन लाख रुपए की मांग कर रहे थे। 9 जनवरी को बेटी की मौत हुई थी। 14 जनवरी को हम गंगा में अस्थि विसर्जन के बाद लौट रहे थे। तब भी फोन आया, तो हम गुस्सा हो गए। फिर हमने गुस्से में कहा कि बेटी तो हमारी मर गई, तुम्हें जानकारी नहीं हो पाई। अब हम पैसे नहीं देंगे। मेरी बेटी बहुत प्यारी थी। इन लोगों ने पता नहीं मुझ पर क्या जादू किया था कि मैं सिर्फ इनकी बात सुनता था। उन्होंने मुझे कहा कि बेटी को डॉक्टर को मत दिखाओ, तो मैंने उसका इलाज बंद कर दिया। जब बेटी की मौत हुई, वो 15 साल 11 दिन की थी। जहां पूजा, वहीं श्मशान में अंतिम संस्कार किया
उदयभान ने कहा- बेटी के लिए ठगों ने 5 बार हरिद्वार में बुलवाकर पूजा कराई। 3 बार घर पर पूजा की। एक बार घर के सामने ही श्मशान पर पूजा कराई। पूजा में मंत्र नहीं, सिर्फ जय माता का जाप करते थे। फिर 9 जनवरी, 2025 को बेटी की मौत हो गई। जिस जगह श्मशान में पूजा कराई थी, बेटी की मौत के बाद वहीं उसका अंतिम संस्कार किया। ट्रेन में युवक ने तांत्रिक का पता दिया
उदयभान और मंजू देवी की 15 साल की बेटी रितु बीमार रहती थी। वो दिसंबर 2024 में दिल्ली में डॉक्टर को दिखाकर ट्रेन से लौट रहे थे। तभी उन्हें दीपक नाम का युवक मिला। उनसे बातचीत करने लगा। उसने कहा कि बेटी पर ऊपरी चक्कर है। उसके गुरु है। उनके पास हरिद्वार चले जाना। वह तंत्र-मंत्र से इलाज कर देते हैं। इस पर वो बेटी को हरिद्वार लेकर पहुंचे, जहां दीपक ने मल्लू नामक व्यक्ति से मिलवाया। बेटी को देखने के बाद उन्होंने कहा कि 31 हजार रुपए में पूजा होगी। उसने कहा कि जैसे-जैसे माता रानी की बेटी पर कृपा होगी, वैसे ही आपको बड़ी पूजा करानी होगी। कुछ दिन बाद मल्लू अपने चेलों के साथ उनके घर आया। घर आते ही कहा कि पूजा बहुत जरूरी है। रोग तभी कटेगा जब पूजा होगी। 3.5 लाख रुपए का खर्चा बताया। उन्होंने रुपए दे दिए। रात में तांत्रिक करता था पूजा
आरोप है कि रात में कथित तांत्रिक मल्लू ने पूजा शुरू की। कमरे में अंधेरा कर दिया। एक महिला की आवाज आई, ऐसा दिखाया जैसे मइया आ गई हैं। पूजा के बाद मल्लू ने मोबाइल मांगा। इस पर उसे खरीदकर दे दिया। कुछ दिन बाद उसने फोन करके एक और पूजा कराने के लिए ग्राम नहटौर, बिजनौर बुलाया। वहां सुनसान जगह श्मशान के पास पूजा की। 4 लाख रुपए और लिए। कहा कि बेटी को 70 प्रतिशत आराम मिला है। कई बार में आरोपियों ने 11 लाख रुपए ले लिए। 9 जनवरी 2025 को बीमारी के कारण बेटी की मृत्यु हो गई। आरोपी कथित तांत्रिक अब भी माता रानी के नाराज होने की बात कहकर 3.5 लाख रुपए और देने का दबाव बना रहा है। वो कहने लगा कि अगर पूजा नहीं कराई तो जैसे बेटी की मौत हुई है, वैसे एक एक करके सभी की मौत हो जाएगी। बेटी की मौत के बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ। इस पर पुलिस से शिकायत की थी। ————————- ये खबर भी पढ़ें… प्रेमिका को शराब पिलाई, उत्तराखंड में नदी में धकेला:प्रेमी बोला- साथ रहने की जिद कर रही थी, जालौन में पति को छोड़कर भागी उत्तराखंड में जालौन की शादीशुदा महिला की हत्या उसके प्रेमी ने की थी। महिला का भीमताल में 7 जून को शव मिला था। महिला प्रेमी के साथ रहने की जिद कर रही थी। प्रेमी महिला और उसके दो बच्चों की जिम्मेदारी लेने के लिए तैयार नहीं था। काफी समझाने पर भी महिला नहीं मानी तो प्रेमी ने उसकी हत्या कर दी। पढ़ें पूरी खबर….